• Latest
  • Trending
पीएम, नेता विपक्ष, सीजेआई का पैनल चुनेगा सीईसी व चुनाव आयुक्तों को

पीएम, नेता विपक्ष, सीजेआई का पैनल चुनेगा सीईसी व चुनाव आयुक्तों को

March 10, 2023
स्वच्छ ऊर्जा से मजबूत हो रही भारत की ऊर्जा सुरक्षा

21 लाख सोलर घरों का बिजली बिल शून्य

November 3, 2026
श्रीहरिकोटा से एनवीएस-03 लेकर उड़ान भरता जीएसएलवी-एफ18। एजेंसी जांच: तस्वीर पर एएनआई, पीटीआई या रॉयटर्स का नाम हो तो न लगाएं।

नाविक को मिला तीसरा नया उपग्रह

November 2, 2026
नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

October 31, 2026
नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

October 31, 2026
युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

October 31, 2026
केविन पीटरसन ने बताया, कैसे बदल रहा है भारत

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

October 31, 2026
यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

October 31, 2026
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

October 31, 2026
फिर बदला भदोही का नाम

फिर बदला भदोही का नाम

October 31, 2026
'मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी'

‘मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी’

October 31, 2026
गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

October 31, 2026
बेलापुर में भूमि के दाम आसमान पर

बेलापुर में भूमि के दाम आसमान पर

October 31, 2026
Tuesday, November 3, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

पीएम, नेता विपक्ष, सीजेआई का पैनल चुनेगा सीईसी व चुनाव आयुक्तों को

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इलेक्शन कमीशन का स्वतंत्र होना जरूरी

by ब्लिट्ज़ इंडिया
March 10, 2023
in राष्ट्रीय
0
पीएम, नेता विपक्ष, सीजेआई का पैनल चुनेगा सीईसी व चुनाव आयुक्तों को

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला दिया है । कोर्ट ने आदेश दिया कि पीएम , लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और सीजेआई का पैनल इनकी नियुक्ति करेगा। पहले सिर्फ केंद्र सरकार इनका चयन करती थी।

5 सदस्यीय बेंच ने कहा कि ये कमेटी नामों की सिफारिश राष्ट्रपति को करेगी। इसके बाद राष्ट्रपति मुहर लगाएंगे। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में साफ कहा कि यह प्रोसेस तब तक लागू रहेगी, जब तक संसद चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर कोई कानून नहीं बना लेती। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह चयन प्रक्रिया सीबीआई डायरेक्टर की तर्ज पर होनी चाहिए।

YOU MAY ALSO LIKE

राफेल, सुखोई के साथ काशी में दिखा वायुसेना का दम

मन की बात मेरे लिए तीर्थ यात्रा से कम नहीं: पीएम मोदी

वोट की ताकत सुप्रीम : जस्टिस के एम जोसेफ ने कहा कि लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखी जानी चाहिए। नहीं तो इसके अच्छे परिणाम नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि वोट की ताकत सुप्रीम है, इससे मजबूत से मजबूत पार्टियां भी सत्ता हार सकती हैं। इसलिए इलेक्शन कमीशन का स्वतंत्र होना जरूरी है। यह भी जरुरी है कि वह अपनी ड्यूटी संविधान के प्रावधानों के मुताबिक और कोर्ट के आदेशों के आधार पर निष्पक्ष रूप से कानून के दायरे में रहकर निभाए।

फिलहाल देश में कोई कानून नहीं : मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त की नियुक्ति को लेकर फिलहाल देश में कोई कानून नहीं है। नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार के हाथ में है। अब तक अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के मुताबिक सचिव स्तर के मौजूदा या रिटायर हाे चुके अधिकारियों की एक सूची तैयार की जाती है। कई बार इस सूची में 40 नाम तक होते हैं। इस सूची के आधार पर तीनों नामों का एक पैनल तैयार किया जाता है। इन नामों पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति विचार करते हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री पैनल में शामिल अधिकारियों से बात करके कोई एक नाम राष्ट्रपति के पास भेजते हैं। नाम के साथ प्रधानमंत्री के नोट भी भेजे जाते हैं। इसमें उस शख्स के चुनाव आयुक्त चुने जाने की वजह भी बताई जाती है।

पूरा रोल सरकार का : देखा जाए तो इस प्रक्रिया में सरकार का ही पूरा रोल होता है। इनका कार्यकाल 6 साल या 65 साल की उम्र जो भी पहले हो, तक होता है। इस प्रक्रिया से चुनाव आयुक्त चुने जाते हैं और इनमें से जो सबसे सीनियर होता है उसे मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया जाता है।

कितने चुनाव आयुक्त हो सकते हैं : एक अक्टूबर 1993 से चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ दो चुनाव आयुक्त होते हैं। चुनाव आयुक्त कितने हो सकते हैं, इसे लेकर संविधान में कोई संख्या फिक्स नहीं की गई है। संविधान का अनुच्छेद 324 (2) कहता है कि चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त हो सकते हैं। यह राष्ट्रपति पर निर्भर करता है कि इसकी संख्या कितनी होगी। आजादी के बाद देश में चुनाव आयोग में सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त होते थे।

बहुदलीय निकाय बना : 16 अक्टूबर 1989 को प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार ने दो और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की। इससे चुनाव आयोग एक बहु-सदस्यीय निकाय बन गया। ये नियुक्तियां 9वें आम चुनाव से पहले की गईं थी। उस वक्त कहा गया था कि यह कदम मुख्य चुनाव आयुक्त आरवीएस पेरी शास्त्री के पर कतरने के लिए उठाया गया है।

वीपी ने फिर एक सदस्यीय बना दिया : 2 जनवरी 1990 को वीपी सिंह सरकार ने नियमों में संशोधन किया और चुनाव आयोग को फिर से एक सदस्यीय निकाय बना दिया। एक अक्टूबर 1993 को पीवी नरसिम्हा राव सरकार ने फिर अध्यादेश के जरिए दो और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को मंजूरी दी। तब से चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ दो चुनाव आयुक्त होते हैं।

विवाद कब से शुरू हुआ : 2018 में चुनाव आयोग के कामकाज में पारदर्शिता को लेकर कई याचिकाएं दायर हुईं थीं। इनमें मांग की गई थी कि मुख्य चुनाव आयुक्त यानी सीईसी और चुनाव आयुक्त यानी ईसी की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम जैसा सिस्टम बने। सुप्रीम कोर्ट ने इन सब याचिकाओं को क्लब करते हुए इसे 5 जजों की संविधान पीठ को भेज दिया था। सुप्रीम कोर्ट इसी मामले की सुनवाई कर रही थी।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीईसी और ईसी की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाया था। इसी दौरान 1985 बैच के आईएएस अरुण गोयल ने उद्योग सचिव पद से 18 नवंबर को वीआरएस लिया था। इस पद से उन्हें 31 दिसंबर को रिटायर होना था। गोयल को 19 नवंबर को चुनाव आयुक्त अपॉइंट कर दिया गया। इस नियुक्ति पर सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने एक याचिका दायर कर सवाल उठाया है।

सुप्रीम कोर्ट ने अडाणी केस में एक्सपर्ट कमेटी बनाई
न ई दिल्ली। अडाणी-हिंडनबर्ग मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 6 सदस्यीय एक्सपर्ट कमेटी बना दी है। रिटायर्ड जज एएम सप्रे कमेटी के हेड होंगे। उनके साथ कमेटी में जस्टिस जेपी देवधर, ओपी भट, एमवी कामथ, नंदन नीलेकणि और सोमशेखर सुंदरेसन शामिल होंगे। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जेबी पारदीवाला की बेंच ने यह आदेश दिया। कमेटी को मामले की जांच सौंपने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया, यानी सेबी से भी स्टॉक्स की कीमतों में हेरफेर की जांच रिपोर्ट तलब की है। सेबी को 2 महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट देनी होगी। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि कमेटी बनाने से मार्केट रेगुलेटर सेबी की स्वतंत्रता और इसकी जांच प्रोसेस में कोई बाधा नहीं आएगी।
सच की होगी जीत : अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने ट्वीट कर फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा- ‘अडाणी ग्रुप सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करता है। सच की जीत होगी।’

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation