गाजियाबाद। गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन के पास गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अपनी महत्वाकांक्षी एयरोसिटी टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। किसानों ने लैंड पूलिंग के जरिए जमीन देने का पहला सहमति पत्र अथॉरिटी ऑफिस पहुंचकर जीडीए के वाइस प्रेसिडेंट नंद किशोर कलाल को सौंप दिया है। अथॉरिटी का लक्ष्य है कि 1 महीने के अंदर चिन्हित जमीन के सभी किसानों से सहमति पत्र ले लिया जाए। इस एयरोसिटी को विकसित करने पर लगभग 2812 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
जीडीए ने एयरोसिटी टाउनशिप विकसित करने के लिए तीन गांवों की जमीन को चिन्हित किया है, जिनमें मुख्य रूप से अटौर, मोरटी और मेवला अगरी गांव शामिल हैं।
तीन गांवों में करीब 231 हेक्टेयर जमीन पर जीडीए द्वारा एयरोसिटी टाउनशिप बसाई जाएगी। प्राधिकरण को इस योजना के लिए किसानों से करीब 200.251 हेक्टेयर जमीन लेनी है।
जीडीए इसमें से अटौर गांव की 108.2604 हेक्टेयर जमीन अर्जित करेगा।
किसानों से जमीन के लिए कीमत तय हो चुकी है, लेकिन जीडीए इसके लिए लैंड पूलिंग को प्राथमिकता दे रहा है।
25% हिस्सा किया जाएगा वापस
लैंड पूलिंग के फायदे बताने के लिए जीडीए ने करीब सवा दो मिनट का एक वीडियो भी जारी किया है। इस योजना के तहत जमीन देने वाले किसानों को उनकी भूमि का 25 फीसदी हिस्सा विकसित भूमि के तौर पर वापस लौटाया जाएगा।
रेजिडेंशियल और कमर्शियल टाउनशिप
इस मॉडल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जीडीए को जमीन अधिग्रहण के लिए पहले कोई नकद रकम खर्च नहीं करनी पड़ेगी। यह योजना पूरी तरह से कमर्शियल और रेजिडेंशियल टाउनशिप के रूप में विकसित होगी। टाउनशिप में रेजिडेंशियल एरिया के साथ मिक्स्ड यूज को मिलाकर इसे बिल्कुल नए और शानदार शहर की तरह बसाया जाएगा।
टाउनशिप में बड़ी कंपनियों के ऑफिस, होटल, रेस्टोरेंट, मॉल, कॉलेज, स्पोर्ट्स क्लब, स्पोर्ट्स एकेडमी, गोल्फ कोर्स, दुकानों और शोरूम आदि के लिए भूखंड काटे जाएंगे।














