नई दिल्ली, 27 अक्टूबर जिस सेंट्रल हॉल में भारत का संविधान बना, वहां इन दिनों दुनिया की कई संसदों के अध्यक्ष बैठे हैं। 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच 26 अक्टूबर को संविधान सदन में शुरू हुआ। इसमें 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के प्रतिनिधिमंडल आए हैं। एएनआई ने उसी दिन यह खबर दी। मंच की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कर रहे हैं।
संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में 21 देशों के प्रतिनिधिमंडल बैठे हैं। भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता का साल संसदों की इस बैठक से पूरा कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन में पहुंचे और बाहर से आए संसद अध्यक्षों से मिले। इनमें रूस की स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन भी थे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी मौजूद रहे। मंच 27 अक्टूबर को साझा बयान के साथ खत्म होगा।
संसदों का मंच क्यों जरूरी
शिखर सम्मेलन में नेता वादे करते हैं। उन वादों को कानून, बजट और समझौते में बदलने का काम संसदें करती हैं। यही इस मंच का मकसद है। ओम बिरला ने उद्घाटन में बताया कि यह मंच अपने 20वें साल में है।
भारत ने इस बार का विषय रखा है : लोगों पर केंद्रित विकास के लिए संसदों को मजबूत करना। चार सत्रों में संस्थाओं की मजबूती, एआई और डिजिटल शासन, आपसी सहयोग और टिकाऊ विकास पर बात हो रही है। मीडिया ने 22 अक्टूबर को यह जानकारी दी।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि ब्रिक्स ग्लोबल साउथ की “सशक्त आवाज” बन सकता है।
अध्यक्षता का साल पूरा
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता तीन स्तर पर चली। नेता 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में मिले थे। मंत्रियों की बैठकें पूरे साल चलीं। अब सांसदों की बारी है। अगली बार मंच की अध्यक्षता चीन करेगा।
सऊदी अरब और इथियोपिया इस बार नहीं आए हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने 22 अक्टूबर को यह बताया था। हमारे हिसाब से ब्रिक्स के 23 सदस्य और साझेदार देशों में से 21 सेंट्रल हॉल में हैं।
भारत को क्या मिला
जिस कमरे में नियम बनते हैं, वहां एजेंडा भारत तय कर रहा है। एआई इसका सबसे साफ उदाहरण है। हर ब्रिक्स देश एआई के लिए नियम बना रहा है। भारत भी एआई कानून पर सलाह-पत्र लाने की बात कह चुका है। दिल्ली में 21 देशों की संसदों की साझा सोच बनती है, तो भारतीय नजरिया दूर तक पहुंचता है।
ब्लिट्ज़ की सलाह
साझा बयान लोकसभा की वेबसाइट पर हिंदी और अंग्रेजी में पूरा छपे। साथ में एक पन्ने का सार हो कि हर वादा सदस्य संसदों से क्या मांगता है। चीन की मेजबानी वाली अगली बैठक में इसकी प्रगति रिपोर्ट रखी जाए।
11 करोड़ किसानों को मिली डिजिटल पहचान
नई दिल्ली, 27 अक्टूबर अब किसान को हर दफ्तर में बार-बार यह साबित नहीं करना पड़ेगा कि वह कौन है और कितनी जमीन जोतता है। देश में 11 करोड़ किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह जानकारी दी।
पांच महीने पहले लक्ष्य पूरा
डिजिटल कृषि मिशन में यह लक्ष्य 31 मार्च 2027 तक पूरा होना था। यानी काम पांच महीने पहले हो गया। केंद्रीय कैबिनेट ने 2 सितंबर 2024 को इस मिशन को मंजूरी दी थी।
किसान को क्या फायदा
फार्मर आईडी किसान के आधार को उसके जमीन के रिकॉर्ड से जोड़ती है। एक बार पहचान दर्ज, फिर हर योजना में वही काम आती है। पीएम-किसान की किस्त, किसान क्रेडिट कार्ड का कर्ज, फसल बीमा का दावा और एमएसपी पर फसल बेचने का पैसा, सब इसी से जुड़ता है। मंत्री के मुताबिक 6 करोड़ से ज्यादा किसान इस व्यवस्था से फायदा ले चुके हैं।
रफ्तार बढ़ी
11 अगस्त को संसद में दिए लिखित जवाब में यह संख्या 10.33 करोड़ बताई गई थी। यानी 73 दिन में 67 लाख नई आईडी बनीं। हमारे हिसाब से यह रोज करीब 91,800 किसान बैठता है।
ब्लिट्ज़ की सलाह
अगला कदम बटाईदार और किराये पर खेती करने वाले किसानों को पूरी तरह इसमें जोड़ना हो। जो असल में खेत जोतता है, फायदा उसी तक पहुंचे।
पैरा खिलाड़ियों के रिकॉर्ड 114 पदक
आइची-नगोया, 27 अक्टूबर। जापान के आइची-नगोया में हुए एशियाई पैरा खेलों में भारत ने अब तक के सबसे ज्यादा पदक जीते। कुल 114 पदक आए : 30 सोना, 35 चांदी और 49 कांसा। एएनआई और आउटलुक ने यह खबर दी।
पिछला सबसे अच्छा प्रदर्शन हांगझोउ में था। वहां 108 पदक आए थे, जिनमें 27 सोने के थे। इस बार 6 पदक ज्यादा आए और सोने के पदक करीब 11 फीसदी बढ़े। आखिरी दिन ही 9 सोने के पदक मिले। आधे से ज्यादा पदक एथलेटिक्स से आए। पैरा-बैडमिंटन से 16 और पैरा-तैराकी से 11 पदक मिले।
भारत ने 168 खिलाड़ी भेजे थे। यानी हर तीन खिलाड़ियों पर करीब दो पदक।
भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झाझड़िया ने कहा, “100 पदकों का आंकड़ा पार करके 114 तक पहुंचना भारतीय पैरा खेलों के लिए गर्व का पल है।”
ब्लिट्ज़ की सलाह
पदक विजेताओं को इनाम राशि और नौकरी हफ्तों में मिले, महीनों में नहीं। तभी यह जोश लॉस एंजेलिस 2028 पैरालंपिक तक बना रहेगा।
बैंकों से कर्ज 18.2% बढ़ा
मुंबई, 27 अक्टूबर।घर, गाड़ी या कारोबार के लिए कर्ज लेने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बैंकों का दिया कुल कर्ज एक साल में 18.2 फीसदी बढ़कर 227.43 लाख करोड़ रुपये हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक के साप्ताहिक आंकड़ों में यह बात सामने आई। आंकड़े 15 अक्टूबर तक के हैं।
एक साल पहले कर्ज 11.6 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रहा था। बैंकों में जमा पैसा भी 16.7 फीसदी बढ़कर 278.76 लाख करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह बढ़त 9.5 फीसदी थी।
हमारे हिसाब से पिछले एक साल में बैंकों में जो हर 100 रुपये नए जमा हुए, उनमें से करीब 88 रुपये कर्ज के रूप में बाहर गए। यानी बैंक कर्ज देने को तैयार हैं।
इसी हफ्ते आए दूसरे आंकड़े भी यही कहते हैं। सितंबर में देश के आठ बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 7.9 फीसदी बढ़ा। बिजली 11.4 फीसदी और सीमेंट 9.8 फीसदी बढ़ा। जब बिजली, सीमेंट और स्टील साथ बढ़ते हैं, तो सड़क, मकान और फैक्टरी बन रहे होते हैं।
ब्लिट्ज़ की सलाह
कर्ज लेने से पहले कई बैंकों की ब्याज दर और प्रोसेसिंग फीस मिला लें। जब बैंक कर्ज देने को उत्सुक हों, तब मोलभाव का मौका ग्राहक के पास होता है।
10,000 नशा मुक्ति कर्मियों को ट्रेनिंग
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर। नशे की लत में फंसे लोगों को अब जिले के अस्पताल में ही ट्रेनिंग पाए डॉक्टर और काउंसलर मिलेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 26 अक्टूबर को इसके लिए राष्ट्रीय ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू किया। मार्च 2029 तक 10,000 डॉक्टर, नर्स, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और काउंसलर तैयार होंगे। मीडिया ने सरकारी रिलीज के हवाले से यह खबर दी।
पहले साल 2026-27 में 2,000 लोग, फिर 3,000 और 2028-29 में 5,000 लोगों को ट्रेनिंग मिलेगी। एम्स दिल्ली का राष्ट्रीय नशा निर्भरता उपचार केंद्र इसका संयोजक है। निमहांस, पीजीआईएमईआर, रांची का केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान, आरएमएल अस्पताल और एम्स भुवनेश्वर भी पढ़ाएंगे। 12 हफ्ते ऑनलाइन क्लास चलेगी, फिर पांच दिन आमने-सामने ट्रेनिंग।
800 से ज्यादा नाम आ चुके हैं।
मंत्री ने कहा, “इसे ठीक से लागू करने के लिए मंत्रालयों के बीच लगातार तालमेल और सामूहिक जवाबदेही चाहिए।” सामाजिक न्याय मंत्रालय भी इसमें साझेदार है।
ब्लिट्ज़ की सलाह
हर साल जिलेवार सूची छपे कि कहां ट्रेनिंग पाए लोग तैनात हैं। परिवारों को पता रहे कि मदद पास में कहां मिलेगी।
आरबीआई का दूसरा डेटा सेंटर शुरू
भुवनेश्वर, 25 अक्टूबर। आपका यूपीआई पेमेंट और बैंक ट्रांसफर अब और सुरक्षित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर को जटनी के इन्फो वैली-2 में भारतीय रिजर्व बैंक के डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा ट्रेनिंग संस्थान का उद्घाटन किया। आरबीआई ने उसी दिन जारी रिलीज में यह जानकारी दी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि यहां आरबीआई के सबसे जरूरी सिस्टम रहेंगे, जिनमें आरटीजीएस और एनईएफटी शामिल हैं। मुख्य डेटा सेंटर नवी मुंबई के खारघर में है। अब एक जगह दिक्कत आई तो भी देश में पेमेंट नहीं रुकेंगे।
कैंपस 18.55 एकड़ में है और इस पर 169 करोड़ रुपये खर्च हुए।
ओडिशा को इसलिए चुना गया क्योंकि यहां भूकंप का खतरा कम है।
वित्त मंत्री के मुताबिक यूपीआई पर हर महीने 2,400 करोड़ से ज्यादा लेनदेन होते हैं। यानी रोज करीब 80 करोड़।
ब्लिट्ज़ की सलाह
साइबर संस्थान के छोटे कोर्स सहकारी और ग्रामीण बैंकों के कर्मचारियों के लिए भी खुलें। धोखाधड़ी का सबसे ज्यादा खतरा इन्हीं बैंकों के ग्राहकों पर है।
न्यूजीलैंड में पढ़ाई-काम के नए रास्ते
नई दिल्ली, 27 अक्टूबर।न्यूजीलैंड जाकर पढ़ने या काम करने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए रास्ता खुला है। भारत और न्यूजीलैंड का मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर से लागू हो गया। न्यूजीलैंड के विदेश और व्यापार मंत्रालय की वेबसाइट पर यह दर्ज है।
समझौते की प्रकाशित जानकारी के मुताबिक हर साल 1,000 वर्किंग हॉलिडे वीजा मिलेंगे। तीन साल तक काम के लिए 5,000 वीजा का कोटा है। भारतीय छात्रों की संख्या पर कोई सीमा नहीं है। साइंस और टेक्नोलॉजी की डिग्री के बाद तीन साल और पीएचडी के बाद चार साल काम करने की छूट है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 21 सितंबर को कहा था कि भारत का हर निर्यात न्यूजीलैंड में बिना टैक्स जाएगा। भारत ने अपने दूध और डेयरी किसानों को इस समझौते से बाहर रखा है। यह भारत का 17वां मुक्त व्यापार समझौता है।
ब्लिट्ज़ की सलाह
विदेश मंत्रालय छात्रों और युवाओं के लिए आसान भाषा में गाइड जारी करे, ताकि पहले ही साल वीजा कोटा पूरा भरे।
बुलेट ट्रेन का 371 किमी वायाडक्ट तैयार
नई दिल्ली, 27 अक्टूबर। मुंबई से अहमदाबाद तक 508 किलोमीटर की बुलेट ट्रेन लाइन का करीब 465 किलोमीटर हिस्सा खंभों पर बने पुल यानी वायाडक्ट पर चलेगा। सितंबर तक इसमें से 371 किलोमीटर बन चुका था। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने ब्लॉग में यह बताया। मीडिया ने यह खबर दी। हमारे हिसाब से यह करीब 80 फीसदी काम है।
सबसे बड़ी खबर ट्रेन की है। 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली बी28 ट्रेन चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्टरी और बीईएमएल मिलकर बना रहे हैं। मंत्री ने लिखा, “पहला बॉडी फ्रेम तैयार है और उसकी जांच चल रही है। ट्रैक पर ट्रायल 2027 के बीच तक होने की उम्मीद है।”
पहली सेवा सूरत से वापी के बीच 2027 की आखिरी तिमाही में शुरू होने की उम्मीद है, मंत्री ने लिखा। 21 किलोमीटर की सुरंग में 7 किलोमीटर ठाणे की खाड़ी के नीचे है।
ब्लिट्ज़ की सलाह
एनएचएसआरसीएल हर महीने स्टेशनवार प्रगति छापे, ताकि गुजरात और महाराष्ट्र हर स्टेशन के आसपास सड़क, बस और बसावट की तैयारी समय पर कर सकें।
सुखना, सौज झील रामसर सूची में
नई दिल्ली, 27अक्टूबर। चंडीगढ़ की सुखना झील और उत्तर प्रदेश की सौज झील को अंतरराष्ट्रीय महत्व की वेटलैंड यानी रामसर साइट का दर्जा मिला है। इसके साथ देश में रामसर साइट 103 हो गईं। पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 16 अक्टूबर को यह जानकारी दी। न्यूज ऑन एआईआर ने यह खबर दी।
2014 में देश में सिर्फ 26 रामसर साइट थीं। 12 साल में यह संख्या करीब चार गुना हो गई। पीआईबी पर 25 अक्टूबर को छपी पर्यावरण मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक तमिलनाडु में सबसे ज्यादा 20 साइट हैं। उत्तर प्रदेश 14 साइट के साथ दूसरे नंबर पर है।
ऐसी झीलें बाढ़ का पानी रोकती हैं, जमीन के नीचे पानी भरती हैं और प्रवासी पक्षियों का घर हैं। रामसर दर्जे के बाद इनकी देखभाल की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
ब्लिट्ज़ की सलाह
हर नई साइट की देखभाल योजना छपे, जिसमें पानी की आवक और पक्षियों की गिनती हो।
जियो आईपीओ को 22 गुना बोली
मुंबई, 27 अक्टूबर।जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,213 करोड़ रुपये के आईपीओ को 22.19 गुना बोली मिली। शेयर 28 अक्टूबर को एनएसई और बीएसई पर लिस्ट होंगे। अपस्टॉक्स और बिजनेस टुडे की 27 अक्टूबर की रिपोर्ट में यह जानकारी है। बाजार की रिपोर्टों में इसे देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बताया गया है।
1.39 करोड़ आवेदन आए और बोली 4.9 लाख करोड़ रुपये से ऊपर गई। आम निवेशकों का हिस्सा 2.72 गुना भरा। बड़े संस्थागत निवेशकों ने अपने हिस्से की 70 गुना से ज्यादा बोली लगाई।
आईपीओ से आए पैसे में से 27,500 करोड़ रुपये रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने में लगेंगे।
ब्लिट्ज़ की सलाह
जिन्हें शेयर मिले हैं, वे लिस्टिंग के दाम को कंपनी की कमाई और कर्ज घटने से तौलें, सिर्फ बोली के आंकड़े से नहीं।
नौसेना के 25 ठेके स्टार्टअप को
नई दिल्ली, 27 अक्टूबर। देश के स्टार्टअप और छोटी कंपनियों को नौसेना से 1,900 करोड़ रुपये से ज्यादा के 25 ठेके मिले हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 26 अक्टूबर को नौसेना के स्वावलंबन 2026 सेमिनार में यह बताया। उन्होंने आत्मनिर्भरता के दूसरे दौर, “आत्मनिर्भरता 2.0”, की बात कही।
नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने बताया कि 2022 में नौसेना ने 20 चुनौतियां रखी थीं, अब 229 हैं। इन पर 4,000 से ज्यादा प्रस्ताव आए। 3,500 करोड़ रुपये से ज्यादा के 41 और मामलों को खरीद की शुरुआती मंजूरी मिल चुकी है।
हमारे हिसाब से एक ठेका औसतन 76 करोड़ रुपये का है। स्टार्टअप के लिए यह अनुदान नहीं, पूरा कारोबार है।
ब्लिट्ज़ की सलाह
काम पूरा होने के 30 दिन के भीतर भुगतान हो। छोटी कंपनियों के लिए यह किसी नई योजना से ज्यादा काम का होगा।
भारत-पोलैंड व्यापार दोगुना करेंगे
नई दिल्ली, 27अक्टूबर। भारत और पोलैंड ने 2030 तक आपसी व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की 22 अक्टूबर को हैदराबाद हाउस में बातचीत के बाद जारी साझा बयान में यह बात है।

पोलैंड ने 2028-29 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की दावेदारी का समर्थन किया है। वह भारत की पहल पर बने आपदा-रोधी ढांचा गठबंधन, सीडीआरआई, से भी जुड़ेगा। दोनों देश रक्षा उद्योग और आतंकवाद के खिलाफ अलग-अलग बातचीत शुरू करेंगे।
हमारे हिसाब से चार साल में व्यापार दोगुना करने के लिए हर साल करीब 19 फीसदी बढ़त चाहिए। टस्क के साथ करीब 100 कंपनियों के प्रमुख आए थे।
ब्लिट्ज़ की सलाह
दोनों देश हर साल आपसी व्यापार का आंकड़ा जारी करें, ताकि 2030 का लक्ष्य निर्यातकों की नजर में बना रहे।
पनडुब्बी का देसी पावर सिस्टम ट्रायल में
हजीरा, 27अक्टूबर। डीजल-बिजली से चलने वाली पनडुब्बी की एक कमजोरी है। बैटरी चार्ज करने के लिए उसे सतह के पास आना पड़ता है। उसी वक्त वह पकड़ में आ सकती है। एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन यानी एआईपी इस कमजोरी को दूर करता है। यह बाहर की हवा के बिना बिजली बनाता है, जिससे पनडुब्बी ज्यादा देर पानी के नीचे रह सकती है। भारत ने यह सिस्टम खुद बना लिया है।
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की नौसेना सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला ने इसे बनाया है। यह फ्यूल सेल पर चलता है। 24 अक्टूबर को गुजरात के हजीरा में लार्सन एंड टुब्रो के कारखाने में इसका दूसरा चरण, सेटिंग-टू-वर्क फेज 2, शुरू हुआ। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने इसका ऑनलाइन उद्घाटन किया। वे डीआरडीओ अध्यक्ष का कामकाज भी देख रहे हैं। मीडिया ने रक्षा मंत्रालय की रिलीज के हवाले से यह खबर दी।
अब इसे चालू करके नौसेना के नियमों के मुताबिक परखा जाएगा। फिर यह मझगांव डॉक जाएगा, जहां इसे कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी में लगाया जाएगा। लक्ष्य 2027 की शुरुआत है।
भारत को क्या मिला
गिने-चुने देश ही अपना एआईपी बनाते हैं। अपना सिस्टम होने से भारत की पनडुब्बियों को विदेशी लाइसेंस के बिना ताकत मिलेगी। यह हुनर देश की प्रयोगशाला और देश के शिपयार्ड में रहेगा। पानी के नीचे रहने की अवधि जैसे आंकड़े अभी जारी नहीं हुए हैं।
ब्लिट्ज़ की सलाह
समुद्री ट्रायल सफल होने के बाद बताया जाए कि पनडुब्बी अब कितनी ज्यादा देर पानी में रह सकेगी। देश अपने वैज्ञानिकों का काम देख सके।














