नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े उपकरणों में खराबी अब कंपनियों को महंगी पड़ेगी। कैमरे, सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक सूचना बोर्ड, स्पीड डिटेक्शन सिस्टम खराब मिले या तय सीमा से अधिक समय तक बंद रहे तो कंपनी पर प्रति उपकरण, प्रति दिन की सेवा-दर का 120% जुर्माना लगेगा।
अनेदखी पर ठेका रद होगा। इसके अलावा सेवा-स्तर संबंधी नियमों (एसएलआर) के उल्लंघन पर हर घटना के लिए एक लाख रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगेगा। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में विगत सप्ताह दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर सफर को सुरक्षित बनाने के लिए लगाए जा रहे एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम उपकरण केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि हर समय यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाला सिस्टम है।














