• Latest
  • Trending

पांच साल में दुनियाभर में मिलेंगी 17 करोड़ नौकरियां

January 10, 2025
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

October 5, 2026
स्लीमनाबाद टनल

विंध्य की धरती को मिलेगा मां नर्मदा का आशीर्वाद, जल सुरंग की खुदाई पूरी

October 5, 2026
ev-scooter

23 रुपए में दिनभर के लिए इलेक्टि्रक स्कूटर

October 5, 2026
सोना 4,550 डॉलर के पार, चांदी भी 67 डॉलर के ऊपर

सोना गिरवी रखकर लोन लेने में यूपी वाले सबसे आगे

October 5, 2026
metro

मुंबई मेट्रो का महाविस्तार: 6 नए रूट पर 374 किमी में 130 स्टेशन

October 5, 2026
Thursday, October 8, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

पांच साल में दुनियाभर में मिलेंगी 17 करोड़ नौकरियां

by ब्लिट्ज़ इंडिया
January 10, 2025
in the blitz
0
संदीप सक्सेना

नई दिल्ली। दुनियाभर में अगले पांच साल में यानी 2030 तक 17 करोड़ नई नौकरियां सृजित होंगी। कृषि श्रमिकों और वाहन चलाने वाले ड्राइवरों की मांग तेजी से बढ़ेगी। ये दोनों क्षेत्र तेजी से बढ़ती नौकरियों में शामिल होंगे। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने ‘भविष्य की नौकरी रिपोर्ट-2025’ में कहा, नई-नई प्रौद्योगिकी आने के साथ 2030 तक नौकरियों में व्यापक स्तर पर बदलाव आने की संभावना है।

रिपोर्ट के मुताबिक, तकनीकी प्रगति के अलावा जनसंख्या संबंधी बदलाव, कई देशों में तनाव और आर्थिक दबाव के कारण दुनियाभर में उद्योग एवं पेशा नया आकार ले रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), बिग डाटा और साइबर सुरक्षा में प्रौद्योगिकी कौशल की मांग तेजी से बढ़ेगी लेकिन, रचनात्मक सोच, मजबूती और लचीलापन जैसे मानव कौशल महत्वपूर्ण बने रहेंगे। तेजी से बदलते नौकरी बाजार में प्रौद्योगिकी और मानव कौशल दोनों का संयोजन महत्वपूर्ण होगा।

YOU MAY ALSO LIKE

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

इन क्षेत्रों में सबसे तेजी से बढ़ेंगी नौकरियां
सबसे तेजी से बढ़ती नौकरियों की सूची में कृषि श्रमिक और मजदूर सबसे ऊपर होंगे। इसके बाद हल्के ट्रक या डिलिवरी से जुड़े चालक, सॉफ्टवेयर-एप्लिकेशन डेवलपर, दुकानों में काम करने वाले सेल्सपर्सन होंगे।

खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित कारोबार से जुड़े कामगार, कार, वैन व मोटरसाइकिल चालक, नर्सिंग पेशेवर, खाद्य व पेय सेवा कर्मचारी, सामान्य व संचालन प्रबंधक के क्षेत्र में नौकरियां मिलेंगी।

सामाजिक कार्य एव परामर्श पेशेवर, परियोजना प्रबंधक, विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षा के लिए शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक और व्यक्तिगत देखभाल सहायक जैसी नौकरियां भी बढ़ेंगी।

59% पेशेवरों को सीखना होगा नया कौशल
स्विट्जरलैंड के दावोस में 20 से 25 जनवरी को होने वाले विश्व आर्थिक मंच की सालाना बैठक से कुछ दिन पहले जारी रिपोर्ट में कहा गया है, कौशल अंतर आज भी व्यवसाय में बदलाव को लेकर सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। नौकरी के लिए जरूरी लगभग 40 फीसदी कौशल में बदलाव होना तय है। 63 फीसदी कंपनियों का कहना है कि सही कौशल वाले कर्मचारियों को ढूंढ़ना मुश्किल हो रहा है। दुनियाभर के हर 100 कर्मचारियों में से 59 को 2030 तक नए कौशल सीखने की जरूरत होगी। इनमें भी 11 फीसदी को यह प्रशिक्षण मिलने की संभावना नहीं है। करीब 12 करोड़ से अधिक लोगों की नौकरी पर संकट बना हुआ है।

इन भूमिकाओं पर सबसे ज्यादा संकट
रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे तेजी से घटती नौकरियों की सूची में कैशियर और टिकट क्लर्क सबसे ऊपर हैं। प्रशासनिक सहायक/प्रबंधक और कार्यकारी सचिव जैसी नौकरियों में भी तेजी से गिरावट आएगी। इमारतों की देखभाल करने वाले, सफाईकर्मी, सामग्री का रिकॉर्ड व स्टॉक की देखरेख से जुड़े क्लर्क, मुद्रण और संबंधित क्षेत्र में काम करने वालों की नौकरी पर भी संकट है।

लेखांकन, बही-खाता, पेरोल क्लर्क, अकाउंटेंट, ऑडिटर, व्यावसायिक सेवा, परीक्षकों और जांचकर्ताओं की नौकरी पर भी संकट होगा।
परिवहन परिचारक, कंडक्टर, सुरक्षा गार्ड, बैंक लिपिक, डाटा एंट्री क्लर्क, ग्राहक सेवा कार्यकर्ता, ग्राफिक डिजाइनर को भी नौकरियों के लिए मशक्क त करनी पड़ेगी।

नई तकनीक नहीं सीखी तो जाएंगी 9.2 करोड़ नौकरियां
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि 2030 तक 17 करोड़ रोजगार पैदा होने के साथ 9.2 करोड़ नौकरियां खोनी पड़ सकती है। इस तरह, शुद्ध रूप में 7.8 करोड़ नौकरियां ही सृजित होंगी। विश्व आर्थिक मंच के नौकरी सृजन प्रमुख टिल लियोपोल्ड का कहना है कि एआई और तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के कारण श्रम बाजारों में परिवर्तन देखा जा रहा है। एक ओर हैरान करने वाले अवसर पैदा हो रहे हैं, तो दूसरी ओर नौकरियों पर गंभीर संकट है। ऐसे में नई तकनीक और कौशल सीखने का वक्त है, जिसकी मदद से नौकरियों की तलाश में युवा इसका भरपूर लाभ उठा सकते हैं।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation