नई दिल्ली। एयरपोर्ट पर लंबी लाइन और प्रक्रिया से बचने के लिए सरकार डिजी यात्रा के जरिए बोर्डिंग को आसान बनाने के लिए प्रयासरत है। इसी कड़ी में अक्टूबर से दिसंबर तक देश के बड़े एयरपोर्ट्स पर इसकी टेस्टिंग की जाएगी। रिपोर्ट के मुाबिक घरेलू यात्रियों के अलावा अब अंतरराष्ट्रीय डिपार्टर के लिए भी डिजी यात्रा की सुविधा शुरू होगी। इसकी शुरुआत दिल्ली, मुंबई, बंगलुरु, कोच्चि और हैदराबाद एयरपोर्ट से की जा रही है। दिल्ली और मुंबई में सबसे पहले इसे लागू किया जा सकता है। इसमें यात्री को बार-बार पासपोर्ट दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी।
जानकारी के मुताबिक पहले डिपार्चर की तरफ ही यात्रियों को यह सुविधा मिलेगी। कम संवेदनशील जगहों जैसे कि टर्मिनल एंट्री, सिक्योरिटी, बोर्डिंग गेट पर इसका उपयोग किया जाएगा। वहीं इमिग्रेशन काउंटर पहले की ही तरह काम करता रहेगा। इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कहना है कि घरेलू उड़ानों में आधार का उपयोग किया जाता है जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ई पासपोर्ट के जरिए बोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक जिसके पास ही ई-पासपोर्ट होगा वह इसका पहले पेज स्कैन करेगा और फोन के जरिए इसमें लगी चिप को रीड करेगा। इसके बाद यात्री का डिजिटल क्रेडेंशियल बनाने के लिए सेल्फी के साथ चिप में स्टोर किया गया फोटोग्राफ मैच किया जाएगा।
इसके बाद यात्री का आइडेंटिटी वैलिडेशन कंप्लीट हो जाएगा। 30 जुलाई तक कुल 17,316,144 ई पासपोर्ट जारी किए गए हैं। घरेलू उड़ानों के मामले में आधार केवाईसी में लगा फोटो और सेल्फी मैच करवाया जाता है और इसके बाद यात्री के फोन में ही क्रेडिंशियल आ जाते हैं। अभी ट्रायल के तौर पर ही इसे लागू किया जा रहा है और जरूरी सुधार भी किए जाएंगे। यह सुविधा लागू होने के बाद कुछ नियमों में भी बदलाव किया जा सकता है। डिजी यात्रा के सीईओ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा के मामले में इसे लागू करना बड़ा कदम होगा।














