• Latest
  • Trending
G20

जी20 से सकारात्मक बदलाव की चाह

December 10, 2022
ब्रिक्स से किसान आईडी तक भारत की 10 बड़ी खबरें

ब्रिक्स देशों की संसदें दिल्ली में जुटीं

October 27, 2026
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

ब्रिक्स मंच से निर्यात और जीएसटी तक भारत की बड़ी खबरें

October 26, 2026
daily-news

साप्ताहिक समाचार डायरी 19–25 अक्टूबर 2026: 11 करोड़ फार्मर आईडी | Blitz India Media

October 25, 2026
सरिया एक साल में 26% महंगा, बढ़ी निर्माण लागत

सरिया एक साल में 26 फीसदी महंगा

October 24, 2026
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क, 22 अक्टूबर 2026 · फोटो : पीएमओ इंडिया

पोलैंड से दोगुना कारोबार, 12.7 अरब डॉलर

October 23, 2026
village

गांव-घर तक पहुंचा विकास, रफ्तार की परीक्षा बाकी

October 22, 2026
गन्ने की तौल और रिकवरी जांचेगी समिति

गन्ने की तौल और रिकवरी जांचेगी नई समिति

October 21, 2026
export

यूएई से कारोबार 100 अरब डॉलर पार

October 20, 2026
न्यूजीलैंड एफटीए

न्यूजीलैंड में भारतीय सामान पर अब ड्यूटी नहीं

October 20, 2026
ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

October 19, 2026
वैश्विक 'सैटकॉम' जंग के दबाव में नहीं आएंगे

भारत बनेगा डिजिटल महाशक्ति

October 19, 2026
तंबाकू- सिगरेट छोड़ो अभियान

तंबाकू- सिगरेट छोड़ो अभियान

October 19, 2026
Tuesday, October 27, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

जी20 से सकारात्मक बदलाव की चाह

by ब्लिट्ज़ इंडिया
December 10, 2022
in दृष्टिकोण
0
G20

भारत को जी20 की अध्यक्षता मिलने के बाद देश में इसकी बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। तमाम देश कोरोना काल से लेकर अभी तक तमाम वैश्विक समस्याओं से जूझ रहे हैं। इस दौरान वैश्विक ऋण में वृद्धि हुई, अनेक देशों में विकास दर कमजोर हुई, मुद्रास्फीति बढ़ी है और रोजगार का संकट मुंह बाए खड़ा है। यूक्रेन-रूस युद्ध उसमें आग में घी का काम कर रहा है।

पश्चिमी हों अथवा यूरोपीय या कोई अन्य देश, सभी इससे उपजे संकट से दो चार हो रहे हैं। ऐसे में जी20 के सभी सदस्य देशों ने आजीविका के साथ-साथ इस प्रकार के संकटों से उबरने के लिए समावेशी व्यवस्था की ओर आगे बढ़ने का संकल्प व्यक्त किया है। इसीलिए भारत में होने वाली बैठकों में मुख्य रूप से वैश्विक विकास, महिला विकास, व्यापार, भ्रष्टाचार, आर्थिक-वित्तीय, रोजगार, संस्कृति, चिकित्सा, शिक्षा आदि विषयों को शामिल किया गया है। इसमें चालीस देशों के शेरपा हिस्सा ले रहे हैं। पूरे साल देश के पचपन स्थानों पर ऐसी कुल दो सौ बैठकें होनी तय हैं। इस कठिन दौर में मौजूदा हालात से निपटने के लिए जो संकल्प किया गया है उससे स्वाभाविक ही स्थितियों में बेहतरी आने की उम्मीद बढ़ी है।

YOU MAY ALSO LIKE

लोकतंत्र, विरोध का अधिकार और जंतर-मंतर

देश के 1,000 आईटीआई का होगा कायाकल्प

आज जरूरत इस बात की है कि हमें आपदा को अवसर में बदलने की कला में माहिर होना पड़ेगा। जी20 की पहली बैठक में भारत के शेरपा एवं नीति आयोग के अध्यक्ष रहे अमिताभ कांत ने भी दोहराया है कि आपदा को अवसर में बदलने की दिशा में सोचने से ही संकटों से जल्दी उबरा जा सकता है। जी20 देशों के साथ जब परस्पर व्यापार-वाणिज्य के रिश्ते मजबूत होंगे तो दुनिया में उसका असर स्पष्ट परिलक्षित होगा। स्वाभाविक है कि भारत की आर्थिक विकास दर पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव नजर आएगा। अभी तो भारत भी महंगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा, लोगों को गरीबी रेखा से उबारने जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। जी20 देशों के साथ परस्पर तालमेल से इस दिशा में बेहतर नतीजे हासिल करना भारत के लिए कोई बड़ी चुनौती साबित नहीं होगा। जी20 में मिली जिम्मेदारी हो या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता, दोनों जगह भारत के नाम की गूंज है।

तमाम देश आर्थिक विकास को लेकर भारत की ओर देख रहे हैं और उन्हें भारत से समाधान मिलने की उम्मीदें हैं क्योंकि भारत ही एक ऐसा देश है जो ‘वसुधैव कुटुम्बकम्` यानि संपूर्ण विश्व को अपना परिवार मानता है।

विगत दशकों में किसी भी देश ने ऐसी अध्यक्षता को इतनी गंभीरता से नहीं लिया है। भारत अपनी वैश्विक जिम्मेदारियों को गंभीरता से ले रहा है और वैश्विक मंचों पर बड़ा अथवा सकारात्मक बदलाव चाहता है ताकि संपूर्ण विश्व का समग्र विकास हो। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी राजदूत रुचिरा कंबोज ने भी जोर देकर कहा है कि हमारा देश बदल रहा है और तेजी से सुधार भी हो रहा है। भारत दुनिया की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता है, इसे कोरोना काल में सबने देखा है। अब भी भारत में असंख्य कमियां हैं किंतु उसे विकास की डगर पर बहुत दूर जाना है। रुचिरा कंबोज ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से बिल्कुल सही संदेश दिया है कि हमारी विदेश नीति का केंद्रीय सिद्धांत मानवता-केंद्रित है और आगे भी यही रहेगा। बेशक, अब समय आ गया है जब भारत अपनी ताकत को हर तरह से बढ़ाए और दुनिया में सबसे आदर्श आवाज बन जाए। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 की थीम और उसका ध्येय ‘वसुधैव कुटुम्बकम्` या “एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य”- महा उपनिषद के प्राचीन संस्कृत पाठ से लिया है। पीएम मोदी जी20 की अध्यक्षता को भारत के लिए बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं। वह इस अति महत्वपूर्ण संगठन के माध्यम से दुनिया को संदेश देना चाहते हैं। विश्व में शांति और सौहार्द का चिंतन भारत में ही किया गया। यह भारत है जिसने ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम्` का विचार दिया। मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से कहा भी था कि यह युद्ध का युग नहीं होना चाहिए। जब भारत दुनिया को यह संदेश देने की तैयारी कर रहा है तब प्रतीक चिन्ह में कमल को स्वीकार करना ही उचित था। यह समृद्धि के साथ प्रकृति संरक्षण का भी संदेश देता है।

दुनिया के कई बड़े उभरते बाजार भी जी20 संगठन में शामिल हैं और यह समूह दुनिया की दो तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। दुनिया की पचासी फीसद जीडीपी, अठहत्तर फीसद वैश्विक व्यापार और नब्बे फीसद पेटेंट जी20 देशों के पास है। कोरोना के कठिन दौर में भी भारत ने जिस प्रकार अपनी अर्थव्यवस्था को संभाले रखा और विकास की गति बरकरार रखी; वह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इसी दौरान आर्थिक प्रगति में ब्रिटेन को पछाड़ कर भारत उससे आगे निकल गया। किसी भी देश के लिए अर्थव्यवस्था का सुदृढ़ होना सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। इसीलिए आज दुनिया के तमाम देश आर्थिक विकास को लेकर भारत की ओर नजरें उठाए देख रहे हैं और उन्हें भारत से समाधान मिलने की उम्मीदें हैं क्योंकि भारत ही एक ऐसा देश है जो ‘वसुधैव कुटुम्बकम्` यानि संपूर्ण विश्व को अपना परिवार मानता है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation