नई दिल्ली। आईएएस, आईपीएस बनने का सपना पूरा करने के लिए हर साल लाखों उम्मीदवार यूपीएससी की सिविल सर्विस एग्जाम देते हैं लेकिन इनमें से कुछ ही लोगों को सफलता मिलती है। आईएएस बनने का क्रेज इतना ज्यादा है कि लोग अपने शानदार प्रोफेशन व करियर को छोड़ देते हैं और यूपीएससी का रुख करते हैं। एक ऐसी ही कहानी है रेणु राज की, जिन्होंने यूपीएससी सीएसई एग्जाम में दूसरी रैंक हासिल की थी। रेणु राज ने एमबीबीएस की पढ़ाई की और फिर डॉक्टर बनीं। मगर, इसी दौरान उनका झुकाव यूपीएससी की ओर हुआ। डॉक्टरी के दौरान यूपीएससी की तैयारी की और पहले ही अटेंप्ट में इस कठिन एग्जाम को क्रैक कर लिया।
कौन हैं रेणु राज
आईएएस रेणु राज केरल के कोट्टायम जिले की रहने वाली हैं। उनका जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में है। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन उनके माता-पिता ने उनकी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके पिता राजकुमारन नायर बस कंडक्टर के पद से रिटायर हुए हैं और मां लता एक हाउस वाइफ हैं।
नीट के बाद सरकारी कॉलेज से की एमबीबीएस
बता दें कि रेणु राज बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज थी। वो डॉक्टर बनकर ज्यादा से ज्यादा लोगों की सेवा करनी चाहती थीं और इसीलिए उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई की। रेणु राज ने अपनी शुरुआती शिक्षा केरल के कोट्टायम में स्थित सेंट टेरेसा हायर सेकेंडरी स्कूल से हासिल की है। स्कूली पढ़ाई खत्म होने के बाद उन्होंने डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए नीट का एग्जाम दिया। यहां वो सफल हुईं और फिर कोट्टायम के ही सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री ली। इसके बाद वह हाउस सर्जन के तौर पर कोल्लम जिले के एएसआई हॉस्पिटल में प्रैक्टिस करने लगी थीं। बतौर सर्जन काम करते हुए रेणु राज ने यूपीएससी की तैयारी भी शुरू कर दी।
क्यों चुनी सिविल सर्विस की राह
अब सवाल उठता है कि आखिर डॉक्टर बनने के बाद रेणु राज ने यूपीएससी की राह क्यों चुनी। बता दें कि हॉस्पिटल में काम करते हुए उन्होंने गरीबी, हेल्थ फैसिलिटी की कमी और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों को करीब से देखा। एक दिन उनकी मुलाकात एक मरीज से हुई, जिसकी हालत देखकर उन्हें लगा कि सिर्फ इलाज से समाज की समस्याएं हल नहीं होंगी। उन्हें एहसास हुआ कि प्रशासनिक सेवा में जाकर ही वह बड़े पैमाने पर बदलाव ला सकती हैं। बस यहीं, उनका मन बदला और उन्होंने नौकरी के साथ यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की।
कैसे की यूपीएससी तैयारी
रेणु राज के लिए यूपीएससी का सफर आसान नहीं था। वो काम करने बाद यूपीएससी की तैयारी करती है। उन्होंने अपनी सफलता का मंत्र कई इंटरव्यू में शेयर किया है। वो कहती हैं कि 2013 से ही यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। काम के साथ हर रोज 3-6 घंटे की पढ़ाई की। अपनी प्रैक्टिस के साथ पढ़ाई की। एग्जाम पास आने पर फुल टाइम तैयारी करने का फैसला किया। वहीं मेंस एग्जाम होने के बाद फिर से प्रैक्टिस शुरू की।
क्या थी स्ट्रैटजी
यूपीएससी एग्जाम की तैयारी करते हुए मॉक टेस्ट और मॉक इंटरव्यू पर सबसे ज्यादा फोकस किया। एग्जाम के लिए उन्होंने 3-6 घंटे प्रतिदिन पढ़ाई की और कम से कम 7 घंटे की नींद जरूरी ली। इसके अलावा रोज न्यूज पेपर भी पढ़ती थीं। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई।














