नई दिल्ली। भारत में नमक की ढुलाई को आसान और बेहतर बनाने के लिए रेलवे ने नई पहल शुरू की है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुजरात के कच्छ में देश की पहली स्टेनलेस स्टील साल्ट कंटेनर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन कच्छ के शिवलखा से गुजरात के ही मिथापुर तक नमक पहुंचाएगी।
इस ट्रेन में नमक ले जाने के लिए खास तौर पर तैयार किए गए स्टेनलेस स्टील कंटेनर इस्तेमाल किए गए हैं। इन कंटेनरों में ऊपर से नमक लोड किया जाएगा, जबकि कंटेनर को झुकाकर साइड से नमक उतारा जा सकेगा।
नए कंटेनर में कई सुविधाएं
रेल मंत्री ने कहा कि गुजरात से देश के अलग-अलग हिस्सों में नमक की ढुलाई के दौरान कई तरह की समस्याएं आती थीं। सामान्य रेलवे वैगन में कई बार वैगन का वजन नमक के वजन से ज्यादा हो जाता था। इसके अलावा नमक नमी सोख लेता है, जिससे मंजिल तक पहुंचने के दौरान वह गीला हो सकता था।
नई व्यवस्था से लोडिंग, अनलोडिंग और हैंडलिंग की इन समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी। स्टेनलेस स्टील कंटेनर का इस्तेमाल कंटेनर और नमक के वजन के बीच बेहतर संतुलन बनाने में भी मदद करेगा।
4 नए कार्गो टर्मिनल देश को समर्पित
इस मौके पर अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुजरात में चार गति शक्ति कार्गो टर्मिनल्स (जीसीटी) भी देश को समर्पित किए।
इनमें कच्छ का भीमासर, जूनागढ़ का देवलीया, बनासकांठा का चांदिसर और कच्छ का शिवलखा शामिल हैं।
इसके अलावा मेहसाणा के लिनच में एक नए गति शक्ति कार्गो टर्मिनल की आधारशिला भी रखी गई।
कच्छ में रेल कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान गुजरात के कच्छ क्षेत्र में रेलवे की ओर से किए जा रहे कई विकास कार्यों की भी जानकारी दी गई। इस दौरान गोपालपुर रेलवे स्टेशन का भी उद्घाटन किया गया।
नए स्टेशन के विकसित होने से आसपास के इलाकों में रेल कनेक्टिविटी और यात्रियों की सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है। इसका एक अहम परिचालन लाभ यह होगा कि अहमदाबाद और भुज की ओर से आने-जाने वाली ट्रेनों को गांधीधाम में इंजन रिवर्सल की जरूरत नहीं पड़ेगी।














