मुंबई। ठाणे और पालघर के बीच बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का काम तेजी से चल रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस काम की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, ठाणे जिले के शिलफाटा से महाराष्ट्र-गुजरात सीमा के जरोली गांव तक 135.45 किमी लंबे एलिवेटेड सेक्शन का निर्माण किया जा रहा है।
इस सेक्शन में 124.027 किमी लंबा वायाडक्ट और पुल शामिल हैं। महाराष्ट्र में ठाणे, विरार और बोईसर तीन एलिवेटेड बुलेट ट्रेन स्टेशनों का निर्माण हो रहा है। पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील ठाणे स्टेशन को मैंग्रोव क्षेत्र को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसका कॉन्कोर्स जमीन से करीब 12 मीटर ऊंचा होगा।
ठाणे में बुलेट ट्रेन के काम की स्थिति
74 किमी का हिस्सा गर्डर लॉन्चिंग के लिए तैयार हो चुका है। इस सेक्शन में 100 किलोमीटर से अधिक लंबाई में पियर का निर्माण चल रहा है। करीब 74 किलोमीटर लंबाई में पियर वायाडक्ट गर्डर लॉन्च करने के लिए तैयार हो चुके हैं। निर्माण कार्य को गति देने के लिए महाराष्ट्र में 9 कास्टिंग यार्ड, 7 फुल-स्पैन लॉन्चिंग गैन्ट्री और 8 एसबीएस लॉन्चिंग गैन्ट्री काम कर रही हैं।
वैतरण नदी पर तेजी से आगे बढ़ रहा काम
3 पहाड़ी टनल का ब्रेकथ्रू पूरा हो चुका। ताजा अपडेट में बताया गया है कि इस सेक्शन में 7 पहाड़ी टनल बनाई जा रही हैं। इनमें 3 में ब्रेकथ्रू हो चुका है। अब इनमें ड्रेनेज, वॉटरप्रूफिंग और लाइनिंग का काम चल रहा है। उल्हास नदी पर 460 मीटर, वैतरणा नदी पर 2.32 किमी और जगनी नदी पर 510 मीटर लंबे पुल बनाए जा रहे हैं। पूरे सेक्शन में 36 पुल और क्रॉसिंग होंगे, जिनमें 12 स्टील ब्रिज भी शामिल हैं। गौरतलब है कि गुजरात में बुलेट ट्रेन का काम काफी उन्नत अवस्था में पहुंच चुका है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अगले साल 15 अगस्त को बुलेट ट्रेन के संचालन की तारीख तय की है। हाल ही में जापान से बुलेट ट्रेन के ड्राइवर प्रशिक्षण पूरा करके लौटे हैं। इस साल के आखिर तक ट्रायल को लेकर गतिविधियां आगे बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।














