• Latest
  • Trending
पश्चिम एशिया संकट ने चुपचाप बदल दिया भारत के व्यापार का नक्शा

तीन समझौते, तीन रफ्तार: ब्रिटेन से रास्ता खुला, यूरोप करीब, अमेरिका छह दिन की घड़ी पर

July 18, 2026
नारियल उद्योग

नारियल का छिलका, सात लाख लोगों की रोजी

October 14, 2026
कृषि भवन, नई दिल्ली में पराली प्रबंधन की समीक्षा बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव। फोटो : पीआईबी

हरियाणा में पराली की आग 53% घटी

October 14, 2026
प्रधानमंत्री मोदी

भारत की विकास गाथा: स्टार्टअप, व्यापार, डेटा और खादी

October 13, 2026
प्याज

प्याज महंगा, सेना को 27 पदक और नई रक्षा पहल

October 13, 2026
dal

दाल का आयात बिल 14,634 करोड़ रुपये घटा

October 12, 2026
daily-news

सप्ताह की समीक्षा: रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी, GST नियमों में राहत और रिकॉर्ड रक्षा निर्यात

October 11, 2026
daily-news

14416 पर चार साल में 47.75 लाख कॉल

October 10, 2026
medicine

दवा, कोयला, खादी और व्यापार पर सरकार के नए कदम

October 9, 2026
अर्थव्यवस्था

जीएसटी सुधार, नाविकों की संख्या और भारतनेट का विस्तार

October 9, 2026
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
Wednesday, October 14, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

तीन समझौते, तीन रफ्तार: ब्रिटेन से रास्ता खुला, यूरोप करीब, अमेरिका छह दिन की घड़ी पर

by ब्लिट्ज़ इंडिया
July 18, 2026
in the blitz
0
पश्चिम एशिया संकट ने चुपचाप बदल दिया भारत के व्यापार का नक्शा

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।भारत के व्यापार का सबसे बड़ा दांव इस वक्त तीन मोर्चों पर एक साथ चल रहा है, और घड़ी की सुई तेज़ हो रही है। ब्रिटेन के साथ समझौता (CETA) लागू हो चुका है और पहले ही दिन इससे 14 करोड़ डॉलर से ज़्यादा का सामान बिना टैक्स के ब्रिटेन गया। यूरोपियन यूनियन के साथ समझौता — जो सबसे बड़ा है — अब कानूनी जांच के आखिरी दौर में है। और अमेरिका के साथ पहले चरण का समझौता बस “आखिरी एक फीसदी” पर अटका है, जहां अंतरिम टैरिफ राहत करीब 24 जुलाई को, यानी अब बस छह दिन में खत्म होने वाली है।

तीनों समझौते अलग-अलग पड़ाव पर हैं, और यही फर्क समझने लायक है। ब्रिटेन वाला समझौता सबूत है — 15 जुलाई से इसने भारतीय कपड़े पर लगने वाला 12% ब्रिटिश टैक्स एक झटके में हटा दिया, और पहले दिन कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयां और जेम्स-ज्वेलरी की खेपें देश की 20 से ज़्यादा जगहों से रवाना हुईं। यूरोप वाला समझौता सबसे बड़ा बाज़ार है, जो अब दस्तखत से पहले की कानूनी जांच में है — सरकारी अनुमान के मुताबिक इससे करीब 75.85 अरब डॉलर के भारतीय निर्यात को रफ्तार मिल सकती है।

YOU MAY ALSO LIKE

नारियल का छिलका, सात लाख लोगों की रोजी

हरियाणा में पराली की आग 53% घटी

ब्रिटेन ने दिखा दिया कि लागू समझौता पहले दिन कैसा दिखता है। असली काम अब यह है कि दूसरा और तीसरा भी वक्त पर ज़मीन पर उतरे — शर्तों से समझौता किए बिना।

एक नज़र में

  • ब्रिटेन CETA: 15 जुलाई से लागू; पहले दिन 14 करोड़ डॉलर+ का बिना टैक्स निर्यात; 12% कपड़ा ड्यूटी खत्म
  • यूरोप (EU): जनवरी में सैद्धांतिक सहमति; कानूनी जांच एक-दो हफ्ते में पूरी; 2027 की शुरुआत में लागू
  • अमेरिका: ढांचा तैयार; “आखिरी 1%” बाकी; अंतरिम 10% शुल्क करीब 24 जुलाई को खत्म
  • भारत का रुख: जल्दबाज़ी नहीं, सही शर्तों पर सौदा — दूसरे एशियाई देशों से खराब दर मंज़ूर नहीं

अमेरिका वाले मोर्चे पर अटकाव छोटा पर असली है — भारत चाहता है कि उसके सामान पर टैक्स वियतनाम, बांग्लादेश और इंडोनेशिया जैसे देशों से ज़्यादा न हो, वहीं अमेरिका चाहता है कि कपड़ा, समुद्री माल और सस्ते सामान की सप्लाई चेन में मज़दूरी के नियमों की पक्की गारंटी मिले। वाणिज्य सचिव कह चुके हैं कि ढांचा तैयार है और बातचीत अच्छी चल रही है, पर तारीख तय करने से बचते हुए साफ है कि भारत घड़ी देखकर नहीं, सही शर्तों पर समझौता करेगा।

सीधी बात यह है कि बाज़ार मिल जाना सिर्फ न्योता है; कमाई तो ऑर्डर से आती है। ब्रिटेन (लागू), यूरोप (करीब) और अमेरिका (बाकी) — तीनों साथ हों तो भारतीय निर्यातकों को ऐसा रास्ता मिलेगा जो कम देशों के पास है। आगे का रास्ता छोटे-छोटे इंतज़ाम से होकर जाता है — सामान कहां का बना, इसका सर्टिफिकेट झट से मिले, नियम एक-दूसरे को मंज़ूर हों, और तिरुपुर, सूरत व विशाखापत्तनम के छोटे-मंझोले कारोबारियों तक भी कर्ज़ और मदद पहुंचे।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation