नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। जिस दिव्यांग व्यक्ति की दिव्यांगता 40 फीसदी है, उसे भी अब केंद्र की दिव्यांग पेंशन मिल सकेगी। अब तक इसके लिए 80 फीसदी दिव्यांगता जरूरी थी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल के लिए जारी रखने की मंजूरी दी। पीआईबी की विज्ञप्ति के मुताबिक इस पर कुल 53,428 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
देश के सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 3.20 करोड़ लोगों को इसका फायदा मिलेगा।
दिव्यांगों के लिए तीन बदलाव
पहला, दिव्यांगता की सीमा 80 से घटकर 40 फीसदी हुई। दूसरा, उम्र की कोई निचली हद नहीं रही। अब जन्म से ही दिव्यांग बच्चा भी पेंशन का हकदार होगा। तीसरा, रकम बढ़ी है। 79 साल तक की उम्र वालों को हर महीने 375 रुपये और 80 साल या उससे ऊपर वालों को 625 रुपये मिलेंगे।
ये बदलाव दिव्यांगजन अधिकार कानून 2016 के कारण जरूरी थे। यह कानून 40 फीसदी को ‘बेंचमार्क दिव्यांगता’ मानता है। साथ ही कहता है कि दिव्यांगों की सहायता बाकी ऐसी योजनाओं से 25 फीसदी ज्यादा हो। नए नियम तीन महीने में जारी होंगे।
नए नाम, पुरानी पेंशन
पूरी योजना अब प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कहलाएगी। बुढ़ापा पेंशन का नाम प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना होगा। विधवा पेंशन प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना और दिव्यांग पेंशन प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना कहलाएगी। राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का नया नाम प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना है। बुढ़ापा और विधवा पेंशन जैसी थीं, वैसी ही चलेंगी।
यह योजना 15 अगस्त 1995 को शुरू हुई थी। इसका पूरा पैसा केंद्र देता है, ताकि हर राज्य में मदद एक जैसी मिले।
भारत को क्या मिला
गरीब बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए पांच साल तक पक्की मदद, और लाखों दिव्यांगों के लिए पेंशन का नया दरवाजा।
एक नजर में
•कुल खर्च : 53,428 करोड़ रुपये, 2026-27 से 2030-31
•फायदा : 3.20 करोड़ लोग, 36 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश
•दिव्यांग पेंशन : 375 रुपये महीना (0-79 साल), 625 रुपये (80 साल से ऊपर)
•दिव्यांगता की शर्त : 80% से घटकर 40%
तुलना
•पुरानी शर्त : 80% दिव्यांगता — 100%
•नई शर्त : 40% दिव्यांगता — पुरानी शर्त का आधा
•पेंशन पाने के लिए जरूरी दिव्यांगता अब आधी रह गई है।
हमारा हिसाब
53,428 करोड़ ÷ 5 साल = करीब 10,686 करोड़ रुपये हर साल। इसे 3.20 करोड़ लोगों में बांटें तो औसतन करीब 3,339 रुपये सालाना, यानी लगभग 278 रुपये महीना केंद्र की ओर से।
भारत को क्या मिला
बुढ़ापे, वैधव्य और दिव्यांगता में केंद्र की पक्की मदद, पांच साल के लिए।
ब्लिट्ज की सराहना
ग्रामीण विकास विभाग, जिसने दिव्यांग पेंशन को 2016 के कानून के मुताबिक ढाला।
आंकड़े मंत्रिमंडल की 14 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति (पीआईबी रिलीज आईडी 2323264) से; pib.gov.in पर जांचे।
ब्लिट्ज की सलाह
ग्रामीण विकास विभाग नए नियमों के साथ एक सरल आवेदन-पर्ची और हेल्पलाइन जारी कर सकता है। तब 40 से 80 फीसदी दिव्यांगता वाले लोग, जो पहले बाहर थे, सीधे पंचायत से आवेदन कर सकेंगे।
लद्दाख को तीसरी सड़क लेह को नया टर्मिनल
लेह, 15 अक्टूबर। बर्फ या भूस्खलन से श्रीनगर-लेह या मनाली-लेह हाईवे बंद हो, तब भी लद्दाख कटेगा नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अक्टूबर को सीमा सड़क संगठन की बनाई 298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदुम-दारचा सड़क देश को सौंप रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की 14 अक्टूबर की विज्ञप्ति के मुताबिक यह करीब 3,350 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाओं में से एक है।
यह सड़क लेह के पास निम्मू से हिमाचल के दारचा तक, ऊंचे शिंकुन ला दर्रे से होकर जाती है। सेना की आवाजाही आसान होगी। जांस्कर के लोग अस्पताल, स्कूल और बाजार तक जल्दी पहुंचेंगे।
लेह के कुशोक बकुला रिम्पोची हवाई अड्डे पर 640 करोड़ रुपये का नया टर्मिनल भी शुरू हो रहा है। इसमें हर साल 35 लाख यात्री आ-जा सकेंगे। हमारे हिसाब से पूरे पैकेज का करीब 19 फीसदी अकेले इसी टर्मिनल पर है। साथ में 9 मेगावाट की हानू पनबिजली परियोजना, दाह-हानू-खाल्त्सी बिजली लाइन, लेह में देश का पहला शैलचित्र संरक्षण पार्क और 40 गांवों में 40 तालाब (प्रोजेक्ट हिम सरोवर) हैं। ये तालाब पिघली बर्फ का पानी रोककर बुआई के समय किसानों को देंगे।
भारत को क्या मिला
सरहदी इलाके को तीसरा रास्ता, बड़ा हवाई अड्डा, अपनी बिजली और बुआई के लिए पानी।
ब्लिट्ज की सलाह
लद्दाख प्रशासन मौसम के हिसाब से सड़क खुलने का समय और लेह से पदुम तक का सफर-समय जारी कर सकता है। इससे कारोबारी और टूर ऑपरेटर पहली सर्दी से ही योजना बना सकेंगे।
85 पदक विजेताओं से मिलेंगे मोदी
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर। एशियाई खेलों में 85 पदक जीतकर लौटे भारतीय दल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अक्टूबर 2026 को मिलेंगे। मुलाकात शाम करीब 4:30 बजे नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में है। प्रधानमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति के मुताबिक जापान के आइची-नागोया में भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य जीते। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा। लगातार दूसरी बार भारत टॉप पांच में है।
पुरुष और महिला, दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण जीता। महिला ट्रैप में भारत का पहला स्वर्ण आया। वेटलिफ्टिंग में 28 साल बाद रजत मिला। ग्रीको-रोमन कुश्ती में रजत के साथ 64 साल बाद कोई भारतीय फाइनल में पहुंचा। सॉफ्ट टेनिस और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में पहली बार पदक आए। हमारे हिसाब से हर चार में से करीब एक पदक सोने का है (24.7 फीसदी)।
भारत को क्या मिला
एशिया के खेल मंच पर लगातार ऊंची जगह, और नए खेलों में पहली बार पदक।
ब्लिट्ज की सलाह
खेल मंत्रालय सॉफ्ट टेनिस और एमएमए जैसे नए पदक वाले खेलों के लिए अलग प्रशिक्षण केंद्र तय कर सकता है, ताकि यह शुरुआत ओलंपिक तक जाए।
गन्ना किसानों के लिए समिति बनी
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर। गन्ना किसानों की ज्यादा दाम और मिलों पर साफ-सुथरी तौल की मांग पर केंद्र ने समिति बनाई है। इसके अध्यक्ष नीति आयोग के पूर्व सदस्य प्रो. रमेश चंद हैं। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की 14 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति के मुताबिक समिति चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य में बदलाव की मांग भी देखेगी। मशीन से कटे गन्ने के वजन में होने वाली कटौती और चीनी रिकवरी की जांच का तरीका भी इसके दायरे में है। यह समिति कर्नाटक और महाराष्ट्र के किसान प्रतिनिधियों की दो केंद्रीय मंत्रियों से हुई बैठक के बाद बनी है।
आईडीबीआई बैंक 52,878 करोड़ में बिका
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर। सरकार और एलआईसी आईडीबीआई बैंक की 60.72 फीसदी हिस्सेदारी 52,878.08 करोड़ रुपये में बेचेंगे। खरीदार कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की कंपनी 10955230 कनाडा इंक. है। वित्त मंत्रालय की की विज्ञप्ति के मुताबिक कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने इसे मंजूरी दी। हमारे हिसाब से सरकार को करीब 26,544 करोड़ और एलआईसी को करीब 26,335 करोड़ रुपये मिलेंगे। बिक्री के बाद सरकार के पास 15 और एलआईसी के पास 19 फीसदी हिस्सा रहेगा। खरीदार को अब रिजर्व बैंक की ‘फिट एंड प्रॉपर’ शर्तें पूरी करनी होंगी।
थोक महंगाई 11.39%, ईंधन सबसे आगे
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर। सितंबर 2026 में थोक महंगाई 11.39 फीसदी रही, जो अगस्त में 9.92 फीसदी थी। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के 14 अक्टूबर के आंकड़ों में ईंधन और बिजली की महंगाई 25.85 फीसदी और खाने-पीने की चीजों की 8.66 फीसदी रही। कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का सूचकांक एक महीने में करीब 18 फीसदी चढ़ा। आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री सिल्वाना टेनरेरो ने 13 अक्टूबर को बैंकॉक में वजह बताई। उनके मुताबिक पश्चिम एशिया में युद्ध से दुनिया भर में तेल और गैस महंगे हुए हैं। ये आंकड़े अभी अस्थायी हैं।
गहरे समुद्र में मछली का हक
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। भारतीय मछुआरों की नावें अब दक्षिणी हिंद महासागर के खुले समुद्र में स्क्विड, टूथफिश और दूसरी मछलियां कानूनी तौर पर पकड़ सकेंगी। केंद्र ने दक्षिणी हिंद महासागर मत्स्य समझौते (एसआईओएफए) में भारत के पूर्ण सदस्य बनने को मंजूरी दी है। मत्स्य पालन मंत्रालय की विज्ञप्ति के मुताबिक अभी भारतीय नावें ज्यादातर तट से 60-80 नॉटिकल मील के भीतर ही मछली पकड़ती हैं। खुले समुद्र की पकड़ में चीन, ताइवान, जापान, दक्षिण कोरिया और स्पेन का हिस्सा मिलाकर 64 फीसदी है।
खेती में लगीं 59.8% कामगार महिलाएं
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर। खेती के कामकाज में लगे लोगों में 59.8 फीसदी महिलाएं हैं। कृषि मंत्रालय ने यह आंकड़ा राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आवधिक श्रम बल सर्वे (जनवरी-दिसंबर 2025) से दिया है। 15 अक्टूबर को नई दिल्ली के डॉ. बी.आर. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में राष्ट्रीय महिला किसान दिवस मनाया जा रहा है। इस साल का विषय है “विकसित कृषि और विकसित भारत के निर्माण में महिला किसानों की भूमिका”। संयुक्त राष्ट्र ने 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किया है। राज्यों में भी आयोजन हो रहे हैं, हर जगह 50 से 100 महिला किसानों के साथ।
सहकारी ऑडिट का एक फॉर्मेट
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर। कई राज्यों में काम करने वाली बड़ी सहकारी समितियों के ऑडिटर अब एक तय फॉर्मेट में ‘हां’ या ‘नहीं’ में जवाब देंगे। सवाल डूबे कर्ज, बकाया, जमा, बोर्ड के सदस्यों की पात्रता और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के नियमों जैसे होंगे। सहकारिता मंत्रालय की 14 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति के मुताबिक यह बहु-राज्य सहकारी समिति (ऑडिटर रिपोर्ट) आदेश, 2026 के तहत होगा। इसे रिजर्व बैंक, आईसीएआई और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की राय से बनाया गया है। पहले 1,000 करोड़ रुपये से बड़ी समितियां आएंगी, आगे चलकर 50 करोड़ से ऊपर की सभी। रिपोर्ट केंद्रीय रजिस्ट्रार के पोर्टल पर जाएंगी, ताकि कमजोर समिति की पहचान जल्दी हो और सदस्यों की जमा-पूंजी बचे।
ब्लिट्ज की सलाह
केंद्रीय रजिस्ट्रार हर साल इन ऑडिट रिपोर्टों का सार जारी कर सकते हैं, ताकि सदस्य अपनी समिति की
तुलना
दूसरी समितियों से कर सकें।













