नई दिल्ली, 21 अक्टूबर। खेत से कटकर मिल के कांटे तक पहुंचते-पहुंचते किसान का कितना गन्ना ‘घट’ जाता है, अब इसकी जांच होगी। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने 14 अक्टूबर 2026 को एक समिति बनाई है। इसके अध्यक्ष नीति आयोग के पूर्व सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद हैं। आकाशवाणी ने यह खबर दी।
महाराष्ट्र और कर्नाटक के गन्ना किसानों की शिकायतों पर केंद्र ने रमेश चंद की अगुवाई में समिति बनाई। चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य भी जांच के दायरे में।
किसानों की बात दिल्ली तक पहुंची
समिति बनने से दो दिन पहले, 12 अक्टूबर को किसान दिल्ली पहुंचे थे। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने महाराष्ट्र और कर्नाटक के गन्ना किसानों से मुलाकात की। कर्नाटक के किसानों की शिकायत है कि कटाई के बाद मिलें 9 फीसदी तक वजन काट लेती हैं। द हंस इंडिया ने यह शिकायत छापी है।
जोशी ने पत्रकारों से साफ कहा कि गन्ना किसानों के मसले एक-दो दिन में या एक-दो मंत्रालयों के बस में हल नहीं होंगे। द हंस इंडिया ने उनकी यह बात छापी है।
समिति क्या-क्या देखेगी
समिति में कृषि आयुक्त, खाद्य विभाग के संयुक्त सचिव (चीनी) और उपभोक्ता मामले विभाग के संयुक्त सचिव (विधिक माप विज्ञान) शामिल हैं। वह किसानों को ज्यादा दाम की मांग देखेगी। मिलों में चीनी की रिकवरी कैसे जांची और बताई जाती है, यह परखेगी। कांटे की सटीकता और मशीन से कटे गन्ने पर काटे जाने वाले वजन का हिसाब भी देखेगी। रिपोर्ट “जल्द से जल्द” देनी है, कोई तारीख तय नहीं।
दाम का पेच सरकार के अपने आंकड़ों में दिखता है। 2026-27 के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 365 रुपये क्विंटल है। कैबिनेट के मई 2026 के फैसले के मुताबिक यह खेती की लागत से 100.5 फीसदी ज्यादा है। लेकिन चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य फरवरी 2019 से 31 रुपये किलो पर ही अटका है। समिति इन दोनों सिरों को एक साथ देखेगी।
किसानों को इससे एक मेज मिली है, जहां तौल, रिकवरी और दाम का झगड़ा सड़क पर नहीं, आंकड़ों पर सुलझेगा। और उस मेज के मुखिया देश के जाने-माने कृषि अर्थशास्त्री हैं।
एक नजर में
•गन्ने का एफआरपी, 2026-27 : 365 रुपये क्विंटल
•खेती की लागत (ए2+एफएल) : 182 रुपये क्विंटल
•चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य : 31 रुपये किलो, फरवरी 2019 से
•कटाई के बाद वजन कटौती की शिकायत : 9 फीसदी तक
तुलना
•एफआरपी : 365 रुपये क्विंटल — 100%
• लागत : 182 रुपये क्विंटल — एफआरपी का 50%
एफआरपी लागत से 100.5 फीसदी ज्यादा है।
हमारा हिसाब
(365 − 182) ÷ 182 = 100.5%। 2019 से 2026 तक चीनी का न्यूनतम दाम सात साल से नहीं बदला।
भारत को क्या मिला
गन्ना किसानों की तौल और दाम की शिकायत अब एक तय मंच पर सुनी जाएगी।
ब्लिट्ज की सराहना
प्रोफेसर रमेश चंद, जिन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली है।
आंकड़े आकाशवाणी (12 और 14 अक्टूबर 2026) और कैबिनेट के एफआरपी फैसले (मई 2026) से; newsonair.gov.in और pib.gov.in पर जांचे।
ब्लिट्ज की सलाह
समिति पेराई सीजन के जोर पकड़ने से पहले कांटे और रिकवरी की जांच पर एक अंतरिम नोट दे दे। तब इसी सीजन का गन्ना नए नियम से तौला जा सकेगा।
खेत बचाओ अभियान 22 अक्टूबर से, गया अव्वल
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर। देश के 100 पिछड़े खेती वाले जिलों की दौड़ में बिहार का गया सबसे आगे निकला है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की पहली सालगिरह पर 12 अक्टूबर को जारी रैंकिंग में राजस्थान का नागौर दूसरे और मध्य प्रदेश का उमरिया तीसरे नंबर पर रहा।
डीडी इंडिया ने यह खबर दी। हर जिले को हर महीने 121 पैमानों पर परखा जाता है। सिंचाई में जम्मू-कश्मीर का किश्तवाड़ और गुजरात के दाहोद और छोटा उदयपुर सराहे गए। खेती के कर्ज में तेलंगाना का नारायणपेट और उत्तर प्रदेश का जालौन आगे रहे। अब 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक सभी राज्यों में खेत बचाओ अभियान चलेगा। इसमें मिट्टी की सेहत और खाद के सही इस्तेमाल पर जोर रहेगा।
प्याज ने बढ़ाई खुदरा महंगाई
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर। रसोई का खर्च फिर बढ़ा है। सितंबर 2026 में खुदरा महंगाई 5.54 फीसदी रही, जो अगस्त में 4.83 फीसदी थी। सांख्यिकी मंत्रालय ने 12 अक्टूबर को नए सीपीआई (आधार वर्ष 2024) के आंकड़े जारी किए। खाने-पीने की चीजों की महंगाई 7.74 फीसदी पर पहुंच गई। गांवों में यह 8.06 फीसदी रही। एक साल में प्याज 108 फीसदी से ज्यादा महंगा हुआ, लहसुन करीब 55 फीसदी और अदरक करीब 63 फीसदी। राहत आलू और टमाटर से मिली, जो सस्ते हुए। सितंबर के आंकड़े अभी अस्थायी हैं।
सरस मेले में 1,500 ग्रामीण उद्यमी
विजयवाड़ा, 21 अक्टूबर गांव की महिलाएं अब राष्ट्रीय बाजार में अपना माल बेच रही हैं। विजयवाड़ा के पुन्नमी घाट पर 31 अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रीय सरस मेला चल रहा है। इसमें 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की करीब 1,500 स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और लखपति दीदियां हिस्सा ले रही हैं। सरकार की 21 अक्टूबर की जानकारी के मुताबिक मेले में 650 से ज्यादा स्टॉल हैं। 1999 में दिल्ली के पहले सरस मेले में करीब 65 लोग आए थे। अब तक 117 राष्ट्रीय मेले हो चुके हैं और इनसे हर साल 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिक्री होती है। लखपति दीदी का लक्ष्य दिसंबर 2025 में 3 करोड़ पूरा हुआ, अब नया लक्ष्य 6 करोड़ है।
न्यूजीलैंड में भारतीय सामान अब बिना शुल्क
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर। विजयादशमी, 20 अक्टूबर 2026 से भारत और न्यूजीलैंड का मुक्त व्यापार समझौता लागू हो गया। अब भारत का हर सामान न्यूजीलैंड में बिना शुल्क जाएगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे नए अवसरों का नया अध्याय बताया। सबसे बड़ी बात भारत के किसानों के लिए है। दूध, मलाई, दही, पनीर, प्याज, चना, चीनी और खाने का तेल समझौते से बाहर रखे गए हैं। सेब, कीवी और मानुका शहद सिर्फ कोटा और न्यूनतम आयात मूल्य के साथ आएंगे। न्यूजीलैंड 15 साल में 20 अरब डॉलर के निवेश में मदद करेगा। 5,000 हुनरमंद भारतीयों को तीन साल तक के काम के वीजा मिलेंगे। वाणिज्य मंत्रालय के ब्योरे में ये आंकड़े दर्ज हैं।
सितंबर में निर्यात 23 फीसदी उछला
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर। भारत में बने फोन और इलेक्ट्रॉनिक सामान की विदेश में मांग तेजी से बढ़ी है। सितंबर 2026 में इलेक्ट्रॉनिक सामान का निर्यात 70 फीसदी उछलकर 5.31 अरब डॉलर पहुंच गया। कुल वस्तु निर्यात 23.04 फीसदी बढ़कर 44.40 अरब डॉलर रहा। वाणिज्य मंत्रालय ने 15 अक्टूबर को ये आंकड़े जारी किए। अमेरिका को निर्यात सितंबर में करीब 48 फीसदी बढ़ा। ब्लिट्ज के हिसाब से महीने की कुल बढ़त का करीब एक चौथाई हिस्सा अकेले इलेक्ट्रॉनिक सामान से आया।
आईएमएफ : भारत की रफ्तार 7 फीसदी
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का अनुमान है कि भारत की अर्थव्यवस्था 2026-27 और 2027-28 में 7-7 फीसदी की दर से बढ़ेगी। 13 अक्टूबर 2026 को जारी विश्व आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट में यह अनुमान है। इसी साल दुनिया की रफ्तार 3.1 फीसदी रहने का अनुमान है। यानी भारत दुनिया से दोगुनी से भी ज्यादा तेजी से बढ़ेगा।
गगनयान कैप्सूल अलग होने की जांच में पास
तिरुवनंतपुरम, 21 अक्टूबर। अंतरिक्ष में यात्री कैप्सूल को अपने सर्विस मॉड्यूल से ठीक पल पर अलग होना होता है। इसरो ने यह जांच पूरी कर ली है। 16 अक्टूबर 2026 को इसरो ने बताया कि विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में गगनयान के क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल को अलग करने के परीक्षण पूरे हुए। इसमें दोनों को जोड़ने वाले तारों और पाइपों को काटने तक का अभ्यास हुआ। झटके के बाद भी कैप्सूल के उपकरण, नेविगेशन और गर्मी से बचाने वाली ढाल सही-सलामत रहे। पहली मानवरहित उड़ान जी1 का लक्ष्य 2026 है। यह जमीन पर हुई जांच है, उड़ान नहीं।

गांव तक फाइबर, इंटरनेट अधूरा
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर। गांव तक तार तो पहुंच गया, पर इंटरनेट हर जगह नहीं चला। भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने भारतनेट के दूसरे चरण का ऑडिट किया है। 12 अगस्त 2026 को संसद में रखी गई रिपोर्ट संख्या 19 के मुताबिक नवंबर 2025 तक 2.19 लाख ग्राम पंचायतें सेवा के लिए तैयार थीं। लेकिन इनमें से सिर्फ 33.20 फीसदी में सेवा चालू थी। ब्लिट्ज के हिसाब से यह करीब 72,700 पंचायतें बनती हैं। फाइबर कटने पर ठीक होने में औसतन 17 दिन लगे। अच्छी खबर गुजरात और पंजाब से है, जहां 90 फीसदी से ज्यादा पंचायतों में सेवा चालू मिली। अब बीएसएनएल अकेली एजेंसी के रूप में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम चला रही है, जिसका लक्ष्य 6.4 लाख गांव हैं।
ब्लिट्ज की सलाह
बीएसएनएल हर महीने राज्यवार बताए कि कितनी पंचायतों में इंटरनेट चालू है और खराबी कितने दिन में ठीक हुई। गुजरात और पंजाब का तरीका बाकी राज्यों के लिए मिसाल बन सकता है।
आईआईटी बॉम्बे का क्वांटम प्रयोग-विचार
मुंबई, 21 अक्टूबर। ग्राफीन रोशनी की सबसे बारीक क्वांटम हलचल को पढ़ सकता है। यह आईआईटी बॉम्बे के भौतिकी विभाग के कार्तिक प्रभु और प्रोफेसर गोपाल दीक्षित का निष्कर्ष है। संस्थान ने 14 अक्टूबर 2026 को बताया कि यह शोध फिजिकल रिव्यू बी में छपा है। यह अभी सैद्धांतिक काम है, प्रयोग या उपकरण नहीं बना। पर क्वांटम सेंसर की दौड़ में यह भारत में जन्मा विचार है, जिसे देश की प्रयोगशालाएं सबसे पहले परख सकती हैं।














