• Latest
  • Trending
निपुण भारत-सगुण भारत

निपुण भारत-सगुण भारत

December 3, 2022
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

October 5, 2026
स्लीमनाबाद टनल

विंध्य की धरती को मिलेगा मां नर्मदा का आशीर्वाद, जल सुरंग की खुदाई पूरी

October 5, 2026
ev-scooter

23 रुपए में दिनभर के लिए इलेक्टि्रक स्कूटर

October 5, 2026
सोना 4,550 डॉलर के पार, चांदी भी 67 डॉलर के ऊपर

सोना गिरवी रखकर लोन लेने में यूपी वाले सबसे आगे

October 5, 2026
metro

मुंबई मेट्रो का महाविस्तार: 6 नए रूट पर 374 किमी में 130 स्टेशन

October 5, 2026
खटमलों ने उड़ाई अफसरों की नींद

खटमलों ने उड़ाई अफसरों की नींद

October 5, 2026
भारत भी बना रहा अपना ‘सूरज’, गुजरात की लैब में जुटे वैज्ञानिक

भारत भी बना रहा अपना ‘सूरज’, गुजरात की लैब में जुटे वैज्ञानिक

October 5, 2026
Wednesday, October 7, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

निपुण भारत-सगुण भारत

by ब्लिट्ज़ इंडिया
December 3, 2022
in दृष्टिकोण
0
निपुण भारत-सगुण भारत

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक प्रयोगों, संभावनाओं और आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति करती है। प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा उनमें से सबसे महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हो चुका है कि बच्चों के मस्तिष्क का 85 प्रतिशत विकास 6 वर्ष की अवस्था से पूर्व ही हो जाता है। इसलिए बच्चों के उचित विकास के लिए उसके आरंभिक 6 वर्षों को महत्वपूर्ण माना जाता है। 05 जुलाई 2021 को शिक्षा मंत्रालय द्वारा “राष्ट्रीय पठन –बोध एवं संख्या ज्ञान दक्षता पहल (निपुण भारत)” नामक राष्ट्रीय मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान मिशन की शुरुआत इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। निपुण भारत मिशन प्री-स्कूल से कक्षा-3 सहित 3 से 9 वर्ष के बच्चों पर ध्यान केंद्रित करता है।

3 वर्ष की अवस्था वाला प्रत्येक बच्चा आंगनवाड़ी या प्री-प्राइमरी में जाना शुरू करे। यह सुनिश्चित किया जाना बहुत आवश्यक है। नन्हें-मुन्ने बच्चे जब आंगनवाड़ी या प्री-प्राइमरी में जाएंगे तो खेल-खेल में वे सीखना शुरू करते हैं। सहपाठी बनाना, उनसे बातचीत, टीचर्स से बातचीत, आसपास की चीजों को आब्जर्व करना और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनमें सीखने की प्रक्रिया शुरू होती है। बच्चे अलग-अलग ध्वनियों को पहचानने, दृश्य बोध और दृश्य से जुड़ने की प्रकिया से गुजरते हैं। अक्षर, संख्या, गिनती, रंग, आकार, खेल, कविताओं, गीतों, कहानियों और पहेलियों से उनमें सोचने, समझने की क्षमता का धीरे-धीरे विकास शुरू होता है। बच्चों में मानवीय संवेदना, अच्छे व्यवहार, शिष्टाचार, स्वच्छता, सुरक्षा और नैतिकता आदि इसी अवस्था में सीखना है। इस तरह से 3 वर्ष से 6 वर्ष की अवस्था तक प्रत्येक बच्चे के शारीरिक, मानसिक संज्ञानात्मक, संवेगात्मक, सांस्कृतिक और विकास यात्रा की शुरुआत हो जानी चाहिए।

YOU MAY ALSO LIKE

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

6 वर्ष की अवस्था में जब बच्चा कक्षा 1 में प्रवेश करे तो उसे भाषा के वर्णों को पहचानना, उन्हें जोड़कर 2 या 3 वर्णों के शब्द बनाना और उन्हें पढ़ना और लिखना आना चाहिए। बच्चे के सीखने को लर्निंग आउटकम से जोड़ने का प्रयास किया गया है। भाषा का ज्ञान, वर्ण और शब्दों को पहचानना, उन्हें पढ़ना और समझ के साथ पढ़ सकने का बच्चे के विकास में महत्वपूर्ण स्थान है। देखा गया है कि शुरू-शुरू में जब बच्चे पढ़ना सीखते हैं तो वे बहुत उत्साहित होते हैं। न्यूजपेपर, पत्रिका, या कहीं भी लिखा दिख जाए, वे पढ़ने की कोशिश करने लगते हैं। बच्चों के इसी उत्साह को पुष्पित, पल्लवित करने की जरूरत है। छात्र जीवन में अखबार की जिस कतरन पर रख कर समोसे खाए, उन कतरनों पर लिखे अनेक तथ्य या सन्दर्भ सिविल सेवा की परीक्षा तक में काम आएं, यदि हम बच्चे में पढ़ने की इस तरह की ललक जगा पाएं तो समझ लीजिए कि आधा काम हो गया।

निपुण भारत में बच्चों के सीखने का लक्ष्य किया परिभाषित
निपुण भारत में बच्चों के सीखने का लक्ष्य परिभाषित किया गया है। 5 से 6 वर्ष की आयु तक के बच्चों के लिए 5 शब्द प्रति मिनट की गति से पढ़ सकने, 1 से 99 तक की गिनती जानने और समझने का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार कक्षा 3 के बच्चों के लिए 60 शब्द प्रति मिनट समझ के साथ पढ़ने की क्षमता विकसित करनी होगी। इस कक्षा के छात्रों को 8-10 वाक्यों वाले अपठित गद्यांशों को पढ़ सकने और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दे सकने में सक्षमता प्राप्त करना है। इसके अलावा कक्षा 3 के छात्रों के लिए 1 से 9999 तक की संख्या ज्ञान के साथ- साथ, दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाले जोड़, घटाव, गुणा, भाग जैसे बुनियादी अंकगणित के ज्ञान को लक्ष्य में निर्धारित किया गया है। इन लक्ष्यों की जानकारी का व्यापक प्रचार किया जाना चाहिए। सभी अभिभावक, शिक्षक और अन्य सहभागियों को इस लक्ष्य की जानकारी होने और इसकी महत्ता समझ में आने से कक्षा-3 तक मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान की सार्वभौमिक प्राप्ति में मदद मिलेगी।

पठन-पाठन को गति से जोड़ना आवश्यक
रोचक बात है कि हमारे राष्ट्रीय गान में 54 शब्द हैं और राष्ट्रीय गान को गाने का समय 52 सेकंड है। इसी प्रकार रामचरित मानस के अखंड पाठ को 24 घंटे में पूरा करने की परंपरा है। दुनिया में सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली रामचरित मानस में कुल बारह हजार चौपाइयाँ हैं। इनमें लगभग एक लाख सोलह हजार शब्द हैं। इस प्रकार रामचरित मानस को 24 घंटे में पढ़ या गाकर पूरा करने की गति लगभग 80 शब्द प्रति मिनट आती है। उत्तर भारत में ऐसे आयोजनों में बच्चे बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं जिनसे बच्चे स्पीड और राग एवं लय के साथ पढ़ना स्वाभाविक रूप से सीखते हैं। सभी छात्रों को गुणवत्तापरक शिक्षा-प्राप्ति के अवसर प्रदान करने के लिए मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मिशन के रूप में लागू किया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि 2026-27 तक देश का प्रत्येक बच्चा कक्षा-3 तक मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान अनिवार्य रूप से प्राप्त कर ले। इसके अलावा वे बच्चे जिन्होंने निपुण भारत में निर्धारित मूलभूत कौशलों को प्राप्त नहीं किया है, को भी आयु के अनुरूप आवश्यक दक्षता प्रदान करने का प्रयास किया जाना है। सभी बच्चे पढ़ने, लिखने और संख्या ज्ञान में ग्रेड स्तर की योग्यता प्राप्त करें। यह कौशल माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रारम्भिक मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान करने वाला छात्र भावी जीवन में अच्छा करेगा । यदि समझ के साथ पढ़ने में बच्चा शुरुआत में ही पिछड़ गया तब आगे चल कर उसे काफी मशक्कत करनी पड़ती है । इस अवस्था में बताई गई चीज़ें दिमाग में गहरे बैठ जाती हैं। फिर वो चाहे जमीन पर खींच कर सिखाया गया वर्ण क हो या दादी-नानी द्वारा सुनाई गई कहानी में किसी पक्षी को पकड़ कर कैद करने की गाथा हो। वर्ण की लिखावट और पक्षियों की स्वतंत्रता के प्रति संवेदनशीलता दिलो-दिमाग में गहरे बैठ जाती है और यह पूरी जिंदगी आपकी सोच प्रक्रिया का हिस्सा बनी रहती है। इसलिए देश के नौनिहालों को प्रारंभ से ही शिक्षा व्यवस्था में लाकर शिक्षित, सेहतमंद और नीतिवान नागरिक बनाना होगा। देश की भावी पीढ़ी को ज्ञान और कौशल के साथ 21 वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना है तो सभी बच्चों को मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान का कौशल प्रदान करना ही होगा। प्रारंभिक शिक्षा में क्षमता आधारित अधिगम परिणामों को प्राप्त करने की पहल एक अनूठा प्रयास है। निपुण भारत मिशन, सगुण भारत की राह प्रशस्त करेगा। ( यह लेखक के निजी विचार हैं)

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation