• Latest
  • Trending

एंटीबायोटिक के लिए सख्त होंगे नियम, बनीं तीन समितियां

October 25, 2024
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

October 5, 2026
स्लीमनाबाद टनल

विंध्य की धरती को मिलेगा मां नर्मदा का आशीर्वाद, जल सुरंग की खुदाई पूरी

October 5, 2026
ev-scooter

23 रुपए में दिनभर के लिए इलेक्टि्रक स्कूटर

October 5, 2026
सोना 4,550 डॉलर के पार, चांदी भी 67 डॉलर के ऊपर

सोना गिरवी रखकर लोन लेने में यूपी वाले सबसे आगे

October 5, 2026
metro

मुंबई मेट्रो का महाविस्तार: 6 नए रूट पर 374 किमी में 130 स्टेशन

October 5, 2026
खटमलों ने उड़ाई अफसरों की नींद

खटमलों ने उड़ाई अफसरों की नींद

October 5, 2026
Thursday, October 8, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

एंटीबायोटिक के लिए सख्त होंगे नियम, बनीं तीन समितियां

श्वसन तंत्र, बिगड़ैल बुखार और निमोनिया में इन दवाओं के इस्तेमाल पर कसा जाएगा शिकंजा

by ब्लिट्ज़ इंडिया
October 25, 2024
in the blitz
0
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। एंटीबायोटिक दवाओं को लेकर केंद्र सरकार ने देश में और सख्त कानून लागू करने का फैसला लिया है। इसके लिए तीन समितियों का गठन किया है जो ऊपरी श्वसन तंत्र, बिगड़ैल बुखार और आबादी में फैले निमोनिया से लड़ने के लिए एंटीबायोटिक दवाओं को लेकर नियमों पर विचार करेंगी। समितियों में अलग अलग एम्स और देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों के 19 डॉक्टरों को शामिल किया गया है। नई दिल्ली स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने जानकारी दी है कि आगामी दिनों में एंटीबायोटिक दवाओं से जुड़े दिशानिर्देशों में संशोधन किया जा सकता है। ये तीनों समितियां अलग अलग विषयों पर वैज्ञानिक तथ्यों के साथ अपनी सिफारिश सौंपेंगी। ऊपरी श्वसन तंत्र को लेकर गठित समिति में कुल 11 डॉक्टर हैं जो दिल्ली, चेन्नई, पुणे, जयपुर, भोपाल, कल्याणी, गोरखपुर, राजकोट, चंडीगढ़ और गुवाहाटी के संस्थानों में कार्यरत हैं।

वहीं बिगड़ैल बुखार को लेकर मणिपाल के कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज और देवघर एम्स के दो विशेषज्ञों को जिम्मेदारी सौंपी है। इसी तरह आबादी में फैले निमोनिया को लेकर समिति में कुल आठ सदस्य हैं जो चेन्नई, पांडिचेरी, दिल्ली, एम्स मंगलागिरी, कोयंबटूर और एम्स देवघर में कार्यरत हैं।

YOU MAY ALSO LIKE

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

30 से 40 फीसदी तक मामले बढ़े
इन्फ्लुएंजा ए (एच1एन1) और (एच३एन2) के अलावा इन्फ्लूएंजा बी, पैराइन्फ्लुएंजा 3, रेस्पिरेटरी सिसिटियल वायरस (आरएसवी) और एडिनोवायरस आबादी में प्रसारित हैं। हाल ही में जीनोमिक्स-आधारित जांच करने वाले हेस्टैकएनालिटिक्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सितंबर से दिसंबर 2023 के बीच दिल्ली और एनसीआर में श्वसन संबंधी समस्याओं से जुड़े मामलों में 30 से 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।

बुखार की शुरुआत में एंटीबायोटिक लेना गलत
बिगड़ैल बुखार को लेकर आईसीएमआर का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में खासतौर पर कोरोना महामारी के बाद से कुछ मरीजों में लक्षण लंबे समय तक देखने को मिल रहे हैं। इनकी पहचान करना काफी मुश्किल होता है। कई बार शुरुआत में ही एंटीबायोटिक दवाएं शुरू कर देते हैं, जिसके चलते आगे चलकर इनके लिए दवाओं के विकल्प काफी सीमित रह जाते हैं। साथ ही इन दवाओं के कारण रोगाणुरोधी प्रतिरोध की आशंका भी रहती है।

दवाओं का इस्तेमाल किया जाएगा सीमित
आईसीएमआर का कहना है कि देश के अधिकांश हिस्सों में एंटीबायोटिक दवाओं की प्रैक्टिस और स्वयं दवा लेने का रिवाज बना हुआ है। इसकी दूसरी तस्वीर यह है कि भारत में रोगाणुरोधी प्रतिरोध के मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ-साथ नई तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए इन दवाओं के इस्तेमाल को सीमित मात्रा में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation