• Latest
  • Trending
amit sah

अपराधी की संपत्ति से पीड़ित को मिलेगा न्याय : अमित शाह

August 18, 2023
daily-news

भारत की प्रमुख खबरें 21 सितंबर 2026: तेजस उड़ान, ग्वालियर टेलीकॉम जोन, खेल और फिल्म पुरस्कार

September 21, 2026
ब्रिक्स ने पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की

ब्रिक्स 2026: भारत की कूटनीतिक विजय

September 21, 2026
केदारनाथ यात्रा 2026

केदारनाथ पर बढ़ता प्राकृतिक जोखिम

September 21, 2026
पीएम मोदी का ‘दिमागी नक्सल’ बयान: विपक्ष की प्रतिक्रिया और वैचारिक बहस

सेवा के 25 वर्ष सुशासन का संकल्प और राष्ट्र निर्माण की सतत यात्रा।

September 21, 2026
modi

पीएम मोदी के जन्मदिन पर शुरू हुआ ‘सेवा संकल्प अभियान’

September 21, 2026
yogI

विश्वकर्मा योजना में जुड़े 14 नए ट्रेड, 10 लाख तक का मिलेगा लोन

September 21, 2026
10 हजार स्टार्टअप की कैपिटल बनेगी दिल्ली, 4 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार

10 हजार स्टार्टअप की कैपिटल बनेगी दिल्ली, 4 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार

September 21, 2026
लखनऊ स्वच्छ वायु सर्वेक्षण

देश का सबसे साफ हवा वाला शहर बना लखनऊ

September 21, 2026
मुंबई से खत्म होगा झुग्गियों का नामो निशान: सीएम

मुंबई से खत्म होगा झुग्गियों का नामो निशान: सीएम

September 21, 2026
सूरत में ‘फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल’ का आयोजन

सूरत में ‘फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल’ का आयोजन

September 21, 2026
भारत की सुरक्षा नीति में महत्वपूर्ण बदलाव का हिस्सा था ऑपरेशन सिंदूर : जनरल नरवणे

भारत की सुरक्षा नीति में महत्वपूर्ण बदलाव का हिस्सा था ऑपरेशन सिंदूर : जनरल नरवणे

September 21, 2026
बिट्टू तबाही अजनार नदी सफाई

पूरे राज्य को आप पर गर्व है, बिट्टू तबाही से मिले सीएम मोहन यादव

September 21, 2026
Monday, September 21, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

अपराधी की संपत्ति से पीड़ित को मिलेगा न्याय : अमित शाह

भारतीय न्याय व्यवस्था का केंद्र बिंदु है पीड़ित को न्याय दिलाना

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 18, 2023
in the blitz, संसद
0
amit sah
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि न्याय की भारतीय अवधारणा पाश्चात्य दृष्टिकोण से पूरी तरह अलग है। भारतीय न्याय व्यवस्था में केंद्र बिंदु पीड़ित को न्याय दिलाना है। नए प्रस्तावित कानून के तहत कई धाराओं में बदलाव करके यह प्रावधान किया गया है, जिससे अपराधी की जब्त संपत्ति से पीड़ित को न्याय के रूप में मुआवजा मिल सके।

एक अधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित बदलावों में करीब 200 धाराओं में अलग-अलग तरीके से न्याय के बुनियादी सिद्धांत का ख्याल रखा गया कि दंड के बजाय न्याय पर फोकस हो। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, दंड की व्यवस्था इसलिए है, जिससे इसे देखकर दूसरा कोई अपराध करने का दुस्साहस न करे।

YOU MAY ALSO LIKE

भारत की प्रमुख खबरें 21 सितंबर 2026: तेजस उड़ान, ग्वालियर टेलीकॉम जोन, खेल और फिल्म पुरस्कार

ब्रिक्स 2026: भारत की कूटनीतिक विजय

कुर्की जब्ती के संबंध में नई धारा
अधिकारी ने बताया कि अपराध की आय से जुड़ी संपत्ति की कुर्की जब्ती के संबंध में एक नई धारा जोड़ी गई है। जांच करने वाला पुलिस अधिकारी यह संज्ञान लेने के लिए अदालत में आवेदन कर सकता है कि संपत्ति आपराधिक गतिविधियों के जरिये हासिल की गई है। इस प्रकार की संपत्ति को अदालत द्वारा जब्त किया जा सकता है और पीड़ितों को इसके माध्यम से मुआवजा दिया जा सकता है।

अधिकारी ने कहा, आईपीसी, सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जटिल प्रक्रियाओं के कारण अदालतों में भारी संख्या में मामले लंबित हैं। इससे न्याय मिलने में अत्यधिक देरी, गरीबों और सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों का न्याय से वंचित होना, सजा की कम दर, जेलों में भीड़-भाड़ और बड़ी संख्या में विचाराधीन कैदी जैसी समस्या न्याय की राह में बाधा बनी हुई है।

नए प्रस्तावित कानून में छोटे-मोटे केस मसलन 20 हजार तक संपत्ति अपराध से जुड़े मामले को संक्षिप्त ट्रायल से निपटा दिया जाएगा। इसे मजिस्ट्रेट के अलावा पुलिस अधिकारी भी कुछ मामलों में निपटा सकते हैं। ऐसे मामलों में अपराध स्वीकार किया जुर्माना दिया और मामला खत्म। अधिकारी ने कहा कम गंभीर मामले जैसे चोरी, चोरी की गई संपत्ति प्राप्त करना या रखना, घर में अनधिकृत प्रवेश, शांति भंग करने, आपराधिक धमकी जैसे मामलों में संक्षिप्त ट्रायल को अनिवार्य बनाया गया है। तीन वर्ष से कम की सजा के मामलों में मजिस्ट्रेट संक्षिप्त ट्रायल कर सकता है। इससे करीब 33 फीसदी मामले कोर्ट के बाहर निपट जाएंगे। यह व्यवस्था भी दंड के बजाय न्याय की अवधारणा से प्रेरित है।

फेक न्यूज फैलाने वालों को मिलेगी 3 साल की सजा
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लोकसभा में पेश भारतीय न्याय संहिता विधेयक की धारा 195 के तहत एक प्रावधान है जो भारत की संप्रभुता और सुरक्षा को खतरे में डालने वाली ‘फर्जी खबर या भ्रामक जानकारी’ फैलाने वालों से जुड़ा हुआ है। अगर कोई ऐसा करते हुए पाया जाता है तो उसे तीन साल तक की कैद की सजा हो सकती है। पेज धारा 195 (1) डी में लिखा है कि झूठी या भ्रामक जानकारी जो भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता या सुरक्षा को खतरे में डाले, उसे बनाने वाले या प्रकाशित करने वाले को कारावास या जुर्माने से दंडित किया जाएगा। कारावास तीन साल तक बढ़ाया भी जा सकता है।

बुरा न मानो ‘श्री 420’ सुनकर
सदियों से ‘420’ को एक मुहावरे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। जब भी कोई किसी को धोखा देता है, ठगी करता है तो उसे ‘420’ कहा जाता है। आम बोलचाल में ये शब्द खूब रंग गया है। किताबों, उपन्यासों से लेकर तमाम भाषणों में भी इस शब्द का इस्तेमाल होता आ रहा है। इस शब्द पर राजकपूर की फिल्म ‘श्री 420’ भी आई थी। अब धोखेबाज को ‘420’ नहीं कहा जाएगा। इसे अब भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 316 के रूप में सूचीबद्ध किया जाएगा। 163 साल से चला आ रहा कानून बदलने जा रहा है।

नए विधेयक में अपराध की धाराएं
हत्या – धारा 101
आत्महत्या के लिए उकसाना- धारा 106
अपहरण – 135
दुष्कर्म – 63
सामूहिक दुष्कर्म-70
मानहानि – 354
धोखाधड़ी – 316
दहेज हत्या – 799
चोरी – 301
छीनना- 302
ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation