लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कई नए हाइवे और एक्सप्रेसवे बन रहे हैं। इसमें गंगा एक्सप्रेसवे से लेकर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे शामिल हैं। नए हाइवे के साथ-साथ सरकार पुरानी सड़कों को अपग्रेड करने और एक्सप्रेसवे को लिंक करने पर भी काम कर रही है। इसी प्रोजेक्ट में शामिल है यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे लिंक इंटरचेंज। इस इंटरचेंज के बनने के बाद दिल्ली-एनसीआर समेत यूपी और हरियाणा के लाखों यात्रियों को सीधा फायदा होगा। इस इंटरचेंज पर तेजी से काम चल रहा है। इसके शुरू होते ही जेवर एयरपोर्ट, आगरा, मथुरा और लखनऊ की ओर जाने वाले यात्रियों का सफर तेज और आसान हो जाएगा।
कब तक शुरू होगा इंटरचेंज?
रिपोर्ट्स के अनुसार, यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित इंटरचेंज इसी माह के अंत तक तैयार हो जाएगा, जबकि इसे अक्टूबर से वाहनों के लिए खोलने की तैयारी है। फिलहाल इंटरचेंज प्रोजेक्ट पर काम जारी है। ईस्टर्न पेरिफेरल पहले से ही यमुना एक्सप्रेसवे को क्रॉस करता है, लेकिन यह अभी तक जुड़ा नहीं था लेकिन अब कुछ दिनों बाद वाहन ईस्टर्न पेरिफेरल से यमुना एक्सप्रेसवे तक जा पाएंगे। इसके लिए ग्रेटर नोएडा के ट्रैफिक से भी नहीं गुजरना पड़ेगा।
20 किलोमीटर का चक्कर होगा खत्म
फिलहाल यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के बीच सीधा लिंक न होने की वजह से वाहनों को ग्रेटर नोएडा के परी चौक, कासना और सिरसा की ओर से होकर गुजरना पड़ता है। इसकी वजह से 15-20 किलोमीटर एक्स्ट्रा चलना पड़ता है। इसमें 20-25 मिनट समय अतिरिक्त लगता है। वहीं पीक ऑवर्स में ग्रेटर नोएडा में लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी।
किन शहरों को मिलेगा फायदा?
इस इंटरचेंज के बनने के बाद फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, आगरा, इटावा, कानपुर और लखनऊ जैसे शहरों की कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी। यह इंटरचेंज जगनपुर-अफजलपुर गांव के पास बन रहा है। यह जगह यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से करीब 10 किलोमीटर दूरी पर है। यहां 8-लूप क्लोवरलीफ इंटरचेंज, 4 एंट्री रैंप, 4 एग्जिट रैंप और बिना रेड लाइट और बिना कट के आवागमन संभव होगा। इससे हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी यूपी, आगरा और लखनऊ की दिशा में निर्बाध मूवमेंट संभव होगी।














