• Latest
  • Trending

गृहयुद्ध के 14 वर्षों में 5 लाख लोगों की मौत, आधी आबादी विस्थापित

December 13, 2024
नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

October 31, 2026
नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

October 31, 2026
युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

October 31, 2026
केविन पीटरसन ने बताया, कैसे बदल रहा है भारत

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

October 31, 2026
यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

October 31, 2026
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

October 31, 2026
फिर बदला भदोही का नाम

फिर बदला भदोही का नाम

October 31, 2026
'मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी'

‘मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी’

October 31, 2026
गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

October 31, 2026
बेलापुर में भूमि के दाम आसमान पर

बेलापुर में भूमि के दाम आसमान पर

October 31, 2026
हवा सुधारने को बीएमसी का 'डीप क्लीन प्लान'

हवा सुधारने को बीएमसी का ‘डीप क्लीन प्लान’

October 31, 2026
बंगाल में चुनाव से पहले हुआ खेला लाखों फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट हुए थे जारी

पश्चिम बंगाल के स्कूलों में मोबाइल पर लगेगा बैन

October 31, 2026
Sunday, November 1, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

गृहयुद्ध के 14 वर्षों में 5 लाख लोगों की मौत, आधी आबादी विस्थापित

by ब्लिट्ज़ इंडिया
December 13, 2024
in the blitz
0
ब्लिट्ज ब्यूरो

दमिश्क। सीरियाई गृहयुद्ध के 14 वर्षों में लगभग पांच लाख लोग मारे गए। देश की आधी आबादी विस्थापित हो गई। वर्ष 2011 में भड़का विद्रोह जैसे-जैसे गृहयुद्ध में तब्दील होता गया, एक करोड़ से ज्यादा सीरियाई लोग जॉर्डन, तुर्की, इराक, लेबनान व यूरोप की ओर भाग गए।
34 वर्ष की उम्र में बशर अल- असद ने वर्ष 2000 में जब सीरिया की सत्ता संभाली थी, तब लोगों को उम्मीद थी कि वह अपने पिता के तीन दशक से अधिक समय के शासन के विपरीत एक युवा सुधारक की भूमिका निभाएंगे। तब पश्चिमी देशों से शिक्षा प्राप्त कर चुके नेत्र रोग विशेषज्ञ बशर ने सौम्य व्यवहार वाले कंप्यूटर व तकनीक प्रेमी की छवि बनाई लेकिन, मार्च 2011 में जब उनकी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, तब बशर पर असहमति को कुचलने के प्रयास में अपने पिता की क्रूर रणनीति अपनाने के आरोप लगे। विद्रोह जब गृहयुद्ध में बदल गया, तो उन्होंने ईरान व रूस जैसे सहयोगियों के समर्थन से विपक्ष के कब्जे वाले शहरों को नष्ट करने लिए अपनी सेना को तैनात कर दिया। अतंरराष्ट्रीय अधिकार समूहों व अभियोजकों ने सीरिया के सरकारी हिरासत केंद्रों में यातना व न्यायेतर हत्याओं के आरोप लगाए। गृहयुद्ध में लगभग पांच लाख लोगों के मारे जाने और युद्ध से पहले 2.3 करोड़ की आबादी में से आधे लोगों के विस्थापित होने का अंदेशा जताया गया।

तुर्किए में रहते हैं सबसे ज्यादा रिफ्यूजी
सीरिया के लगभग आधे पंजीकृत शरणार्थी, या 31 लाख तुर्किये में रहते हैं, जो दुनिया में सबसे बड़ी शरणार्थी आबादी की मेजबानी करता है। तुर्की तुर्की सरकार सीरियाई लोगों को टेम्परेरी प्रोटेक्टेड स्टेटस देता है जिससे उन्हें कानूनी रूप से रहने की इजाजत मिलती है। मगर इससे किसी को भी देश की नागरिकता नहीं मिलती। उसके बाद दूसरे नंबर पर आता है लेबनान जोकि लगभग 7 लाख 74 हजार पंजीकृत शरणार्थियों को शरण देता है। अगर इसमें अपंजीकृत व्यक्तियों को शामिल कर लिया जाए तो कुल संख्या करीब 15 लाख हो जाती है। लेबनान में हर पांच में से एक व्यक्ति सीरियाई शरणार्थी है। दोनों देशों के बीच आवाजाही आसान थी क्योंकि सीमा पार करने के लिए एक आईडी कार्ड ही काफी था। इसलिए शरणार्थियों ने बड़ी संख्या में और तेज़ी से लेबनान में शरण लेना शुरू कर दिया।

YOU MAY ALSO LIKE

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

तीसरा देश है जर्मनी. यूनाइटेड नेशन्स के मुताबिक जर्मनी में 7 लाख 16 हजार सीरियाई शरणार्थी रहते हैं। एंजेला मर्केल की सरकार ने सीरिया के गृहयुद्ध से भाग रहे शरणार्थियों के लिए जर्मनी की सीमाओं को बंद नहीं करने का निर्णय लिया था। उस समय माहौल यह था कि जर्मनी प्रबंधन कर लेगा हालांकि अब चीजें काफी बदल गई हैं।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation