• Latest
  • Trending
प्रधानमंत्री मोदी

भारत की विकास गाथा: स्टार्टअप, व्यापार, डेटा और खादी

October 13, 2026
प्याज

प्याज महंगा, सेना को 27 पदक और नई रक्षा पहल

October 13, 2026
dal

दाल का आयात बिल 14,634 करोड़ रुपये घटा

October 12, 2026
daily-news

सप्ताह की समीक्षा: रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी, GST नियमों में राहत और रिकॉर्ड रक्षा निर्यात

October 11, 2026
daily-news

14416 पर चार साल में 47.75 लाख कॉल

October 10, 2026
medicine

दवा, कोयला, खादी और व्यापार पर सरकार के नए कदम

October 9, 2026
अर्थव्यवस्था

जीएसटी सुधार, नाविकों की संख्या और भारतनेट का विस्तार

October 9, 2026
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
Tuesday, October 13, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

भारत की विकास गाथा: स्टार्टअप, व्यापार, डेटा और खादी

by ब्लिट्ज़ इंडिया
October 13, 2026
in the blitz
0
प्रधानमंत्री मोदी

मोदी : ताकत वही जो दूसरों को उठाए

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर। 2014 से पहले देश में गिने-चुने कुछ सौ स्टार्टअप थे। आज इनकी गिनती ढाई लाख से ज्यादा है, और इनमें से करीब आधे छोटे शहरों और कस्बों से हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह बात कही। प्रधानमंत्री कार्यालय ने उसी सुबह भाषण का अंग्रेजी पाठ जारी किया।

यह फोरम आठ साल से हो रहा है, पर भारत में पहली बार। इसमें सरकार और कारोबार के 500 से ज्यादा बड़े लोग बुलावे पर आए हैं। फोरम 15 अक्टूबर तक चलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ताकत सिर्फ आगे बढ़ने की क्षमता नहीं, दूसरों को आगे बढ़ाने की क्षमता भी है। इसे उन्होंने “पावर टु एम्पावर” का नाम दिया।

आंकड़ों में बात

अक्षय ऊर्जा की क्षमता 2014 में करीब 75 गीगावाट थी। आज यह करीब 300 गीगावाट है, यानी चार गुना। बिजली की कुल क्षमता में गैर-जीवाश्म स्रोतों का हिस्सा नवंबर 2021 में ही 40 फीसदी हो गया था, जो लक्ष्य 2030 का था।
पीएम सूर्य घर और पीएम-कुसुम योजनाओं से 30 गीगावाट से ज्यादा सौर क्षमता जुड़ी है। इससे हर साल अंदाजन 3 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन कम हो रहा है। 45 फीसदी से ज्यादा स्टार्टअप में कम से कम एक महिला निदेशक या साझेदार है।

मजबूत होती अर्थव्यवस्था

प्रधानमंत्री ने बताया कि अप्रैल-जून तिमाही में विकास दर 7.8 फीसदी रही। चालू खाते का घाटा 12-13 साल पहले जीडीपी के 4 फीसदी से ज्यादा था, जो पिछले साल 0.61 फीसदी रह गया। विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर से ऊपर है।
29 श्रम कानूनों को चार संहिताओं में समेटा गया है। छोटे-मोटे सैकड़ों कारोबारी अपराधों को अपराध की सूची से बाहर किया गया है। देश में 2,000 से ज्यादा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सुधार भारत की मजबूरी नहीं, उसका भरोसा हैं।

देश को क्या मिला

: पहली बार अपनी ही जमीन पर दुनिया के बड़े निवेशकों के सामने अपने आंकड़ों के साथ अपनी बात रखने का मंच।

एक नजर में

•स्टार्टअप : 2014 से पहले कुछ सौ → अब 2,50,000 से ज्यादा
•अक्षय ऊर्जा क्षमता : करीब 75 गीगावाट (2014) → करीब 300 गीगावाट
•चालू खाते का घाटा : 4% से ज्यादा (12-13 साल पहले) → 0.61% (पिछला साल)
•विदेशी मुद्रा भंडार : 700 अरब डॉलर से ऊपर
•अप्रैल-जून तिमाही में विकास दर : 7.8%

तुलना

•अक्षय ऊर्जा क्षमता अब : करीब 300 गीगावाट — 2014 की चार गुना
अक्षय ऊर्जा क्षमता 2014 : करीब 75 गीगावाट
•करीब आधे स्टार्टअप अब छोटे शहरों और कस्बों से हैं।

हमारा हिसाब

300 ÷ 75 = 4 गुना। 40% गैर-जीवाश्म हिस्सा 2021 में, यानी 2030 के लक्ष्य से नौ साल पहले।
भारत को क्या मिला
पहली बार देश में हो रहा दुनिया का बड़ा आर्थिक मंच, और निवेशकों के सामने आंकड़ों पर टिकी बात।

ब्लिट्ज की सराहना

छोटे शहरों और कस्बों के वे युवा उद्यमी, जिनसे अब करीब आधे स्टार्टअप आते हैं।
आंकड़े प्रधानमंत्री कार्यालय की 13 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति (पीआईबी रिलीज आईडी 2322622) से; pib.gov.in पर जांचे गए।

ब्लिट्ज की सलाह

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग हर तिमाही मान्यता-प्राप्त स्टार्टअप का शहरवार ब्योरा जारी करे, तो निवेशक छोटे शहरों के उद्यमियों तक सीधे पहुंच सकेंगे।


भारत-ब्रिटेन का लक्ष्य : 2030 तक दोगुना व्यापार

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर। भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता जिस दिन लागू हुआ, उसी दिन भारतीय निर्यातकों ने ब्रिटेन को 50 से ज्यादा खेप भेजीं। इनमें स्मार्टफोन, टर्बोजेट, सोने के गहने, सिले-सिलाए कपड़े, ऊनी धागा, चाय और कॉफी थे। अब वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल चाहते हैं कि 2030 तक दोनों देशों का व्यापार दोगुना हो। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की 12 अक्टूबर की दो विज्ञप्तियों में है।

अब तक क्या हुआ

यह बात नई दिल्ली में भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति (जेटको) की 16वीं बैठक में कही गई। समझौता 15 जुलाई 2026 को लागू हुआ था। असम का जोहा चावल पहली बार ब्रिटेन गया। समझौते के तहत मूल-स्थान के पहले प्रमाणपत्र भारत के ईसीओओ 2.0 पोर्टल से खुद-प्रमाणन पर जारी हुए।

उधर से स्कॉटलैंड की सैल्मन मछली बिना शुल्क के दो हफ्ते में भारत पहुंच गई। स्कॉच व्हिस्की कम शुल्क पर आने लगी है और कोटे के तहत आई पहली कारें भारतीय सीमा शुल्क से निकल चुकी हैं।

छोटे कारोबारियों पर नजर

दोनों देश हर साल यह आंकड़ा साझा करेंगे कि कितने कारोबारी समझौते की कम शुल्क दर का फायदा ले रहे हैं। यह सिलसिला समझौता लागू होने के एक साल बाद शुरू होगा। इससे पता चलेगा कि छोटे और मझोले कारोबारी कहां पीछे रह गए हैं।

बैठक की सह-अध्यक्षता ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने की।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा कि समझौते ने दरवाजे खोल दिए हैं, अब कारोबारियों को उनसे गुजरना है। अगली बैठक 2027 में ब्रिटेन में होगी।

देश को क्या मिला

ब्रिटेन के बाजार में ज्यादातर भारतीय सामान बिना शुल्क के, और छोटे निर्यातकों की अड़चनें पकड़ने का पक्का तरीका।

ब्लिट्ज की सलाह

विदेश व्यापार महानिदेशालय हर महीने बताए कि किस राज्य और किस उत्पाद के लिए कितने मूल-स्थान प्रमाणपत्र जारी हुए। इससे निर्यातक देख सकेंगे कि कौन-से क्षेत्र समझौते का फायदा ले रहे हैं।

हर महीने 28 जीबी डेटा टेलीकॉम नियामक की तिमाही रिपोर्ट बताती है कि देश फोन पर बात थोड़ी कम कर रहा है और इंटरनेट बहुत ज्यादा चला रहा है।

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर । एक औसत भारतीय मोबाइल उपभोक्ता अब हर महीने 28.39 जीबी डेटा खर्च कर रहा है। जनवरी-मार्च में यह 26.70 जीबी था। यानी रोज करीब एक जीबी। यह आंकड़ा भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की अप्रैल-जून 2026 की रिपोर्ट का है, जिसे संचार मंत्रालय ने 12 अक्टूबर को जारी किया।

इसी दौरान हर उपभोक्ता की फोन पर बातचीत महीने में 959 मिनट से घटकर 933 मिनट रह गई।

111 करोड़ लोग इंटरनेट पर

जून के आखिर तक देश में 111.42 करोड़ इंटरनेट कनेक्शन थे। तीन महीने में इनमें 2.14 करोड़ जुड़े। इनमें से करीब 98 फीसदी ब्रॉडबैंड हैं। कुल टेलीफोन कनेक्शन 134.81 करोड़ हो गए।

गांव अभी पीछे

गांवों में 55.60 करोड़ कनेक्शन हैं, यानी कुल का करीब 41 फीसदी। गांवों में हर 100 लोगों पर करीब 61 कनेक्शन हैं, जबकि शहरों में 153। शहरों में बहुत से लोग दो-दो सिम रखते हैं।

कंपनियों की कमाई भी बढ़ी। हर उपभोक्ता से औसत मासिक कमाई 184.91 रुपये से बढ़कर 187.12 रुपये हो गई।

देश को क्या मिला

दुनिया में सबसे ज्यादा डेटा इस्तेमाल करने वाली आबादियों में से एक, जिस पर डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन पढ़ाई और टेलीमेडिसिन टिके हैं।

एक नजर में

•हर उपभोक्ता का मासिक डेटा : 26.70 जीबी (जनवरी-मार्च) → 28.39 जीबी (अप्रैल-जून 2026)
•इंटरनेट कनेक्शन : 109.28 करोड़ → 111.42 करोड़
•टेलीफोन कनेक्शन : 133.06 करोड़ → 134.81 करोड़
•मासिक बातचीत : 959 मिनट → 933 मिनट

तुलना

•शहरों में टेली-घनत्व : 153.43% — गांवों का ढाई गुना
•गांवों में टेली-घनत्व : 60.89%
•तीन महीने में डेटा का इस्तेमाल 6.3% बढ़ा, बातचीत घटी।

हमारा हिसाब

28.39 ÷ 30 = 0.95 जीबी रोज। (28.39 − 26.70) ÷ 26.70 = 6.3%। 556.01 ÷ 1,348.08 = 41.2% गांव। 153.43 ÷ 60.89 = 2.5 गुना।
भारत को क्या मिला
इतनी बड़ी जुड़ी हुई आबादी कि सरकारी सेवाएं ऑनलाइन पहुंच सकें।

ब्लिट्ज की सराहना

ट्राई, जिसकी तिमाही रिपोर्ट गांव और शहर का फर्क अलग-अलग दिखाती है।
आंकड़े ट्राई की अप्रैल-जून 2026 की परफॉर्मेंस इंडिकेटर रिपोर्ट से, 12 अक्टूबर 2026 (पीआईबी रिलीज आईडी 2322388); pib.gov.in पर जांचे गए।

ब्लिट्ज की सलाह

ट्राई अपनी तिमाही रिपोर्ट में 5जी उपभोक्ताओं की गिनती भी जोड़े, तो नए नेटवर्क का फैलाव भी उन्हीं तालिकाओं में दिख सकेगा।


जोधपुर में सात देशों की वायुसेनाओं संग अभ्यास

जोधपुर, 13 अक्टूबर ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका की वायुसेनाओं ने जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर भारतीय वायुसेना के साथ अभ्यास किया। रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति के मुताबिक, अभ्यास तरंग शक्ति 2026 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक चला। 32 और देशों ने अपने पर्यवेक्षक भेजे।

अभ्यास का मूल मंत्र था “साझेदारी में ताकत”। पहला संस्करण 2024 में हुआ था। इसमें लड़ाकू, मालवाहक, निगरानी और हवा में ईंधन भरने के मिशन हुए। देश में बने हल्के लड़ाकू विमान तेजस और हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड ने भी उड़ान भरी। खुले दिन पर 20,000 से ज्यादा लोग देखने पहुंचे।

देश को क्या मिला

39 विदेशी वायुसेनाओं के सामने अपने बनाए लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर दिखाने का मौका। साथ ही, संकट से पहले ही साथियों के साथ काम करने की आदत।

ब्लिट्ज की सलाह

भारतीय वायुसेना हर देश के विमानों और उड़ानों की गिनती जारी करे, तो 2024 के अभ्यास से इसका आकार मिलाया जा सकेगा।


नौ देशों के अफसरों का अनुवादक बना भाषिणी सरकार का अपना

मसूरी, 13 अक्टूबर। पेरू, इक्वाडोर, स्पेन, कंबोडिया, नाइजीरिया, केन्या, गाम्बिया, लेबनान और फलस्तीन के अफसर मसूरी में एक भारतीय अनुवादक के सहारे पढ़ाई कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की 13 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति के मुताबिक, भाषिणी ने राष्ट्रीय सुशासन केंद्र के कार्यक्रम में अपना श्रुतलेख मंच लगाया है। यह कार्यक्रम 12 से 23 अक्टूबर तक चलेगा।

मसूरी के राष्ट्रीय सुशासन केंद्र के कार्यक्रम में भाषिणी, अक्टूबर 2026। फोटो : पीआईबी
मसूरी के राष्ट्रीय सुशासन केंद्र के कार्यक्रम में भाषिणी, अक्टूबर 2026। फोटो : पीआईबी

भाषिणी 36 भारतीय भाषाओं में लिखित और 23 में आवाज से काम करता है, और 35 विदेशी भाषाओं में भी। यह 2,353 सरकारी मंचों से जुड़ा है, जिनमें 800 से ज्यादा वेबसाइट हैं। अब तक यह 900 करोड़ से ज्यादा बार काम कर चुका है, और रोज 2.4 करोड़ से ज्यादा बार।

देश को क्या मिला

देश में बनी भाषा-तकनीक अब दूसरे देशों की सरकारों के काम आ रही है।

ब्लिट्ज की सलाह

डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन उन विदेशी संस्थाओं की सूची जारी करे, जो इस मंच का इस्तेमाल कर चुकी हैं।


खादी की बिक्री 1.87 लाख करोड़ रुपये पहुंची

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर। खादी और ग्रामोद्योग के सामान की बिक्री 2025-26 में 1.87 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। पीआईबी के 13 अक्टूबर 2026 के पृष्ठभूमि लेख के मुताबिक यह अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री है। इस क्षेत्र में रोजगार 56 फीसदी बढ़कर 2.04 करोड़ लोगों तक पहुंचा है।

सबसे बड़ा फर्क कातने वाले की जेब में दिखता है। 2013-14 में एक लच्छी सूत के 4 रुपये मिलते थे, अब 15 रुपये मिलते हैं। 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने 79,682 लोगों को सिखाया, जिनमें 47,382 महिलाएं थीं, यानी करीब 59 फीसदी। खादी के करीब पांच लाख कारीगरों में 80 फीसदी से ज्यादा महिलाएं हैं।

YOU MAY ALSO LIKE

प्याज महंगा, सेना को 27 पदक और नई रक्षा पहल

दाल का आयात बिल 14,634 करोड़ रुपये घटा

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से मार्च 2008 से अब तक करीब 97.95 लाख लोगों को काम मिला है। 2024-25 में खादी विकास योजना के तहत 1,097 संस्थाओं को 245 करोड़ रुपये दिए गए, जिनसे 1,45,484 कारीगरों को फायदा हुआ।

देश को क्या मिला

गांव का पुराना हुनर अब कारोबार बन गया है, और कमाई घर बैठी महिला कारीगरों तक पहुंच रही है।

ब्लिट्ज की सलाह

खादी और ग्रामोद्योग आयोग राज्यवार बिक्री और बढ़त के आंकड़ों का आधार-वर्ष भी जारी करे, तो हर राज्य अपने कारीगरों की तरक्की नाप सकेगा।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation