• Latest
  • Trending
participation of half the population

आधी आबादी की भागीदारी

May 10, 2024
ब्रिक्स से किसान आईडी तक भारत की 10 बड़ी खबरें

ब्रिक्स देशों की संसदें दिल्ली में जुटीं

October 27, 2026
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

ब्रिक्स मंच से निर्यात और जीएसटी तक भारत की बड़ी खबरें

October 26, 2026
daily-news

साप्ताहिक समाचार डायरी 19–25 अक्टूबर 2026: 11 करोड़ फार्मर आईडी | Blitz India Media

October 25, 2026
सरिया एक साल में 26% महंगा, बढ़ी निर्माण लागत

सरिया एक साल में 26 फीसदी महंगा

October 24, 2026
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क, 22 अक्टूबर 2026 · फोटो : पीएमओ इंडिया

पोलैंड से दोगुना कारोबार, 12.7 अरब डॉलर

October 23, 2026
village

गांव-घर तक पहुंचा विकास, रफ्तार की परीक्षा बाकी

October 22, 2026
गन्ने की तौल और रिकवरी जांचेगी समिति

गन्ने की तौल और रिकवरी जांचेगी नई समिति

October 21, 2026
export

यूएई से कारोबार 100 अरब डॉलर पार

October 20, 2026
न्यूजीलैंड एफटीए

न्यूजीलैंड में भारतीय सामान पर अब ड्यूटी नहीं

October 20, 2026
ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

October 19, 2026
वैश्विक 'सैटकॉम' जंग के दबाव में नहीं आएंगे

भारत बनेगा डिजिटल महाशक्ति

October 19, 2026
तंबाकू- सिगरेट छोड़ो अभियान

तंबाकू- सिगरेट छोड़ो अभियान

October 19, 2026
Tuesday, October 27, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

आधी आबादी की भागीदारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने भी पिछले कुछ महीनों में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई अहम फैसले किए हैं।

by ब्लिट्ज़ इंडिया
May 10, 2024
in दृष्टिकोण
0
participation of half the population
दीपक द्विवेदी

भारत में हो रहे लोकसभा के आम चुनाव में अधिकतर सीटों पर महिला वोटर्स का रुख निर्णायक हो सकता है। अनेक स्थानों पर महिला वोटर्स के इस बार जीत का सूत्रधार बनने की बातें भी कही जा रही हैं क्योंकि चुनावी इतिहास में पहली बार बड़ी संख्या में महिला वोटर्स हिस्सा ले रही हैं। अब तक कुल 96.88 करोड़ मतदाता रजिस्टर हुए हैं जिनमें महिला वोटर्स की संख्या रिकॉर्ड 47.1 करोड़ तक पहुंच गई है पर चुनावों में अभी तक उनकी उम्मीदवारी एवं मतदान में भागीदारी; दोनों ही चिंताजनक स्थिति में हैं।

लोकसभा चुनाव के तीन चरण का मतदान हो चुका है। बाकी चरणों के मतदान के लिए विभिन्न पार्टियां रणनीति बनाने में जुटी हुई हैं। इसी बीच राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर दलों द्वारा किए जा रहे तमाम दावे खोखले नजर आ रहे हैं। लोकसभा चुनाव के पहले तीन चरणों में इसका उदाहरण देखने को मिला। शुरुआती दो चरणों में 2,823 उम्मीदवारों में से केवल 235 यानी आठ प्रतिशत महिला उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। राजनीतिक विश्लेषक इस पर गहरी चिंता जता रहे हैं। महिलाओं को सबसे ज्यादा टिकट भारतीय जनता पार्टी ने दिए हैं। चुनाव के पहले चरण में कुल उम्मीदवारों की संख्या 1625 थी जिनमें 135 महिला उम्मीदवार थीं जबकि दूसरे चरण में 1198 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा और इनमें मात्र 100 महिला उम्मीदवार ही चुनाव मैदान में थीं। पहले चरण में 135 महिला उम्मीदवारों में से तमिलनाडु की हिस्सेदारी सबसे अधिक 76 थी। हालांकि यह आंकड़ा राज्य के कुल उम्मीदवारों का सिर्फ आठ प्रतिशत था। दूसरे चरण में केरल में महिला उम्मीदवारों की संख्या सबसे अधिक 24 थी। दोनों चरणों में भाजपा की तरफ से महिला उम्मीदवारों का प्रतिनिधित्व ज्यादा देखने को मिला। भाजपा ने जहां 69 महिलाओं को मैदान में उतारा वहीं कांग्रेस ने शुरुआती दोनों चरणों में 44 महिलाओं को ही मौके दिए। लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण की हालत भी कुछ खास उत्साहवर्धक नहीं रही। इस चरण में कुल 1352 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत दांव पर लगी हुई थी। इन उम्मीदवारों में सिर्फ 123 महिला प्रत्याशी शामिल रहीं। यह संख्या तीसरे चरण के कुल उम्मीदवारों का केवल 9 फीसदी रही। महिला प्रत्याशियों की कम संख्या चिंताजनक स्थिति को ही दर्शाती है।

YOU MAY ALSO LIKE

लोकतंत्र, विरोध का अधिकार और जंतर-मंतर

देश के 1,000 आईटीआई का होगा कायाकल्प

कमोबेश इसी तरह की सूरत मतदान करने वाली महिलाओं की भी है। वोटिंग के प्रति भी उनकी उदासीनता चिंताजनक स्थितियों की ओर ही इशारा करती है जबकि तमाम राजनीतिक दलों द्वारा महिला मतदताओं को रिझाने के लिए अनेक लुभावने वादे किए गए हैं। कुछ माह पूर्व हुए राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में सत्तासीन हुई भाजपा की बड़ी जीत में महिला वोटर्स का बड़ा योगदान रहा था। ऐसे में देश में आधी आबादी की बढ़ी संख्या को देखते हुए सभी पार्टियों ने लोकसभा चुनाव में महिला वोटर्स को साधने के लिए कवायद शुरू कर दी है। आगामी लोकसभा चुनाव में सबसे अधिक संख्या में महिलाएं मतदाता के रूप में पंजीकृत हुई हैं। चुनाव आयोग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, लोकसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची में 2.63 करोड़ से अधिक नए मतदाताओं को शामिल किया गया है जिनमें से लगभग 1.41 करोड़ महिला मतदाता हैं जो नए नामांकित पुरुष मतदाताओं (1.22 करोड़) से 15 फीसदी अधिक हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने भी पिछले कुछ महीनों में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई अहम फैसले किए हैं। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने वाला महिला आरक्षण विधेयक संसद में पारित किया गया। मुफ्त एलपीजी सिलेंडर दिए गए, अंतरिम बजट 2024-25 में लैंगिक बजट में 38.6 फीसदी की बढ़ोतरी की गई। लखपति दीदी का लक्ष्य 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के चुनाव में एक तिहाई महिला आरक्षण लागू करने का आदेश दिया है। यह व्यवस्था वर्ष 2024 के चुनावों से ही प्रभावी होगी। यही नहीं 2024-25 के आगामी चुनावों में एससीबीए के कोषाध्यक्ष का पद भी एक महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित किया जाएगा।

फिर भी राजनीतिक दलों को महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए और ठोस कदम उठाने चाहिए। भारत के मतदाताओं में लगभग आधी महिलाएं हैं फिर भी राजनीति में उनका कम प्रतिनिधित्व कई सवाल खड़े करता है। राजनीति में इस लैंगिक असंतुलन पर राजनीतिक विश्लेषकों का मत है कि दलों को महिला आरक्षण अधिनियम के लागू होने का इंतजार न कर सक्रिय रूप से महिलाओं को मैदान में उतारना चाहिए और उन्हें वोटिंग के लिए भी प्रोत्साहित करना चाहिए।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation