पटना। बिहार की सम्राट सरकार बीते कुछ दिनों से प्रशासनिक ‘सर्जरी’ करने में जुटी है। सरकार ने कई आईएसएस, आईपीएस और डीएसपी स्तर के अधिकारियों को इधर से उधर कर दिया। साथ ही 2023 बैच के आईएएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी दी है। इन्हीं आईएएस अधिकारियों में शामिल हैं आईएएस गरिमा लोहिया। बिहार सरकार ने बीते दिनों आईएएस अधिकारी गरिमा लोहिया को पटना जिला के बाढ़ के अनुमंडल पदाधिकारी पद से हटाकर दरभंगा की नगर आयुक्त बनाया। गरिमा लोहिया दरभंगा की नगर आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
पिता का सपना था
गरिमा लोहिया 2023 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में दरभंगा की नगर आयुक्त के पद की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। गरिमा लोहिया के आईएएस बनने के सफर की कहानी संघर्ष से भरी हुई है। बहुत कम उम्र में पिता को खोने के बाद गरिमा ने अपने पापा का सपना पूरा किया। गरिमा के पापा चाहते थे कि उनकी बेटी बड़ी होकर आईएएस अधिकारी बने। पिता के निधन के बाद उनकी मां ने परिवार को संभाला और बेटी के सपने को पूरा करने के लिए उसका हौसला बनाए रखा।
2015 में दिल का दौरा पड़ने से हुआ पिता का निधन
गरिमा लोहिया के पिता बक्सर में कपड़ों के थोक व्यापारी थे। साल 2015 में दिल का दौरा पड़ने से उनका अचानक निधन हो गया। उस समय गरिमा काफी छोटी थीं। पिता के जाने के बाद परिवार की जिम्मेदारी गरिमा की मां के कंधों पर आ गई। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में परिवार को संभाला और गरिमा को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
शुरुआती पढ़ाई बक्सर से
गरिमा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई बक्सर के वुडस्टॉक स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने सनबीम भगवानपुर से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज में दाखिला लिया, जहां से उन्होंने बीकॉम की डिग्री हासिल की।
यूट्यूब से की यूपीएससी की तैयारी
कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद गरिमा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली में ही रहना चाहती थीं। इसी दौरान कोरोना महामारी शुरू हुई और लॉकडाउन लग गया। इस वजह से गरिमा को दिल्ली छोड़कर वापस अपने घर बक्सर लौटना पड़ा। बक्सर आकर गरिमा ने घर पर ही रहकर यूट्यूब की मदद से अपनी तैयारी जारी रखी। फिर 2023 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बनीं।














