प्याज साल भर में दोगुना महंगा
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर। रसोई का प्याज अब पिछले साल से दोगुने से भी ज्यादा दाम पर मिल रहा है। सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में प्याज एक साल पहले से 108 फीसदी महंगा रहा। अगस्त में यह बढ़त करीब 49 फीसदी थी।
लहसुन करीब 55 फीसदी, अदरक करीब 63 फीसदी और नींबू करीब 36 फीसदी महंगे हुए। इन्हीं की वजह से कुल खुदरा महंगाई अगस्त के 4.83 फीसदी से बढ़कर सितंबर में 5.54 फीसदी हो गई। खाने-पीने की चीजों की महंगाई 5.97 से बढ़कर 7.74 फीसदी पहुंची। सितंबर के आंकड़े अभी अस्थायी हैं।
कहां राहत है
हर चीज महंगी नहीं हुई। आलू पिछले साल से करीब 11.5 फीसदी और टमाटर करीब 8.6 फीसदी सस्ता है। कार और जीप भी 4.5 फीसदी सस्ती हुई हैं।
मकान, पानी, बिजली और ईंधन का खर्च साल भर में सिर्फ 2.74 फीसदी बढ़ा। किराया 2.37 फीसदी ही बढ़ा। यानी इस बार महंगाई की जड़ थाली में है, घर के बाकी खर्च में नहीं।
गांव पर ज्यादा असर
गांवों में महंगाई 6.08 फीसदी रही, शहरों में 4.88 फीसदी। गांवों में खाने-पीने की चीजें 8.06 फीसदी महंगी हुईं।
राज्यों में सबसे ज्यादा महंगाई पुडुचेरी (6.86 फीसदी), तमिलनाडु (6.81), ओडिशा (6.70) और मध्य प्रदेश (6.68) में रही। सबसे कम मिजोरम (2.85) और नगालैंड (3.22) में। दिल्ली में यह 3.40 फीसदी रही।
देश को क्या मिला
इतना बारीक हिसाब कि हर परिवार देख सके कि कौन-सी चीज महंगी हुई और कौन-सी सस्ती।
एक नजर में
•खुदरा महंगाई : अगस्त 4.83% → सितंबर 5.54%
•खाने-पीने की महंगाई : 5.97% → 7.74%
प्याज +108.09% · लहसुन +54.62% · अदरक +62.85% · नींबू +36.41%
आलू −11.50% · टमाटर −8.62%
गांव 6.08% · शहर 4.88%
तुलना
•खाने-पीने की महंगाई : 7.74% — कुल महंगाई का 1.4 गुना
•कुल महंगाई : 5.54%
मकान, बिजली, ईंधन : 2.74% — कुल महंगाई का करीब आधा
•थाली का खर्च घर-बिजली के खर्च से करीब तीन गुना तेजी से बढ़ा।
हमारा हिसाब
5.54 − 4.83 = 0.71 अंक। 7.74 − 5.97 = 1.77 अंक। 7.74 ÷ 2.74 = 2.8 गुना। 6.08 − 4.88 = 1.2 अंक गांव में ज्यादा।
भारत को क्या मिला
चीज-दर-चीज और राज्य-दर-राज्य महंगाई का साफ नक्शा।
ब्लिट्ज की सराहना
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के कर्मचारी, जिन्होंने 1,465 गांवों और 1,407 शहरी बाजारों से दाम जुटाए।
आंकड़े सांख्यिकी मंत्रालय की 12 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति से; pib.gov.in पर जांचे।
ब्लिट्ज़ की सलाह
उपभोक्ता मामले विभाग प्याज के बफर स्टॉक और उसे बाजार में उतारने की योजना भी बता दे, तो लोगों को भरोसा मिलेगा।
अस्पतालों को रेट लिस्ट लगानी होगी
नई दिल्ली, 13अक्टूबर। इलाज से पहले मरीज को पता होना चाहिए कि उसका खर्च कितना होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को चिट्ठी लिखी है। स्वास्थ्य मंत्रालय की 12 अक्टूबर 2026 की जानकारी के मुताबिक अस्पताल और क्लीनिक हर सेवा का रेट साफ दिखने वाली जगह पर लगाएं।
रेट लिस्ट अंग्रेजी के साथ स्थानीय भाषा में भी होगी। यह नियम क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन) कानून, 2010 से आता है, जहां यह कानून लागू है। मेडिकल या आयुष वीजा पर आने वाले विदेशी मरीजों के लिए पैकेज रेट भी तय करने को कहा गया है।
देश को क्या मिला
: बिल आने से पहले दीवार पर लगी रेट लिस्ट।
फोटो नहीं — यह खाना खाली रखें : राज्यों को लिखी चिट्ठी का कोई आयोजन नहीं।
ब्लिट्ज़ की सलाह
इलाज शुरू होने से पहले अस्पताल में रेट लिस्ट जरूर देखें।
एशियाड में सेना के 27 पदक
नई दिल्ली, 13अक्टूबर। 44 साल बाद भारत को एशियाई खेलों की मैराथन में पदक मिला है, और वह एक फौजी ने दिलाया। हवलदार सावन बरवाल ने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड में दौड़ पूरी कर रजत जीता। यह राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है।
रक्षा मंत्रालय की 12 अक्टूबर 2026 की जानकारी के मुताबिक तीनों सेनाओं के 92 खिलाड़ियों ने जापान में हुए 2026 एशियाई खेलों में 27 पदक जीते।
इनमें 6 स्वर्ण, 11 रजत और 10 कांस्य हैं। भारत के कुल 85 पदकों में करीब हर तीसरा पदक सेना का है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में इन खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
नायब सूबेदार नीरू ढांडा ने दो स्वर्ण और एक रजत जीता। वे ट्रैप शूटिंग में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
देश को क्या मिला
: ऐसा खेल ढांचा जिसमें सेना की ट्रेनिंग हर तीन में से करीब एक पदक दे रही है।
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ब्लिट्ज़ की सलाह
राज्यों की खेल अकादमियां सेना के ट्रेनिंग मॉडल से सीख सकती हैं।
फौजियों की थाली में ‘भारत राइस’
नई दिल्ली, 13अक्टूबर। सरहद पर तैनात जवानों को अब बेहतर चावल मिलेगा। रक्षा मंत्रालय की की जानकारी के मुताबिक सेना ने ‘भारत राइस’ शुरू किया है। यह जवानों की लगातार राय के बाद लाया गया है।
चावल सेना के तय मानकों पर पिसेगा, उसमें कंकड़ या मिलावट नहीं होगी और टूटे दाने कम से कम होंगे। यह 10 और 30 किलो के बैग में आएगा, ताकि आगे की चौकियों तक ले जाना आसान हो। लद्दाख और पूर्वोत्तर समेत सेना के डिपो तक यह सीधे पहुंचेगा। 2026-27 में इसे नेफेड देगा।
सेना और भारतीय खाद्य निगम के बीच पांच साल का करार भी हुआ। इसके तहत जरूरत के वक्त सेना एफसीआई के गोदाम और मजदूर इस्तेमाल कर सकेगी। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उपभोक्ता मामले मंत्री प्रह्लाद जोशी मौजूद थे।
देश को क्या मिला
देश की हिफाजत करने वालों के लिए बेहतर और समय पर खाना।
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ब्लिट्ज़ की सलाह
सेना कुछ महीने बाद जवानों की राय लेकर बताए कि नया चावल कैसा रहा।
धन-धान्य कृषि योजना में गया अव्वल
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर। बिहार का गया जिला प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की रैंकिंग में पहले नंबर पर है। कृषि मंत्रालय की 12 अक्टूबर 2026 की जानकारी के मुताबिक राजस्थान का नागौर दूसरे और मध्य प्रदेश का उमरिया तीसरे नंबर पर रहा।
योजना 11 अक्टूबर 2025 को 100 जिलों में शुरू हुई थी। इसमें 11 मंत्रालयों की 36 केंद्रीय योजनाएं और राज्यों की योजनाएं एक साथ जोड़ी गई हैं। हर जिले को 121 पैमानों पर हर महीने परखा जाता है। एक साल पूरा होने पर 18 जिलों को अलग-अलग कामों के लिए सम्मानित किया गया।
मंत्रालय ने खर्च या किसानों की गिनती नहीं बताई है।
देश को क्या मिला
पिछड़े खेती वाले जिलों के लिए हर महीने की रिपोर्ट कार्ड।

ब्लिट्ज़ की सलाह
मंत्रालय जिलों की उपज और आमदनी में आया बदलाव भी बताए, तो योजना का असर साफ दिखेगा।
नौसेना में शामिल हुआ आईएनएस मंगरोल
मुंबई, 13अक्टूबर। समुद्र के कम गहरे पानी में दुश्मन पनडुब्बी को खोजने वाला एक और देसी जहाज नौसेना को मिल गया। आकाशवाणी के मुताबिक 12 अक्टूबर को मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में आईएनएस मंगरोल नौसेना में शामिल हुआ। पश्चिमी नौसेना कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन समारोह में मौजूद थे।
रक्षा मंत्रालय की 9 अक्टूबर 2026 की जानकारी के मुताबिक कोचीन शिपयार्ड में बने इस जहाज में 80 फीसदी से ज्यादा सामान देसी है। इसमें ‘अभय’ सोनार, हल्के टॉरपीडो और देसी पनडुब्बी-रोधी रॉकेट लॉन्चर लगे हैं। यह अपनी श्रेणी का तीसरा जहाज है। इसका नाम गुजरात के जूनागढ़ जिले के मछली बंदरगाह मंगरोल पर रखा गया है।
देश को क्या मिला
देश में बना जहाज, जो तटों को पनडुब्बियों से बचाएगा।

ब्लिट्ज की सलाह
नौसेना इस श्रेणी के बाकी जहाजों की समय-सारिणी भी बताए।
सूरत-विशाखापत्तनम के 9 आईटीआई चमकेंगे
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर। सूरत के 5 और विशाखापत्तनम के 4 सरकारी आईटीआई अब एक बड़ी स्टील कंपनी की साझेदारी में चलेंगे। कौशल विकास मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक पीएम-सेतु योजना में आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया इनमें 51 फीसदी की हिस्सेदार होगी। केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 24.5-24.5 फीसदी होगी।
सूरत के आईटीआई पर 240 करोड़ रुपये और विशाखापत्तनम के आईटीआई पर 200 करोड़ रुपये लगेंगे। यानी हर आईटीआई पर करीब 49 करोड़ रुपये। पीएम-सेतु 60,000 करोड़ रुपये की योजना है, जिसमें देश के 1,000 सरकारी आईटीआई सुधारे जाने हैं।
देश को क्या मिला
ऐसे आईटीआई, जिन्हें वही कंपनी चलाएगी जो वहां से पढ़े युवाओं को नौकरी दे सकती है।

ब्लिट्ज़ की सलाह
मंत्रालय इन नौ आईटीआई के नाम और नए कोर्स बता दे, तो युवा दाखिले की तैयारी कर सकेंगे।
एआई-दवाओं को 86 करोड़ रुपये
बेंगलुरु, 13 अक्टूबर। कंप्यूटर की मदद से खोजी गई चार दवाएं अब इंसानों पर परीक्षण की दहलीज तक पहुंचेंगी। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की 12 अक्टूबर 2026 की जानकारी के मुताबिक प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड बेंगलुरु की कंपनी पेप्ट्रिस टेक्नोलॉजीज को 86 करोड़ रुपये देगा।
पूरा प्रोजेक्ट 172 करोड़ रुपये का है, यानी आधा खर्च सरकार का फंड उठाएगा। ये दवाएं मांसपेशियों की बीमारी, कैंसर, गंजेपन, नसों की तकलीफ और ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के लिए हैं। अगले करीब तीन साल में इनकी प्री-क्लीनिकल जांच होगी, ताकि आगे क्लीनिकल ट्रायल की तैयारी हो सके।अभी कोई दवा इंसानों पर परखी नहीं गई है।
देश को क्या मिला
भारत में बनी एआई तकनीक से खोजी दवाएं, उन बीमारियों के लिए जिनके इलाज कम हैं।

ब्लिट्ज की सलाह
बोर्ड हर चरण के बाद प्रोजेक्ट की प्रगति बताए।













