नई दिल्ली। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हिफाजत हाई एनर्जी हथियार से की गई। दो वर्ष पहले लेबनान और सीरिया में हिजबुल्लाह के सदस्यों के पास मौजूद हजारों पेजर एक साथ फट गए थे। जिनके पास वॉकी-टॉकी थे, उनमें भी ब्लास्ट हो गया था। इसके मद्देनजर सुरक्षा के एहतियाती प्रबंध और कड़े कर दिए गए।
इस बार पुतिन के काफिले में 24 गाड़ियां चलीं। इनमें तीन उनकी ऑफिशियल लिमोसिन कार ऑरस सीनेट थीं, जिन्हें रूस से यहां लाया गया था।













