• Latest
  • Trending

19 साल के सूरज के सीने में धड़केगा 26 साल के युवक का दिल

January 15, 2025
नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

October 31, 2026
नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

October 31, 2026
युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

October 31, 2026
केविन पीटरसन ने बताया, कैसे बदल रहा है भारत

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

October 31, 2026
यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

October 31, 2026
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

October 31, 2026
फिर बदला भदोही का नाम

फिर बदला भदोही का नाम

October 31, 2026
'मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी'

‘मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी’

October 31, 2026
गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

October 31, 2026
बेलापुर में भूमि के दाम आसमान पर

बेलापुर में भूमि के दाम आसमान पर

October 31, 2026
हवा सुधारने को बीएमसी का 'डीप क्लीन प्लान'

हवा सुधारने को बीएमसी का ‘डीप क्लीन प्लान’

October 31, 2026
बंगाल में चुनाव से पहले हुआ खेला लाखों फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट हुए थे जारी

पश्चिम बंगाल के स्कूलों में मोबाइल पर लगेगा बैन

October 31, 2026
Monday, November 2, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

19 साल के सूरज के सीने में धड़केगा 26 साल के युवक का दिल

- राम मनोहर लोहिया अस्पताल में हुआ दूसरा सफल हृदय प्रत्यारोपण

by ब्लिट्ज़ इंडिया
January 15, 2025
in the blitz
0
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के एटा में रहने वाले 19 साल के सूरज के सीने में अब 26 साल के युवक का दिल धड़केगा। उसे डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दूसरी जिंदगी मिली। करीब 12 घंटे चली सर्जरी के बाद सूरज का सफल हृदय प्रत्यारोपण हुआ। सूरज लंबे समय से दिल के दाहिने हिस्से में कार्डियोमायोपैथी से परेशान था। इस रोग में हृदय की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। दिल रक्त को ठीक से पंप नहीं कर पाता।

इस रोग के कारण सूरज को सांस लेने में दिक्क त, सीने में दर्द, बेहोशी, घबराहट सहित दूसरी समस्याएं हो रही थीं। हृदय प्रत्यारोपण कर ही उसे बचाया जा सकता था। राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) से ब्लड मैच के साथ हृदय की उपलब्धता होने पर डॉक्टरों ने सर्जरी का फैसला लिया। दिल डोनेट करने वाले युवक की दिल्ली के निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। सर्जरी के लिए कार्डियो थोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के प्रमुख डॉ. विजय ग्रोवर के नेतृत्व में प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र सिंह झाझरिया, डॉ. पलाश अय्यर के अलावा कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. रंजीत नाथ, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पुनीत अग्रवाल और कार्डियक एनेस्थीसिया विभाग के प्रमुख डॉ जसविंदर कोहली व अन्य सदस्यों की टीम बनाई गई। गंगाराम अस्पताल से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दिल लाया गया। शाम पांच बजे सर्जरी शुरू हुई जो सुबह करीब पांच बजे खत्म हुई। उसके बाद मरीज को आईसीयू में शिफ्ट किया गया।

YOU MAY ALSO LIKE

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

डॉ. नरेंद्र सिंह झाझरिया ने बताया कि हृदय प्रत्यारोपण सफल रहा है। मरीज ठीक है, लेकिन अगले सात दिनों तक गहन निगरानी में रहेगा। इस दौरान देखा जाएगा कि मरीज का शरीर दूसरे व्यक्ति का दिल स्वीकार करता है या नहीं। इन दिनों विशेष सावधानी रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि युवक को बचपन से दिल का गंभीर रोग था। बता दें कि डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में यह दूसरा सफल हृदय प्रत्यारोपण है। इससे पहले 23 अगस्त 2022 को पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण हुआ था।

जल्द सर्जरी की सुविधाओं का होगा विस्तार
डॉ. राम मनोहर लोहिया। अस्पताल में बन रहे सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के तैयार होने के बाद एम्स की तर्ज पर हृदय प्रत्यारोपण में तेजी ब्लॉक में हृदय प्रत्यारोपण के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां करीब 40 बेड की उपलब्धता होगी। बेड व सुविधा बढ़ने से सर्जरी में सुधार होगा। साथ ही मरीजों को जल्द सर्जरी की सुविधा मिल पाएगी।

डॉक्टरों का कहना है कि कार्डियोमायोपैथी को समस्या अक्सर 50 साल के बाद के लोगों में देखने को मिलती है। इसमें हृदय को मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। 19 साल के युवक में यह समस्या होना सामान्य नहीं है।
ऐसा बहुत कम होता है। इस मामले में युवक में यह रोग बचपन से होने की आशंका है। मरीज की जान बचाने के लिए डॉक्टरों ने दिल मिलते ही प्रत्यारोपण करना बेहतर समझा।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation