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दुनिया में हर वर्ष लू से 1.53 लाख मौतें

by ब्लिट्ज़ इंडिया
May 24, 2024
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1.53 lakh deaths due to heat wave every year in the world
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। एक शोध के अनुसार दुनियाभर में लू (हीटवेव) के कारण हर साल 1.53 लाख से अधिक लोगों की मौत हो रही है। इस अध्ययन में भारत के लिए चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। बताया गया है कि 1.53 लाख लोगों की मौत में पांचवां सबसे बड़ा हिस्सा भारत से है। यानी हर पांच में एक मौत भारत में हो रही है। आंकड़ों पर ध्यान दें तो भारत में हर वर्ष लू से करीब 30,000 लोगों की मौत हो रही है। ऑस्ट्रेलिया के मोनाश विश्विद्यालय के शोध के अनुसार ये आंकड़े 1990 के बाद के 30 वर्षों के अध्ययन पर आधारित है।

भारत के बाद चीन और रूस में ज्यादा मौत
शोध में बताया गया है कि हर वर्ष होने वाली कुल मौतों में से 14 प्रतिशत मौतें चीन में होती हैं, जबकि रूस में 8 प्रतिशत लोगों की मृत्यु होती है। रिसर्च में चीन और रूस को भारत के बाद रखा गया है। हर वर्ष गर्मी के मौसम में कुछ मौतों में से 50 प्रतिशत लोगों की मौत एशिया, जबकि 30 फीसदी की मौत यूरोप महाद्वीप में होती हैं। इसके अलावा सबसे बड़ी अनुमानित मृत्यु दर शुष्क जलवायु और निम्न-मध्यम आय वाले क्षेत्रों में देखी गई है। ऑस्ट्रेलिया के मोनाश विश्विद्यालय के शोध को कोपीएलओएस मेडिसिन पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।

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यह आंकड़ा कहता है कि दुनियाभर में प्रति दस लाख लोगों में से 236 लोगों की मौत लू की वजह से होती है। शोधकर्ताओं ने अध्ययन के लिए ब्रिटेन स्थित मल्टी-कंट्री मल्टी-सिटी (एमसीसी) अनुसंधान नेटवर्क के आंकड़ों का इस्तेमाल किया। इनमें 43 देशों की 750 जगहों में हर दिन होने वाली मौतों का अध्ययन शामिल है।

अत्यधिक लू चलने के औसत दिनों में बढ़ोतरी
अध्ययन में बताया गया है कि 1999 से लेकर 2019 के बीच दुनियाभर में अत्यधिक लू चलने के औसत दिनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह आंकड़ा औसत 13.4 दिन से बढ़कर 13.7 दिन हो गया है। इसके अलावा यह भी पाया गया है कि पृथ्वी पर हर दशक में तापमान भी .35 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है।

पहले भी हुए अध्ययन
शोधकर्ताओं ने कहा कि इससे पहले हुए अध्ययनों ने स्थानीय स्तर पर लू के कारण मौतों के बारे में बताया गया लेकिन इन अध्ययनों में दुनिया भर में होने वाली मौतों का आंकड़ा जारी नहीं किया गया था।

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