नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया में जॉब के लिए जा रहे भारतीय वर्कर्स के लिए जरूरी खबर है। यहां पर सरकार ने टेंपरेरी, परमानेंट और प्रोविजनल स्किल वीजा एप्लिकेशन की प्रोसेसिंग के क्रम यानी ऑर्डर में बदलाव किया है। मिनिस्टीरियल डायरेक्शन 121 और 122, 19 सितंबर से लागू हो चुके हैं। इन्होंने मिनिस्टीरियल डायरेक्शन 119 की जगह ली है। इसके जरिए वर्क वीजा प्रोसेस करने के तरीके में बदलाव किया जाएगा।
इस नए फ्रेमवर्क के तहत कंस्ट्रक्शन, हेल्थकेयर, टीचिंग, कृषि, एक्वाकल्चर, फिशिंग और रिसोर्स जैसी चुनिंदा फील्ड से जुड़े आवेदनों को वर्क वीजा प्रोसेसिंग में प्राथमिकता दी जाएगी। डिपार्टमेंट ऑफ होम अफेयर्स ने इसमें ऑस्ट्रेलिया के लॉ एंफोर्समेंट को भी सबसे ज्यादा प्राथमिकता वाले ग्रुप्स में शामिल किया है। इस डायरेक्शन से सिर्फ एप्लिकेशन पर विचार करने का ऑर्डर बदलता है। इसके वीजा मिलने की कोई गारंटी नहीं दी जा रही है।
किसे मिलेगी प्राथमिकता-
कंस्ट्रक्शन
हेल्थकेयर
टीचिंग
एग्रिकल्चर (कृषि)
एक्वाकल्चर
मछली पालन (फिशिंग)
संसाधन
कुछ ऐसे सेक्टर्स हैं, जिनमें काम करने वाले लोगों को वर्क वीजा प्रोसेस करने में प्राथमिकता मिलेगी। इन फील्ड के वर्कर के आवेदनों पर, समान स्किल्ड वीजा फ्रेमवर्क के तहत आने वाले अन्य लोगों की तुलना में पहले विचार किया जा सकता है। कुल मिलाकर इन फील्ड के लोगों का वीजा जल्दी प्रोसेस हो जाएगा।
आवेदनों को कैसे प्रोसेस किया जाएगा?
सबक्लास 482 और नए ‘स्किल्स इन डिमांड’ वीजा जैसे टेंपरेरी स्किल्ड वीजा के आवेदनों पर विचार करने के लिए डिपार्टमेंट ने पांच प्राथमिकता वाले समूह बनाए हैं। इनमें सबसे ऊपर यानी ग्रुप 1 में वे आवेदन आते हैं जो चुनिंदा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों या ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़े हैं।
इसके बाद ग्रुप 2 में ‘स्किल्स इन डिमांड’ वीजा के ‘स्पेशलिस्ट स्किल्स स्ट्रीम’ वाले आवेदन रखे गए हैं, जो भारी-भरकम कमाई और योग्यता की शर्तों को पूरा करने वाले बेहद कुशल कर्मचारियों के लिए है। इसके बाद ग्रुप 3 में वे लोग आते हैं जिन्होंने आवेदन करते समय देश के अंदर ही मौजूद होने की अर्जी दी थी, जबकि ग्रुप 4 में वे अकेले आवेदक शामिल हैं जो आवेदन के समय ऑस्ट्रेलिया से बाहर थे।
इन सबके अलावा बाकी बचे सभी आवेदन ग्रुप 5 के तहत प्रोसेस किए जाएंगे। आपको बता दें कि भले ही पुरानी सबक्लास 482 व्यवस्था की जगह दिसंबर 2024 से ‘स्किल्स इन डिमांड’ वीजा ने ले ली हो, लेकिन विभाग अभी भी इस फ्रेमवर्क के तहत पुराने पेंडिंग आवेदनों को इसी प्राथमिकता क्रम के अनुसार देख रहा है।













