• Latest
  • Trending

नौसेना को मिला ब्रह्मोस-बराक से लैस नया युद्धपोत हिमगिरि

August 9, 2025
daily-news

14416 पर चार साल में 47.75 लाख कॉल

October 10, 2026
medicine

दवा, कोयला, खादी और व्यापार पर सरकार के नए कदम

October 9, 2026
अर्थव्यवस्था

जीएसटी सुधार, नाविकों की संख्या और भारतनेट का विस्तार

October 9, 2026
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

October 5, 2026
स्लीमनाबाद टनल

विंध्य की धरती को मिलेगा मां नर्मदा का आशीर्वाद, जल सुरंग की खुदाई पूरी

October 5, 2026
Sunday, October 11, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

नौसेना को मिला ब्रह्मोस-बराक से लैस नया युद्धपोत हिमगिरि

'मेड इन इंडिया' मिशन की लंबी छलांग

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 9, 2025
in the blitz
0

YOU MAY ALSO LIKE

14416 पर चार साल में 47.75 लाख कॉल

दवा, कोयला, खादी और व्यापार पर सरकार के नए कदम

आस्था भट्टाचार्य

नई दिल्ली। भारत के आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) लिमिटेड ने भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाई जा रही तीन एडवांस्ड गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट्स में से पहली फ्रिगेट ‘हिमगिरि’ को सौंप दिया। यह नौसेना की समुद्री सतह पर लड़ने वाली शक्ति को मजबूत करने में एक बड़ा कदम है।
‘हिमगिरि’ का सफर और महत्व
‘हिमगिरि’ जीआरएसई द्वारा बनाई और सौंपी गई 801 वीं नाव है और 112वां युद्धपोत है। यह फ्रिगेट जीआरएसई के 65 साल के सफर में बनाई गई सबसे बड़ी और तकनीकी रूप से उन्नत जहाजों में से एक है। इसकी लंबाई 149 मीटर है, वजन 6,670 टन है। यह नौसेना के लिए एक शानदार तोहफा है, जो देश की शिपबिल्डिंग में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
प्रोजेक्ट 17ए की कीमत 21,833 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसने भारत के छोटे-मोटे उद्यमों (एसएसएमईज), स्टार्टअप्स, और मूल उपकरण निर्माताओं (पीएमएस) को फायदा पहुंचाया है। इससे नौकरियां पैदा हुई हैं। देश का रक्षा उद्योग मजबूत हुआ है। ईस्टर्न नेवल कमांड के चीफ स्टाफ ऑफिसर (टेक्निकल) रियर एडमिरल रवनीश सेठ ने नौसेना की ओर से ‘हिमगिरि’ को स्वीकार किया।
कब और कैसे बनी ‘हिमगिरि’?
‘हिमगिरि’ का जलावतरण (लॉन्च) 14 दिसंबर 2020 को हुआ था। इसे बनाने में जीआरएसई ने पूरी मेहनत लगाई, और अब यह नौसेना के लिए तैयार है। यह जहाज आधुनिक हथियारों से लैस है, जैसे कि ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, जो दुश्मन की नौकाओं और जमीन पर हमले के लिए इस्तेमाल हो सकती है। इसके अलावा, बराक-8 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें हवा से आने वाले खतरे को रोकने में मदद करती हैं। इस फ्रिगेट में डीजल और गैस टरबाइन का संयुक्त प्रणोदन तंत्र (कोडाग) लगा है, जो इसे तेज और शक्तिशाली बनाता है। इसमें एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे (एईएसए) रडार और उन्नत युद्ध प्रणाली है, जो हवा, सतह और पानी के नीचे के सभी खतरे से निपटने में सक्षम है। जहाज में 225 जवानों के रहने की व्यवस्था है। हेलिकॉप्टर उड़ाने के लिए पूरा सिस्टम तैयार किया गया है। यह न केवल लड़ाई के लिए तैयार है, बल्कि जवानों के आराम का भी ख्याल रखता है।
‘आत्मनिर्भर भारत’ का प्रतीक
‘हिमगिरि’ भारतीय सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ का प्रतीक है। इसका मतलब है कि हम अपने दम पर हथियार और जहाज बना सकते हैं। इस प्रोजेक्ट में ज्यादातर सामान और तकनीक भारत में ही बनाई गई है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और आत्मविश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। जीआरएसई ने इस जहाज को बनाने में स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं और तकनीशियनों का सहारा लिया, जो ‘मेड इन इंडिया’ की ताकत को दिखाता है।
जीआरएसई का भविष्य और अन्य प्रोजेक्ट्स
जीआरएसई अभी 15 युद्धपोतों पर काम कर रहा है, जो चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटे गए हैं। इनमें से ‘अंध्रोथ’ (दूसरी एंटी-सबमरीन वारफेयर शैडो वॉटर क्राफ्ट) और ‘इक्षाक’ (तीसरा सर्वे वेसल लार्ज) ने समुद्री परीक्षण पूरे कर लिए हैं और जल्दी ही सौंपे जाएंगे। बाकी 13 जहाज निर्माण के अलग-अलग चरणों में हैं।
इसके अलावा, जीआरएसई को नौसेना के अगली पीढ़ी के कोरवेट प्रोग्राम के लिए सबसे कम बोली लगाने वाला घोषित किया गया है। जल्द ही पांच जहाज बनाने का कॉन्ट्रैक्ट फाइनल होने वाला है।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation