ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। समुद्री परिवहन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए उत्तरी आयरलैंड की राजधानी बेलफास्ट स्थित कंपनी आर्टेमिस टेक्नोलॉजीज ने दुनिया की पहली 100% इलेक्टि्रक हाइड्रोफॉइल पायलट बोट ‘आर्टेमिस ईएफ-12 पायलट’ पेश की है। यह अत्याधुनिक बोट अब अपने समुद्री परीक्षणों के दौर से गुजर रही है। जीरो एमिशन वाली यह तकनीक खास तौर से हार्बर पायलटों के सुरक्षित और ईजी ट्रांसफर के लिए डिजाइन की गई है, जो समुद्री ऑपरेशनों में स्थिरता और पर्यावरण-अनुकूल बदलाव लाती है।
डीजल इंजन पर घटेगी निर्भरता
दरअसल, परंपरागत पायलट बोट्स भारी-भरकम डीजल इंजनों पर निर्भर होती हैं, ताकि वे समुद्री लहरों का सामना कर सकें, लेकिन आर्टेमिस की यह बोट ई-फॉइलर तकनीक का उपयोग करती है। स्पीड पकड़ते ही यह जहाज समुद्र की सतह से ऊपर उठ जाती है, जिससे लहरों का दबाव और ऊर्जा की खपत कम हो जाती है। यह न केवल शोर को कम करती है, बल्कि पारंपरिक डीजल नावों की तुलना में क्रू के लिए 6 गुना कम बॉडी वाइब्रेशन पैदा करती है।
सेफ और स्टेबल ट्रांसफर
आपको बता दें कि हार्बर पायलटों का काम समुद्र में सबसे खतरनाक माना जाता है, जहां उन्हें चलते हुए कार्गो जहाजों पर कूदना पड़ता है। आर्टेमिस ईएफ-12 पायलट को इसी जोखिम को कम करने के लिए बनाया गया है। इसमें एक एक्टिव फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम है, जो बोट की ऊंचाई, रोल और पिच को स्थिर रखता है। इस तकनीक से हाई स्पीड पर भी पायलटों का ट्रांसफर बेहद सुरक्षित और आसान हो जाता है। यह 37 मील प्रति घंटे की टॉप स्पीड हासिल कर सकती है और एक बार चार्ज होने पर 52 से 63 मील तक की दूरी तय कर सकती है।













