ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।एशियन गेम्स के लिए भारत की क्रिकेट टीम में नया कप्तान है, नया उपकप्तान है, और एक ऐसा खिलाड़ी है जिसकी उम्र पंद्रह साल है।
जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारत की पुरुष क्रिकेट टीम में 15 खिलाड़ी हैं। कप्तानी श्रेयस अय्यर के पास है और उपकप्तान तिलक वर्मा हैं। 31 साल के अय्यर छोटे फ़ॉर्मैट में वापसी के बाद टी20 की कमान संभाल रहे हैं। लेकिन जो नाम सबसे ज़्यादा चर्चा में है, वह वैभव सूर्यवंशी का है — उम्र सिर्फ़ 15 साल।
उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक़ वह किसी भी अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए चुनी गई भारतीय टीम में शामिल होने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। बाक़ी टीम भी नई-नवेली नहीं है — जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, और विकेटकीपर के तौर पर संजू सैमसन तथा ईशान किशन।
नौ दिन का टूर्नामेंट: आइची-नागोया एशियन गेम्स में पुरुषों का क्रिकेट 24 सितंबर से शुरू होकर 3 अक्टूबर को मेडल मैचों पर ख़त्म होगा।
बुमराह को मल्टी-स्पोर्ट गेम्स में भेजना ही बता देता है कि भारत इस टूर्नामेंट को अब कितनी गंभीरता से ले रहा है।
एक नज़र में
• आयोजन: एशियन गेम्स, आइची-नागोया, जापान
• तारीख़: 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026
• पुरुष क्रिकेट: 24 सितंबर से 3 अक्टूबर
• कप्तान: श्रेयस अय्यर · उपकप्तान: तिलक वर्मा
• सबसे कम उम्र: वैभव सूर्यवंशी, 15 साल
• विकेटकीपर: संजू सैमसन, ईशान किशन
• तेज़ गेंदबाज़: जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा
• स्पिनर: वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर
• टीम: 15 खिलाड़ी
पूरी ताक़त वाली टीम भेजने की वजह साफ़ है। मल्टी-स्पोर्ट गेम्स में क्रिकेट का मेडल उतना ही क़ीमती है जितना किसी और खेल का। पदक तालिका में एक सोना, सोना ही होता है — चाहे कुश्ती से आए या क्रिकेट से। इसीलिए जो बोर्ड पहले ऐसे टूर्नामेंट में सीनियर खिलाड़ियों को आराम देता था, अब नहीं देता।
वैभव के चयन पर जश्न से पहले थोड़ा ठहरना ठीक रहेगा। पंद्रह साल की उम्र में चुनाव तकनीक से ज़्यादा मिज़ाज पर लगाया गया दांव होता है, और भारतीय क्रिकेट का बहुत कम उम्र के खिलाड़ियों के साथ अनुभव मिला-जुला रहा है। सकारात्मक बात यह है कि पंद्रह की टीम में एक पंद्रह साल का होना बताता है कि घरेलू और आयु-वर्ग की व्यवस्था अब प्रतिभा को पहले से जल्दी ऊपर ला रही है। अब ज़िम्मेदारी टीम प्रबंधन की है — उसका कार्यभार संभालना, और ज़रूरत पड़े तो उसे बाहर बिठाने का साहस दिखाना। भारत सितंबर में रवाना होगा। मेडल मैच 3 अक्टूबर को हैं।













