• Latest
  • Trending

इतनी आसान नहीं मिल की राह

September 6, 2024
अब गांव खुद बनाएंगे अपनी विकास योजना

अब गांव खुद बनाएंगे अपनी विकास योजना

October 29, 2026
गरीबी घटी, अब कमाई बढ़ाने की बारी

गरीबी घटी, अब कमाई बढ़ाने की बारी

October 28, 2026
ब्रिक्स से किसान आईडी तक भारत की 10 बड़ी खबरें

ब्रिक्स देशों की संसदें दिल्ली में जुटीं

October 27, 2026
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

ब्रिक्स मंच से निर्यात और जीएसटी तक भारत की बड़ी खबरें

October 26, 2026
daily-news

साप्ताहिक समाचार डायरी 19–25 अक्टूबर 2026: 11 करोड़ फार्मर आईडी | Blitz India Media

October 25, 2026
सरिया एक साल में 26% महंगा, बढ़ी निर्माण लागत

सरिया एक साल में 26 फीसदी महंगा

October 24, 2026
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क, 22 अक्टूबर 2026 · फोटो : पीएमओ इंडिया

पोलैंड से दोगुना कारोबार, 12.7 अरब डॉलर

October 23, 2026
village

गांव-घर तक पहुंचा विकास, रफ्तार की परीक्षा बाकी

October 22, 2026
गन्ने की तौल और रिकवरी जांचेगी समिति

गन्ने की तौल और रिकवरी जांचेगी नई समिति

October 21, 2026
export

यूएई से कारोबार 100 अरब डॉलर पार

October 20, 2026
न्यूजीलैंड एफटीए

न्यूजीलैंड में भारतीय सामान पर अब ड्यूटी नहीं

October 20, 2026
ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

October 19, 2026
Thursday, October 29, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

इतनी आसान नहीं मिल की राह

- तीन पाली में 8000 से अधिक श्रमिक काम करते थे

by ब्लिट्ज़ इंडिया
September 6, 2024
in the blitz
0
ब्लिट्ज ब्यूरो

कानपुर। लाल इमली मिल को फिर चालू करने की मुख्यमंत्री योगी की घोषणा चर्चा का विषय बन चुकी है। दूसरी तरफ जानकारों को कहना है कि यह कार्य इतना सहज नहीं। मिल के अधिकारियों ने कहा है कि इसे फिर शुरू करने की राह आसान नहीं है। मिल चलाने के लिए कम से कम तीन से चार हजार नई भर्तियां करनी होंगी और चार सौ करोड़ के पैकेज की जरूरत होगी। मौजूदा समय में मिल में दो सौ से ज्यादा कर्मचारी और अफसर हैं जो सेवानिवृत्ति की उम्र पर खड़े हैं।

स्विटरजरलैंड की मशीनें
मिल में स्विटरजरलैंड से सालों पहले छह मशीनें आई थीं जिनकी पैकिंग तक नहीं खुली है। इनके खराब होने का अनुमान है। मिल में स्विटजरलैंड की कंपनी की 12 मशीनें पहले से ही लगी हैं। उनकी स्थिति भी बेहद खराब है।

YOU MAY ALSO LIKE

अब गांव खुद बनाएंगे अपनी विकास योजना

गरीबी घटी, अब कमाई बढ़ाने की बारी

अंग्रेजी शासन काल में रखी गई थी नींव
अंग्रेजी शासन काल (1876) में लाल इमली मिल की नींव रखी गई थी। 26 एकड़ में बनी इस मिल में प्रतिदिन लगभग तीन पाली में 8000 से अधिक श्रमिक काम करते थे। लाल इमली में 1989 से कोई नई भर्ती नहीं हुई। तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने लाल इमली के सर्वोच्च गुणवत्ता से प्रभावित होकर पुरस्कार भी दिया था। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भी लाल इमली की कश्मीरी टूश लोई भेंट की गई थी जिसे वो अपने कंधे पर डाले रहते थे।

1981 में अधिग्रहण
इंदिरा गांधी जब प्रधानमंत्री चुनी गई तब 18 जून 1981 को लाल इमली मिल का अधिग्रहण करते हुए भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय से संबंधित कर दिया। अपने गजट में कहा था कि लाल इमली मिल को कभी बंद नहीं किया जाए।

……मिल बीमार हो गई
इसके चलते 2005 में मंत्रालय द्वारा बिना अधिकृत किया हुआ वेतनमान लागू किया गया जिससे मिल के वेतन पैकेज में आर्थिक भार पर बुरा प्रभाव पड़ा और मिल बीमार हो गई। 2009 से उत्पादन कम हो गया। उस समय प्रतिदिन तीन सौ मीटर कपड़ा बनाता था।

….तो फिर चलने लगेगी ऐतिहासिक घड़ी
लाल इमली मिल की पहचान इसके उत्पादों से थी। मिल में घड़ी लगी है। यह लगी चारों ओर से दिखाई देती है। यहां से निकलने वाले हजारों लोग इसके बजते घंटे की आवाज से समय का अनुमान लगा लेते थे। इस घड़ी में चाबी भरने के लिए चार कर्मचारी लगते थे। हालांकि बीते कई साल से घड़ी भी बंद हो गई। अब उम्मीद है कि मिल चली तो घड़ी भी चलने लगेगी। लाल इमली मिल में बनने वाली 60 नंबर लोई, कंबल, ब्लेजर, सूट का कपड़ा, पश्मीना शॉल की बाजार में बहुत अच्छी मांग थी। शहर के थोक कपड़ा बाजार जनरलगंज, नौघड़ा, काहूकोठी आदि में इनकी मांग रहती थी।

कर्मचारियों में खुशी की लहर
पहले कर्मचारियों का 30 महीने का वेतन, छह साल का बोनस, 2013 से लीव एनकैशमेंट और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का तत्काल भुगतान कराया जाए। मिल चलाने की घोषणा से कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
-अजय सिंह, अध्यक्ष लाल इमली कर्मचारी संघ

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की घोषणा स्वागत योग्य
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई और पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने भी मिल चलवाने की घोषणा की थी। फिर भी मिल नहीं चली थी। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की घोषणा स्वागतयोग्य है। मिल चलेगी तो लोगों को रोजगार मिलेगा। -राजेश कुमार, शुक्ला, श्रमिक नेता

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation