कानपुर। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को शहर से सीधे जोड़ने के लिए एनएचएआई ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है। शहर में जाजमऊ गंगा पुल से करीब छह किलोमीटर दूर लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का प्रवेश द्वार है। शहर से सीधी कनेक्टिविटी विकसित करने के लिए सर्वे शुरू करा दिया है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) करने का निर्णय लिया जाएगा।
सांसद रमेश अवस्थी ने एक्सप्रेसवे को शहर से सीधे जोड़ने की मांग केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के सामने उठाई थी। उन्होंने बताया था कि एक्सप्रेसवे शहर के बेहद करीब से गुजर रहा है, लेकिन सीधी कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण इसका अपेक्षित लाभ कानपुर के लोगों को नहीं मिल पा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने इस मांग पर मंत्रालय के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद भोपाल की सर्वे कंपनी एलएन मालवीय को जमीनी सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कंपनी की टीम प्रस्तावित कनेक्टिविटी के लिए जमीन की स्थिति, मार्ग की व्यवहारिकता, यातायात दबाव और आवश्यक ढांचागत सुविधाओं की पड़ताल करेगी। सर्वे के बाद एक्सप्रेसवे को कानपुर शहर से जोड़ने के लिए संभावित मार्ग का खाका तैयार किया जाएगा।
इसी आधार पर आगे डीपीआर तैयार होगी। एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक, कनेक्टिविटी विकसित करने के दौरान जमीन की उपलब्धता, आबादी वाले क्षेत्रों, मौजूदा सड़कों, नालों, रेलवे लाइन का भी अध्ययन किया जाएगा। जरूरत के अनुसार अंडरपास, ओवरब्रिज या अन्य संरचनाओं का प्रस्ताव भी डीपीआर में शामिल किया जा सकता है।
सर्वे कंपनी को फिलहाल आगरा से वाराणसी तक पुराने फोरलेन हाईवे के चौड़ीकरण, अंडरपास और ओवरब्रिज निर्माण से जुड़े सर्वे की जिम्मेदारी भी मिली हुई है।














