• Latest
  • Trending

‘सीबीआई को जांच सौंपने के लिए हाईकोर्ट को देना होगा तर्क’

September 27, 2024
Zimbabwes

हरारे में सूर्यवंशी का जलवा: भारत की 7 विकेट से शानदार जीत

July 24, 2026
स्वच्छ ऊर्जा से मजबूत हो रही भारत की ऊर्जा सुरक्षा

धूप की ढाल: तेल के झटके का लंबा जवाब है भारत का स्वच्छ-ऊर्जा निर्माण

July 24, 2026
vikram

तीन अहम परीक्षण पास: गगनयान ने सुरक्षा की कसौटी पार की

July 24, 2026
पश्चिम एशिया संकट ने चुपचाप बदल दिया भारत के व्यापार का नक्शा

हस्ताक्षर से जहाज़ तक: भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता ज़मीन पर उतरा

July 24, 2026
Market

तेल 100 डॉलर के पार: महंगे कच्चे तेल की आंच बाज़ार तक पहुंची

July 24, 2026
भारत उच्च शिक्षा

कक्षा भी एक अवसंरचना है: अपनी प्रतिभा को रोकने की भारत की कोशिश

July 23, 2026
ev-charging

सड़क पर रिकॉर्ड महीना: जून में ईवी बिक्री नई ऊंचाई पर

July 23, 2026
अक्षर पटेल के ऑलराउंड प्रदर्शन से भारत ने एजबेस्टन में पहला वनडे छह विकेट से जीत लिया।

हरारे में युवा ब्रिगेड: भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी

July 23, 2026
स्काईरूट के विक्रम-1 ने रचा इतिहास, भारत बना तीसरा देश

पहले सुरक्षा, फिर सितारे: गगनयान उड़ान की ओर क़दम-दर-क़दम

July 23, 2026
Market

लगातार चौथे दिन गिरावट: छह हफ़्ते के ऊंचे स्तर के पास तेल ने माहौल तय किया

July 23, 2026
medicine

दुनिया की फार्मेसी और वह “बारीक अक्षरों” वाली शर्त

July 23, 2026
कावेरी जल विवाद पर फिर गरमाई तमिलनाडु की राजनीति

मानसून की मेहरबानी से आगे: जल सुरक्षा की लंबी राह

July 23, 2026
Friday, July 24, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

‘सीबीआई को जांच सौंपने के लिए हाईकोर्ट को देना होगा तर्क’

- सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश

by ब्लिट्ज़ इंडिया
September 27, 2024
in the blitz
0
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि उच्च न्यायालय को किसी मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का अधिकार है, लेकिन उसे इस बात का कारण बताना होगा कि उसे क्यों लगता है कि राज्य पुलिस की तरफ से मामले की जांच निष्पक्ष नहीं थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस आदेश को खारिज करते हुए की, जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो को गोरखा प्रादेशिक प्रशासन (जीटीए) में स्वैच्छिक शिक्षकों की भर्ती और नियमितीकरण से संबंधित मामले में कुछ पत्रों में लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक जांच करने का निर्देश दिया गया था।

न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश की तरफ से पारित आदेश को पढ़ने से पता चला कि इस बात की जरा भी भनक नहीं थी कि उच्च न्यायालय को राज्य की तरफ से की जा रही जांच अनुचित क्यों लगती है। पीठ ने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं है कि उच्च न्यायालय, भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए, जांच सीबीआई को सौंपने के लिए सशक्त है। पीठ ने कहा, हालांकि, ऐसा करने के लिए उसे इस बात पर विचार करना होगा कि राज्य पुलिस की तरफ से की गई जांच निष्पक्ष या पक्षपातपूर्ण क्यों नहीं है।

YOU MAY ALSO LIKE

हरारे में सूर्यवंशी का जलवा: भारत की 7 विकेट से शानदार जीत

धूप की ढाल: तेल के झटके का लंबा जवाब है भारत का स्वच्छ-ऊर्जा निर्माण

‘कुछ पत्रों के आधार पर इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं’
पीठ ने कहा कि केवल कुछ पत्रों के आधार पर इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। शीर्ष अदालत पश्चिम बंगाल की तरफ से दायर एक याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें जलपाईगुड़ी में मौजूद उच्च न्यायालय की सर्किट बेंच की खंडपीठ की तरफ से पारित आदेश को चुनौती दी गई थी। खंडपीठ ने एकल न्यायाधीश की तरफ से पारित आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाने वाला अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया था।

उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश ने सीबीआई को पत्रों में लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक जांच या विश्लेषण करने तथा जांच के परिणाम के बारे में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। अपने आदेश में खंडपीठ ने उल्लेख किया था कि उच्च न्यायालय के समक्ष दायर एक रिट याचिका में जीटीए में स्वैच्छिक शिक्षकों की भर्ती और नियमितीकरण से संबंधित कई मुद्दे उठाए गए थे।

अवैधता और खामियों के कारण सीबीआई जांच का दिया गया निर्देश
अप्रैल में पारित अपने आदेश में खंडपीठ ने कहा था, उक्त रिट याचिका की सुनवाई के दौरान, एकल पीठ के न्यायाधीश को पत्र प्राप्त हुए, जिसमें जीटीए और राज्य की कार्रवाई में कई अवैधताओं और खामियों को चिन्हित किया गया था, जिसके कारण एकल न्यायाधीश को सीबीआई की तरफ से आरोपों की प्रारंभिक जांच या विश्लेषण करने का निर्देश देने के लिए प्रेरित किया गया। सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि इस मुद्दे पर कानून पूरी तरह से स्थापित है। खंडपीठ ने कहा, याचिका स्वीकार की जाती है। विवादित आदेश निरस्त किए जाते हैं।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation