वाराणसी। फ्रेट विलेज बनाने की ओर अग्रसर आईडब्लूएआई (इनलैंड वाटरवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया) ने एक कदम और बढ़ा दिया है। विगत दिवस बंदरगाह के उत्तरी छोर पर 4 बीघा क्षेत्र में बनने वाले शिप रिपेयरिंग सेन्टर का श्रीगणेश हो गया है। इसके साथ ही काशी देश का पहला शहर होगा जहां समुद्र की जगह नदी में जलयानों की मरम्मत की जाएगी।
कार्यदायी संस्था लार्सन एन्ड टुब्रो जिओ स्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने प्राथमिक कार्य शुरू कर दिया है। यहां जहाजों को रिपेयर करने के लिए उत्तरी छोर पर एक वाटर चैनल बनाया जाएगा जहां जहाज नदी की मुख्य धारा से अंदर चैनल में रिपेयर होने के लिए आएंगे।’
उनके मुख्य अभियंता रमेश जोशी ने बताया कि प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है। बताया कि बारिश खत्म होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन प्रोजेक्ट को जल्दी खत्म करने के लिए जल्दी ही काम शुरू करना पड़ा।














