नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में 675 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है।
पश्चिम बंगाल के लिए 272 करोड़
पश्चिम बंगाल में भारतीय रेलवे ने 272 करोड़ रुपये की लागत से आद्रा एंड और जॉयचंडीपहाड़ के बीच 11 किलोमीटर लंबी बाईपास लाइन के निर्माण को मंज़ूरी दी है। यह प्रोजेक्ट साउथ ईस्टर्न रेलवे ज़ोन के तहत आता है।
रेलवे के अनुसार, यह बाईपास मालगाड़ियों के लिए एक डेडिकेटेड रूट और आने वाली तीसरी लाइन के साथ दोनों तरफ से कनेक्शन देगा। उम्मीद है कि यह रोज़ाना लगभग 6.065 मालगाड़ी रेक को संभालेगा और इस इलाके में बढ़ते इंडस्टि्रयल ट्रैफिक में मदद करेगा।
यह बाईपास सेल की 23.40 एमटीपीए की अनुमानित आयरन ओर की जरूरत और बीसीसीएल की रोज़ाना 45 रेक की अनुमानित आवाजाही से जुड़े माल के ट्रांसपोर्टेशन में भी मदद करेगा। आद्रा-जॉयचंडीपहाड़-सांका बाईपास से मौजूदा ऑपरेशनल रुकावटें दूर होने और आद्रा-जॉयचंडीपहाड़ सेक्शन पर सरफेस क्रॉसिंग की वजह से होने वाली देरी कम होने की उम्मीद है।
मौजूदा रेलवे नेटवर्क पहले से ही लगभग 71% क्षमता पर काम कर रहा है, ऐसे में नया बाईपास माल की आवाजाही बेहतर बनाने, ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने और और ज़्यादा भीड़भाड़ को रोकने में मदद करेगा।
बिहार में नया रेलवे प्रोजेक्ट
बिहार में, नेशनल ट्रांसपोर्टर ने ईस्ट सेंट्रल रेलवे के समस्तीपुर डिवीज़न में 21 स्टेशनों पर कुल 233 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) लगाने को मंज़ूरी दी है।
इस प्रोजेक्ट में इन स्टेशनों पर मौजूदा पैनल इंटरलॉकिंग सिस्टम को आधुनिक ईआई टेक्नोलॉजी से बदलना शामिल है। यह अपग्रेड पूरे डिवीजन में सिग्नलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा और देश के अपने ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) सिस्टम ‘कवच’ को लागू करने में मदद करेगा। रेलवे के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग एक आधुनिक कंप्यूटर-आधारित सिग्नलिंग सिस्टम है जो पुराने रिले-आधारित सिस्टम की जगह लेता है। यह ज़्यादा भरोसेमंद है, इसमें खराबी का पता जल्दी चलता है, रखरखाव आसान होता है और ट्रेन संचालन में ज़्यादा लचीलापन मिलता है। यह नया सिस्टम चुने हुए स्टेशनों पर सिग्नलिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाएगा और ‘कवच’ से जुड़े चल रहे कामों को सपोर्ट करने के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर देगा।
उत्तर प्रदेश का प्रोजेक्ट
उत्तर प्रदेश में रेलवे ने नॉर्दर्न रेलवे के मुरादाबाद डिवीज़न के बाकी 712 रूट किलोमीटर हिस्से में 170 करोड़ रुपये की लागत से ‘कवच वर्शन 4.0’ लगाने की मंज़ूरी दी है। यह प्रोजेक्ट ‘कवच’ लगाकर चुने हुए सेक्शन में रेलवे सुरक्षा को मज़बूत करेगा। ‘कवच 4.0’ के लागू होने से ट्रेन संचालन में सुरक्षा की एक और आधुनिक परत जुड़ेगी और मुरादाबाद डिवीज़न के बाकी हिस्सों में सुरक्षा बेहतर करने में मदद मिलेगी।














