वडोदरा। पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे ने आपरेशन सिंदूर को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह सैन्य कार्रवाई भारत की सुरक्षा नीति में एक बेहद महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाती है।
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए इस अभियान ने साबित कर दिया है कि आतंकवादियों और उनके संरक्षकों को अब दुनिया के किसी भी कोने में सुरक्षा नहीं मिलेगी। आपरेशन सिंदूर एक बहुत जरूरी कार्रवाई थी। इसने पाकिस्तान के प्रति भारत के नजरिये में बहुत बड़ा बदलाव दिखाया, क्योंकि इन हमलों में न केवल सीमा के पास मौजूद आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया, बल्कि पड़ोसी देश के अंदर मौजूद उनके समर्थकों को भी निशाना बनाया गया।
वडोदरा में एक निजी कार्यक्रम से इतर जनरल नरवणे ने स्पष्ट किया कि अतीत में उरी और पुलवामा (बालाकोट) जैसी घटनाओं के बाद भारत की प्रतिक्रिया मुख्य रूप से सीमा के करीब स्थित आतंकी ठिकानों तक ही सीमित थी लेकिन आपरेशन सिंदूर में इससे भी आगे और मुंहतोड़ कार्रवाई की गई।














