• Latest
  • Trending
gymnast

बार पर रजत, स्नैच में रिकॉर्ड: ग्लासगो में चढ़ता गया भारत का पदक-हिसाब

July 27, 2026
नारियल उद्योग

नारियल का छिलका, सात लाख लोगों की रोजी

October 14, 2026
कृषि भवन, नई दिल्ली में पराली प्रबंधन की समीक्षा बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव। फोटो : पीआईबी

हरियाणा में पराली की आग 53% घटी

October 14, 2026
प्रधानमंत्री मोदी

भारत की विकास गाथा: स्टार्टअप, व्यापार, डेटा और खादी

October 13, 2026
प्याज

प्याज महंगा, सेना को 27 पदक और नई रक्षा पहल

October 13, 2026
dal

दाल का आयात बिल 14,634 करोड़ रुपये घटा

October 12, 2026
daily-news

सप्ताह की समीक्षा: रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी, GST नियमों में राहत और रिकॉर्ड रक्षा निर्यात

October 11, 2026
daily-news

14416 पर चार साल में 47.75 लाख कॉल

October 10, 2026
medicine

दवा, कोयला, खादी और व्यापार पर सरकार के नए कदम

October 9, 2026
अर्थव्यवस्था

जीएसटी सुधार, नाविकों की संख्या और भारतनेट का विस्तार

October 9, 2026
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
Wednesday, October 14, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

बार पर रजत, स्नैच में रिकॉर्ड: ग्लासगो में चढ़ता गया भारत का पदक-हिसाब

by ब्लिट्ज़ इंडिया
July 27, 2026
in the blitz
0
gymnast

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को रविवार को लय मिल गई। ऋषिकांत सिंह चनंबम ने पुरुषों के 60 किग्रा भारोत्तोलन में 264 किग्रा के कुल भार के साथ रजत पदक जीता — मलेशिया के मोहम्मद अनीक बिन कसदान के पीछे रहकर — और वह भी एक ख़ास अंदाज़ में: 121 किग्रा का स्नैच उठाकर उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड बना दिया। कुछ घंटे बाद उसी मंच पर ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किग्रा फ़ाइनल की शुरुआत ही राष्ट्रमंडल स्नैच रिकॉर्ड तोड़ते हुए की — एक बार चूकने के बाद 85 किग्रा उठाकर।

खाता शुक्रवार को पैरा पावरलिफ़्टर झंडू कुमार ने खोला था, जिन्होंने पुरुषों के हैवीवेट वर्ग में दूसरे प्रयास में 190 किग्रा उठाकर कांस्य जीता — भारत का इन खेलों का पहला पदक और सबसे भावुक कर देने वाली कहानियों में से एक। 28 साल के झंडू कुमार एक सब्ज़ी विक्रेता के बेटे हैं, ऑटो-रिक्शा चलाते थे, और 2023 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप तक पहुंचने के लिए उन्होंने वही ऑटो बेच दिया जो उनकी रोज़ी थी। रविवार शाम तक इस कांस्य के साथ भारोत्तोलन, जिम्नास्टिक और तैराकी में मेहनत से बटोरे अंक भी जुड़ चुके थे।

YOU MAY ALSO LIKE

नारियल का छिलका, सात लाख लोगों की रोजी

हरियाणा में पराली की आग 53% घटी

बहु-खेल रविवार: तपन मोहंती के पुरुष कलात्मक ऑल-अराउंड फ़ाइनल के साथ भारत का चौथा दिन आगे बढ़ा — भारोत्तोलन में ऋषिकांत सिंह का 60 किग्रा रजत (गेम्स स्नैच रिकॉर्ड) और मीराबाई चानू का 85 किग्रा स्नैच का राष्ट्रमंडल रिकॉर्ड।

रिकॉर्ड बार पर बनते हैं, पर बनते छोटे शहरों के अखाड़ों और लंबे सफ़र में हैं। ग्लासगो में टूटा हर रिकॉर्ड घर पर की गई बरसों की मेहनत की रसीद है।

एक नज़र में

• रजत: ऋषिकांत सिंह, पुरुष 60 किग्रा भारोत्तोलन, 264 किग्रा — स्नैच में गेम्स रिकॉर्ड 121 किग्रा
• रिकॉर्ड: मीराबाई चानू, महिला 48 किग्रा फ़ाइनल में 85 किग्रा स्नैच का राष्ट्रमंडल रिकॉर्ड
• पहला पदक: झंडू कुमार, कांस्य, पुरुष हैवीवेट पैरा पावरलिफ़्टिंग (190 किग्रा)
• आज रात: मुक्केबाज़ी में भारत-पाकिस्तान भिड़ंत — जदुमणि सिंह, पुरुष 55 किग्रा

दिन देर तक चलते हुए एक जानी-पहचानी टक्कर अभी बाक़ी है। अपने पहले मुक़ाबले में 5-0 से दमदार जीत दर्ज करने वाले मुक्केबाज़ जदुमणि सिंह मंडेंगबम पुरुषों के 55 किग्रा में पाकिस्तान के सुमामा रहमान से भिड़ेंगे — वही भारत-पाकिस्तान मुक़ाबला जो अखाड़ा और बैठक दोनों भर देता है। रविवार को ही जिम्नास्ट तपन मोहंती पुरुष ऑल-अराउंड फ़ाइनल में उतरे और भारतीय तैराक रिले में जगह के लिए ज़ोर लगाते रहे — एक ऐसा अभियान जो अब किसी एक नतीजे पर टिका नहीं है।

सकारात्मक बात पदक तालिका से ज़्यादा उस रास्ते की है जो इन पदकों तक पहुंचाता है। भारत का पहला पदक पैरा खेल से आना और भारोत्तोलकों का सिर्फ़ फ़ाइनल तक पहुंचने के बजाय रिकॉर्ड तोड़ना उस बदलाव का सबूत है जिसमें बीते एक दशक में लगातार फंडिंग, कोचिंग और प्रतिभा-पहचान देश के भीतर तक पहुंची है। आगे का काम है झंडू कुमार की कहानी को अपवाद न रहने देना — ताकि किसी राष्ट्रीय चैंपियनशिप तक पहुंचने के लिए फिर कभी घर की कमाई का साधन न बेचना पड़े — और छोटे शहरों के अखाड़ों तथा यात्रा-मदद में निवेश जारी रखना, जो एक होनहार दांव को ग्लासगो के पोडियम में बदलते हैं।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation