नई दिल्ली। कहते हैं कि अगर मन में अपने देश के लिए कुछ करने का जज्बा हो, तो बड़ी से बड़ी सुख-सुविधाएं और लाखों का पैकेज भी छोटा लगने लगता है। इस बात को 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी अंजलि विश्वकर्मा ने सच साबित किया है। मूल रूप से उत्तराखंड के देहरादून की रहने वालीं अंजलि ने एक समय में न्यूजीलैंड में 48 लाख रुपये सालाना के मोटे पैकेज वाली नौकरी को अलविदा कहकर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की राह चुनी थी।
असफलता से नहीं हारी हिम्मत, दूसरे प्रयास में बनीं आईपीएस
यूपीएससी की तैयारी का सफर धैर्य और निरंतरता की मांग करता है। अंजलि ने अपनी गलतियों से सीखा, अपनी कमजोरियों पर काम किया और एक सटीक रणनीति के साथ रोजाना पढ़ाई की। उनकी दिन-रात की मेहनत रंग लाई और उन्होंने दूसरे प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा 2020 पास कर भारतीय पुलिस सेवा का पद हासिल किया। उन्हें यूपीएससी में 158 रैंक हासिल की थी।
‘लेडी सिंघम’ के नाम से बनाई पहचान
एक पुलिस अधिकारी के रूप में अंजलि ने चार साल के करियर में कई जटिल साइबर अपराधों और बाल अपराधों से जुड़े मामलों को सुलझाया है। अंजलि को उनके बेहतर काम के लिए लेडी सिंघम के नाम से जाना जाता है।













