• Latest
  • Trending

विकासशील देशों को जलवायु वित्त के भुगतान पर नहीं बन पाई सहमति

November 22, 2024
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

October 5, 2026
स्लीमनाबाद टनल

विंध्य की धरती को मिलेगा मां नर्मदा का आशीर्वाद, जल सुरंग की खुदाई पूरी

October 5, 2026
ev-scooter

23 रुपए में दिनभर के लिए इलेक्टि्रक स्कूटर

October 5, 2026
सोना 4,550 डॉलर के पार, चांदी भी 67 डॉलर के ऊपर

सोना गिरवी रखकर लोन लेने में यूपी वाले सबसे आगे

October 5, 2026
metro

मुंबई मेट्रो का महाविस्तार: 6 नए रूट पर 374 किमी में 130 स्टेशन

October 5, 2026
Thursday, October 8, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

विकासशील देशों को जलवायु वित्त के भुगतान पर नहीं बन पाई सहमति

- धीमी प्रगति वार्ता के विरुद्ध जलवायु कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

by ब्लिट्ज़ इंडिया
November 22, 2024
in the blitz
0
ब्लिट्ज ब्यूरो

बाकू। संयुक्त राष्ट्र की जलवायु वार्ता (कॉप-29) में वार्ताकार अब भी इस बात पर काम कर रहे हैं कि विकासशील देशों को तापमान में वृद्धि रोकने के लिए अमीर देश जलवायु वित्त के तौर पर कितना भुगतान करेंगे। इस बीच, जलवायु कार्यकर्ताओं ने दो सप्ताह की वार्ता के बावजूद कोई निष्कर्ष न निकलने पर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही आगे की योजना भी बनाई।

मालूम हो कि बाकू में दुनियाभर से आए जलवायु कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जलवायु न्याय के लिए ‘वैश्विक कार्रवाई दिवस’ पर बाकू, अजरबैजान में प्रदर्शन की गूंज दुनिया भर के स्थानों पर होने की उम्मीद है। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर रोष है कि कई वार्ताओं के बाद भी धरती के तापमान को कम करने की दिशा में किसी ने भी ठोस पहल नहीं की है। विकसित देश अब भी विकासशील देशों को उनके नुकसान की भरपाई करने को तैयार नहीं है और धरती लगातार गर्म होती जा रही है।

YOU MAY ALSO LIKE

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

कॉप 29 में वार्ताकारों के एक अपेक्षित सौदे पर लौटने की उम्मीद है, जिसका मूल्य गरीब देशों के लिए सैकड़ों अरब डॉलर हो सकता है लेकिन कोई ठोस समाधान निकलता दिखाई नहीं दे रहा है। कई लोग वैश्विक दक्षिण में हैं और पहले से ही जलवायु परिवर्तन की वजह से होने वाली मौसमी आपदाओं के महंगे दुष्प्रभावों को झेल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षतिपूर्ति और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के लिए प्रति वर्ष 1 खरब डॉलर से अधिक रकम खर्च करने की आवश्यकता है, जिसे अधिकांश देश अपने दम पर वहन नहीं कर सकते हैं।

कई मोर्चों पर जलवायु वार्ता की आलोचना
एक सप्ताह की जलवायु वार्ता की कई मोर्चों पर आलोचना हुई है। पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति अल गोर सहित अन्य लोगों ने वार्ता में जीवाश्म ईंन्धन उद्योग और जीवाश्म ईंन्धन पर निर्भर देशों की बढ़ती उपस्थिति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने एक पत्र पर में सुझाव दिया कि प्रक्रिया पर सिर्फ बातचीत से कोई हल नहीं निकलेगा।

अच्छा होगा कि इसे लागू करने की दिशा में काम किया जाए। एक विश्लेषण में बाकू वार्ता में उपस्थित लोगों की सूची में जीवाश्म ईंन्धन से जुड़े कम से कम 1,770 लोग पाए गए।

सम्मेलन के मुख्य वार्ताकार, याल्चिन राफियेव ने स्वीकार किया कि समझौते के लिए बातचीत बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रही है, लेकिन उन्होंने आलोचनाओं को खारिज कर दिया।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation