ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच व्यापार जल्द शुरू होने वाला है। भारतीय व्यापारी चीन जाने को तैयार हैं। अगले सप्ताह से सीमा पर व्यापार शुरू होने की संभावना है। व्यापारिक गतिविधियों के लिए और व्यापार को सुगम बनाने के लिए स्यांगचिम नया पड़ाव बनाया गया है। सुरक्षा और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए संबंधित एजेंसियों की सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया है।
व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े घोड़े, खच्चरों और पोर्टरों के ठहरने के लिए नाभिडांग से आगे स्थित स्यांगचिम स्थल का चयन किया गया है। पूर्व में डोंगकोंग स्थित लोक निर्माण विभाग के गैंग हट्स में ठहराव व्यवस्था पर विचार किया गया था, लेकिन व्यापारियों ने स्यांगचिम में व्यवस्था करने की मांग रखी थी। इसके बाद आईटीबीपी, ट्रेड अधिकारियों, भारत-चीन व्यापार समिति के पदाधिकारियों और गुंजी मंडी के कस्टम अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद स्यांगचिम को व्यापारिक गतिविधियों के लिए अधिक उपयुक्त मानते हुए यहां घोड़े-खच्चरों और पोर्टरों के विश्राम स्थल की व्यवस्था करने पर सहमति बनी।
सीमा व्यापार के लिए 77 ट्रेड पास जारी
एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि भारत-चीन सीमा व्यापार के लिए स्यांगचिम को पड़ाव स्थल के रूप में चयनित किया गया है और सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सीमा व्यापार के लिए अब तक 77 ट्रेड पास जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 40 व्यापारी और 37 हेल्पर शामिल हैं। भारत-चीन व्यापार समिति के महासचिव दौलत सिंह रायपा ने कहा कि स्यांगचिम में नई व्यवस्था बनने से व्यापार संचालन में सुविधा मिलेगी।
व्यापारी चीन जाने के लिए तैयार
बुंदी, गब्र्त्यांग, नपल्च्यू आदि क्षेत्रों के व्यापारियों ने लाखों रुपये का सामान पहले ही एकत्र कर लिया है।
इन चीजों का व्यापार करते हैं भारतीय
व्यापारी व्यापार शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। भारतीय व्यापारी गुड़, मिसरी, चाय, कॉफी, चावल, दालें, गेहूं, आटा, जौ, सूखे मेवे, मसाले, तंबाकू-सिगरेट, कृषि उपकरण, कपड़े, जूते, बर्तन, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद, धार्मिक सामग्री व हर्बल दवाइयां चीन लेकर जाते हैं।














