ब्लिट्ज ब्यूरो
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के एमएलसी सचिन अहीर महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति निर्विरोध निर्वाचित हो गए। उन्होंने सत्तारूढ़ महायुति के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया था। उनके निर्विरोध चुने जाने से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाड़ी (एमवीए) ने शुरुआत में शिवसेना (यूबीटी) के जगन्नाथ अभ्यंकर को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन बाद में उनका नाम वापस ले लिया गया। विधानमंडल कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल की अपील पर शिवसेना (यूबीटी) के विधायक अनिल परब ने सदन में अभ्यंकर की उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा की। इसके बाद सचिन अहीर निर्विरोध उपसभापति चुने गए।
सचिन अहीर ने विगत दिवस उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया था। यह फैसला शिवसेना के भीतर भी कई नेताओं के लिए चौंकाने वाला था। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब एक सप्ताह पहले ही शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी लोकसभा सांसद शिंदे गुट में शामिल हुए थे। महायुति में भाजपा और एनसीपी भी शामिल हैं।













