• Latest
  • Trending
court

केंद्र-राज्यों के बीच विवाद के प्रमुख मुद्दे

May 19, 2023
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

October 5, 2026
स्लीमनाबाद टनल

विंध्य की धरती को मिलेगा मां नर्मदा का आशीर्वाद, जल सुरंग की खुदाई पूरी

October 5, 2026
ev-scooter

23 रुपए में दिनभर के लिए इलेक्टि्रक स्कूटर

October 5, 2026
सोना 4,550 डॉलर के पार, चांदी भी 67 डॉलर के ऊपर

सोना गिरवी रखकर लोन लेने में यूपी वाले सबसे आगे

October 5, 2026
metro

मुंबई मेट्रो का महाविस्तार: 6 नए रूट पर 374 किमी में 130 स्टेशन

October 5, 2026
खटमलों ने उड़ाई अफसरों की नींद

खटमलों ने उड़ाई अफसरों की नींद

October 5, 2026
भारत भी बना रहा अपना ‘सूरज’, गुजरात की लैब में जुटे वैज्ञानिक

भारत भी बना रहा अपना ‘सूरज’, गुजरात की लैब में जुटे वैज्ञानिक

October 5, 2026
Wednesday, October 7, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

केंद्र-राज्यों के बीच विवाद के प्रमुख मुद्दे

अनुच्छेद-356 को स्पष्ट करने की आवश्यकता

by ब्लिट्ज़ इंडिया
May 19, 2023
in the blitz
0
court

ब्लिट्ज विशेष

नई दिल्ली। केंद्र व राज्यों के बीच विवाद के कुछ प्रमुख मुद्दों पर गहन चर्चा जरूरी है। केंद्र द्वारा संविधान के अनुच्छेद-356 का दुरुपयोग राज्य विधानसभा को भंग करने के लिए बार-बार किया जाता रहा है, जो संघीय सिद्धांत एवं राज्यों के अधिकारों के लिए घातक बनता जा रहा है। अंतरराज्यीय परिषद की बैठकों में विभिन्न वर्गों से अनुच्छेद- 356 के प्रयोग को ऐसे मामलों तक सीमित करने की मांग उठती रही है, जहां देश की राष्ट्रीय एकता या धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को गंभीर खतरा पैदा हो गया हो। अनुच्छेद-356 को स्पष्ट करने की आवश्यकता है।

राज्यपाल की नियुक्ति एवं भूमिका : केंद्र द्वारा राज्यों के लिए नियुक्त राज्यपाल का प्रावधान विवादास्पद रहा है, जो संघीय लोकतांत्रिक राजव्यवस्था के अनुरूप नहीं है। विश्व में कहीं भी किसी बड़े देश में राज्यों के लिए केंद्र द्वारा राज्यपाल नियुक्त करने का प्रावधान नहीं है। राज्य विधानसभाओं द्वारा पारित विधेयकों पर राज्यपाल की मंजूरी की समय सीमा भी निश्चित होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त राज्यपाल पर राज्य सरकार से खुले तौर पर असहमति एवं मतभेद व्यक्त करने को रोकने हेतु मापदंड होना चाहिए।

YOU MAY ALSO LIKE

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

राज्य सूची पर केंद्र का दखल : इस बात की त्वरित समीक्षा करने की आवश्यकता है कि राज्य सूची से विधायी मामलों की संघ/समवर्ती सूची को स्थानांतरित करने के क्या प्रभाव होंगे। न केवल शिक्षा जैसे विषय को राज्य सूची से समवर्ती सूची में डालने से, अपितु तथाकथित केंद्र प्रायोजित योजनाओं में तीव्र वृद्धि द्वारा भी केंद्र सरकार पर राज्य सूची में घुसपैठ के आरोप लगते रहे हैंै। राज्य विषयों पर ये केंद्रीय योजनाएं, जिनमें केंद्र द्वारा लगाए गए कठोर वित्तीय निहितार्थों के अतिरिक्त राज्य की स्वायत्तता एवं उनके विकास अधिमानों को प्रभावित करते हैं। इसके अतिरिक्त, समवर्ती सूची के तहत विषयों के क्षेत्रों पर संघ-राज्य के बीच परामर्श करने का कोई औपचारिक संस्थागत ढांचा नहीं है।

अखिल भारतीय सेवाएं : अखिल भारतीय सेवाएं केंद्र के विशिष्ट अधिकार क्षेत्र में हैं। कुछ शक्तियां राज्यों के साथ बांटी जा सकती हैं। राज्य सरकारों की अखिल भारतीय सेवाओं के नियमों एवं विनियमों के प्रशासन में विशिष्ट रूप से एक बड़ी भूमिका होनी चाहिए।

वित्तीय मुद्दे : भारत में राजस्व संघवाद हमेशा से बेहद समस्यात्मक रहा है। लम्बवत एवं क्षैतिज असंतुलन ने केवल अभी तक बने हुए हैं, अपितु कई मामलों में अधिक जटिल भी हो गए हैं।

लम्बवत असंतुलन : संघ-राज्य संबंधों के संदर्भ में भारतीय संविधान में आधारभूत असंतुलन इस तथ्य से पैदा होता है कि जबकि विकास व्यय (सिंचाई, सड़क, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य इत्यादि) और प्रशासनिक व्यय (कानून व्यवस्था, सामान्य प्रशासन इत्यादि) क्षेत्रों में बड़ी जिम्मेदारियां राज्यों को दी गई हैं, राजस्व संग्रहण की बेहद महत्वपूर्ण शक्तियां केंद्र को दी गई हैं।

अपर्याप्त राजस्व वितरण :केन्द्रीय करों के राज्यों को आवंटन के एक निष्पक्ष सिद्धांत पर कार्य करने की बेहद आवश्यकता है।

करारोपण की अवशिष्ट शक्तियां : राज्य करारोपण की अवशिष्ट शक्तियों को, विशिष्ट रूप से सेवाओं पर कर, राज्य को हस्तांतरित करने की मांग करते रहे हैं। इस मांग को दरकिनार करते हुए केंद्र ने संविधान संशोधन द्वारा सेवाओं पर कर लगाने की समस्त शक्तियां प्राप्त कर लीं।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation