टोंक। राजस्थान के टोंक की जिला कलेक्टर आईएएस टीना डाबी के जल संचयन (वाटर हार्वेस्टिंग) को लेकर तारीफ हुई है। इस बार उनकी और टोंक जिला प्रशासन की तारीफ मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की ओर से की गई है। दरअसल, हाल ही में प्रदेश के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास टोंक रिव्यू मीटिंग के लिए पहुंचे थे। यहां इसके बाद विकास योजनाओं और जल संरक्षण पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उन्होंने जिला प्रशासन की जमकर तारीफ की। साथ ही जिले की कमान संभाल रहीं 2016 बैच की चर्चित आईएएस अधिकारी और टोंक जिला कलेक्टर टीना डाबी के कुशल नेतृत्व की प्रदेश के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने खुलकर प्रशंसा की ।
वाटर हार्वेस्टिंग पर तारीफ
हाल ही में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने टोंक का दौरा कर जिला कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में ‘जल संचय जन अभियान’ (जेएसजेए), जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) की पेयजल परियोजनाओं और ईसरदा बांध के निर्माण कार्यों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।
दौरे के बाद मुख्य सचिव ने इसे लेकर एक ‘एक्स’ पोस्ट भी किया। इसमें उन्होंने लिखा, ‘टोंक में जल संचय जन अभियान, पीएचईडी प्रोजेक्ट्स और ईसरदा निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। जिले के 170 गांवों में ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। अभियान के तहत 15,000 से अधिक कार्य और ईसरदा बांध का निर्माण सही गति से आगे बढ़ रहा है। यह अत्यंत सराहनीय प्रयास है।’
कलेक्टर टीना डाबी ने भी जताया आभार
मुख्य सचिव की इस हौसला अफजाई पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला कलेक्टर टीना डाबी ने भी एक्स (X) पर उनका धन्यवाद दिया। टीना डाबी ने लिखा, ‘सर, आपके कीमती समय और बेहतरीन मार्गदर्शन के लिए हार्दिक धन्यवाद। आपके द्वारा दिए गए सभी निर्देशों और बिंदुओं पर टोंक प्रशासन पूरी निष्ठा और कड़ी मेहनत से काम करेगा।
टीना डाबी को मिल चुका है पुरस्कार
बता दें कि टीना डाबी का यह पहला मौका नहीं कि जब उनके जल संचयन (वाटर हार्वेस्टिंग) को लेकर तारीफ हो रही है। इससे पहले उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से राष्ट्रीय जल पुरस्कार (जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार – 2025) मिल चुका है। मध्यप्रदेश में जन्मीं और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2015 की ऑल इंडिया टॉपर रही टीना डाबी राजस्थान कैडर की बेहद कुशल अधिकारी मानी जाती हैं। वर्तमान में टोंक जिला कलेक्टर के तौर पर जिले की कमान संभाल रही हैं। इससे पहले वह जैसलमेर और बाड़मेर जैसे सीमावर्ती जिलों में भी कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। उनकी प्रशासनिक दक्षता को लेेकर उनकी पहले भी कई बार तारीफ हो चुकी है। जल संचयन को लेकर उनके कामों की कई बार प्रशासनिक स्तर पर तारीफ हुई है।














