महंगाई चढ़ी, भरोसा बढ़ा
नई दिल्ली, 18 अक्टूबर। इस हफ्ते सबसे बड़ी राहत उन परिवारों के लिए आई जिनके घर में कोई दिव्यांग है। केंद्रीय कैबिनेट ने 14 अक्टूबर को दिव्यांग पेंशन की शर्त 80 फीसदी दिव्यांगता से घटाकर 40 फीसदी कर दी। अब यह पेंशन जन्म से ही मिल सकेगी। यह फैसला इस अंक की बड़ी खबर है।
जेब पर दबाव भी दिखा। सितंबर में खुदरा महंगाई 5.54 फीसदी रही, जो अगस्त में 4.83 फीसदी थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के 12 अक्टूबर के आंकड़ों के मुताबिक प्याज साल भर में 108 फीसदी महंगा हुआ। थोक महंगाई 11.39 फीसदी पर पहुंची, सबसे ज्यादा ईंधन और बिजली में। फिर भी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 13 अक्टूबर को कहा कि भारत 2026 और 2027 में 7 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगा। यह दुनिया की 3.1 फीसदी रफ्तार से दोगुनी से ज्यादा है।
पैसा देश में आता रहा
अप्रैल से सितंबर के बीच देश का निर्यात करीब 476 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल से 13.84 फीसदी ज्यादा है। अगस्त में विदेश में बसे भारतीयों ने भारतीय बैंकों में 83 अरब डॉलर जमा किए। सरकार ने आईडीबीआई बैंक की 60.72 फीसदी हिस्सेदारी 52,878 करोड़ रुपये में कनाडा की फेयरफैक्स की एक कंपनी को बेचने की मंजूरी दी।
हफ्ते के नायक भी कम नहीं थे। प्रधानमंत्री ने 15 अक्टूबर को एशियाई खेलों के दल से मुलाकात की। दल 85 पदक लाया, जिनमें 38 बेटियों ने जीते। निजी शिपयार्ड में बना पहला बड़ा युद्धपोत ‘आईएनएस समर्थक’ 16 अक्टूबर को नौसेना में शामिल हुआ। शहरों के गरीब परिवारों के लिए 1.93 लाख नए घर मंजूर हुए।
हफ्ते के सात आंकड़े
सात आंकड़े, जिनमें पूरे हफ्ते की कहानी है।
दिव्यांग पेंशन अब 40% पर
पहले पेंशन के लिए 80 फीसदी दिव्यांगता जरूरी थी। अब 40 फीसदी काफी होगी, और पेंशन जन्म से मिलेगी।
नई दिल्ली, 18 अक्टूबर किसी बच्चे का एक पैर पोलियो से कमजोर है, या किसी की आंखों की रोशनी आधी है। अब तक ऐसे लोग सरकारी दिव्यांग पेंशन से बाहर रह जाते थे, क्योंकि पेंशन के लिए 80 फीसदी दिव्यांगता का प्रमाणपत्र चाहिए था। केंद्रीय कैबिनेट ने 14 अक्टूबर 2026 को यह शर्त घटाकर 40 फीसदी कर दी। ग्रामीण विकास मंत्रालय की विज्ञप्ति के मुताबिक पेंशन अब जन्म से ही मिल सकेगी।
किसे कितना मिलेगा
योजना का नया नाम प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना है। 79 साल की उम्र तक हर महीने 375 रुपये मिलेंगे। 80 साल और उससे ज्यादा उम्र पर 625 रुपये महीना मिलेगा। इरादा यह है कि पूरा पैसा केंद्र दे, ताकि पूरे देश में एक जैसी मदद मिले।
नए नियम और लाभार्थी चुनने के दिशानिर्देश तीन महीने में जारी होकर लागू होंगे। विज्ञप्ति में यह नहीं बताया गया कि नई शर्त से कितने नए लोग जुड़ेंगे। यह गिनती दिशानिर्देश आने के बाद ही साफ होगी।
पूरी योजना का नया नाम
1995 से चल रहा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम अब प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कहलाएगा। अगले पांच साल, 2026-27 से 2030-31 तक, इस पर 53,428 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशन के साथ परिवार लाभ योजना भी है। सब मिलाकर करीब 3.20 करोड़ लोग इससे जुड़े हैं।
ब्लिट्ज के हिसाब से 53,428 करोड़ रुपये का मतलब है हर साल करीब 10,686 करोड़ रुपये। बाकी तीनों योजनाएं पहले की तरह चलती रहेंगी।
कानून की बात, जो अब पूरी हुई
दिव्यांगजन अधिकार कानून 2016 में ही 40 फीसदी की सीमा तय कर दी गई थी। उसी कानून में कहा गया था कि दिव्यांगों की मदद दूसरी ऐसी योजनाओं से 25 फीसदी ज्यादा हो। मंत्रालय ने यह बात विज्ञप्ति में खुद दर्ज की है। यानी कैबिनेट का फैसला दस साल पुराने कानून की बात को पेंशन तक पहुंचाता है।
भारत को क्या मिला
गांव-कस्बे का वह परिवार, जिसके घर में कम दिव्यांगता वाला बच्चा या बुजुर्ग है, अब सरकारी मदद के दायरे में आ सकता है। जन्म से पेंशन का मतलब है कि माता-पिता को बच्चे के बड़े होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
ब्लिट्ज डेटा कार्ड
नई दिल्ली · 18 अक्टूबर
एक नजर में
- पेंशन की शर्त : 40% दिव्यांगता (पहले 80%)
- उम्र : जन्म से
- रकम : 375 रुपये महीना (79 साल तक), 625 रुपये महीना (80 साल से)
- पूरी योजना : 53,428 करोड़ रुपये, 2026-27 से 2030-31
तुलना
पेंशन के लिए जरूरी दिव्यांगता आधी हो गई।
हमारा हिसाब
53,428 ÷ 5 = करीब 10,686 करोड़ रुपये हर साल, पूरी सामाजिक सहायता योजना पर।
ब्लिट्ज की सराहना
ग्रामीण विकास मंत्रालय, जिसने 2016 के कानून की शर्त पेंशन तक पहुंचाई।
ब्लिट्ज की सलाह
ग्रामीण विकास मंत्रालय दिशानिर्देश के साथ यह भी बताए कि नई शर्त से कितने लोग जुड़ेंगे और प्रमाणपत्र कैसे बनेगा। ब्लॉक स्तर पर शिविर लगें तो पेंशन जल्दी पहुंचेगी।
आंकड़े ग्रामीण विकास मंत्रालय की 14 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति (पीआईबी 2323264) से; pib.gov.in पर जांचे।
आने वाला हफ्ता
आगे क्या देखना है।
- 19 अक्टूबर — नई दिल्ली में उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार (संस्कृति मंत्रालय)।
- 20 अक्टूबर — भारत–न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता लागू; भारत का सामान वहां बिना शुल्क जाएगा (विदेश व्यापार दफ्तर, कोच्चि)।
- 22 अक्टूबर तक — विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्घेरिटा समोआ, कुक आइलैंड्स और नाउरू के दौरे पर (विदेश मंत्रालय)।
- 6 नवंबर — रेलवे के 3,548 स्नातक पदों के लिए आवेदन की आखिरी तारीख (रेल मंत्रालय)।
- 12 नवंबर — अक्टूबर की खुदरा महंगाई के आंकड़े (राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय)।












